उत्तर प्रदेश का मुरादाबाद शहर अपनी पीतल की कारीगरी के लिए दुनिया भर में पीतल नगरी के रूप में पहचान रखता है, जहां तैयार धातु के बर्तन और सजावटी सामान देश और विदेश में भेजे जाते हैं। औद्योगिक पहचान के साथ ही इस शहर का खान-पान भी बेहद खास रहा है। पारंपरिक रूप से मशहूर मुरादाबादी मूंग दाल और मांसाहारी बिरयानी के बाद अब यहां के स्ट्रीट फूड में मलाई चाप रोल ने अपनी एक अलग जगह बना ली है। शाम होते ही इस नए स्वाद का लुत्फ उठाने के लिए लोगों का तांता लग रहा है।
रूमाली रोटी में लिपटा खास मलाई चाप
इस स्ट्रीट डिश को तैयार करने का तरीका इसे बाकी विकल्पों से अलग बनाता है। प्रकाश नगर चौराहे पर मौजूद दुकान के संचालक भरत सिंह के अनुसार, मलाई चाप रोल बनाने की प्रक्रिया काफी व्यवस्थित है। सबसे पहले सोया चाप को लोहे की सींकों में पिरोकर धीमी आंच पर अच्छी तरह सेका जाता है। जब चाप पूरी तरह पक जाती है, तो उसे सींक से उतारकर छोटे टुकड़ों में काटा जाता है। इसके बाद ताजी तैयार की गई पतली रूमाली रोटी पर इन टुकड़ों को रखा जाता है। इसमें खास मसालों, तीखी मिर्च और अन्य जायकेदार सामग्रियों का सटीक मिश्रण मिलाया जाता है, जो इसके मलाईदार स्वाद को और चटपटा बना देता है। अंत में इसे रोल का आकार देकर गरमा-गरम परोसा जाता है।
रामपुर और आसपास के इलाकों से पहुंच रहे शौकीन
स्वाद के मामले में यह रोल ग्राहकों को खूब लुभा रहा है। भरत सिंह का कहना है कि जो भी व्यक्ति एक बार इस चाप रोल का स्वाद चखता है, वह दोबारा यहां खिंचा चला आता है। इसकी लोकप्रियता का दायरा सिर्फ मुरादाबाद शहर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि निकटवर्ती जिले रामपुर और आसपास के उपनगरीय इलाकों से भी खान-पान के शौकीन विशेष रूप से यहां पहुंच रहे हैं। हर वर्ग के लोगों के बीच इस रोल पराठे की मांग तेजी से बढ़ रही है।
प्रकाश नगर चौराहे पर स्थित दुकान का पता और कीमत
मुरादाबाद के स्ट्रीट फूड सर्किट में यह खास स्वाद प्रकाश नगर चौराहे पर स्थित एक जानी-मानी दुकान पर उपलब्ध है, जिसे स्थानीय लोग पंजाबी रसोई पुरानी चांद की दुकान के नाम से जानते हैं। अगर कीमत की बात करें तो इस मलाई चाप रोल का दाम 140 रुपये प्रति रोल रखा गया है। अपने अलग अंदाज, ताजी सामग्री और संतुलित मसालों के दम पर यह मलाई चाप रोल शहर के चुनिंदा लोकप्रिय व्यंजनों की सूची में तेजी से शामिल हो चुका है।



















