गेंद पर लगभग पूरा कब्जा, लगातार हमले और फिर भी स्कोरबोर्ड पर सिर्फ एक बड़ा शून्य. बॉस्टन स्टेडियम में बीती रात इंग्लैंड और घाना के बीच खेला गया फीफा वर्ल्ड कप का ग्रुप मुकाबला बिना किसी गोल के 0-0 की बराबरी पर खत्म हो गया. दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर रही, लेकिन घाना के मजबूत डिफेंस ने इंग्लैंड को पूरे 90 मिनट गोल के लिए तरसा दिया. इस नतीजे ने ग्रुप L की तस्वीर को और उलझा दिया है और अब आखिरी राउंड के मैच ही तय करेंगे कि कौन सी टीमें आगे बढ़ेंगी.
दोनों टीमें इस मुकाबले में बराबर 3-3 अंक लेकर उतरी थीं. इंग्लैंड ने अपने पहले मैच में क्रोएशिया को 4-2 से हराया था, वहीं घाना ने केलब यिरेनकी के इंजरी टाइम में किए गोल की बदौलत पनामा को 1-0 से शिकस्त दी थी. दोनों ही टीमों के सामने मौका था कि एक और जीत उन्हें तय समय से पहले ही राउंड ऑफ 32 का टिकट दिला दे.
इंग्लैंड का दबदबा, घाना की दीवार
थॉमस ट्यूशेल की इंग्लैंड टीम ने शुरुआती मिनट से ही गेंद पर अपना कब्जा जमाए रखा. दूसरी तरफ घाना के कोच कार्लोस क्येरोज ने पूरी तरह डिफेंसिव रणनीति अपनाई. ब्लैक स्टार्स ने कॉम्पैक्ट 5-4-1 फॉर्मेशन में खेलते हुए इंग्लैंड को बार-बार पीछे और बगल में पास देने पर मजबूर किया.
इंग्लैंड के पास इस मैच में गेंद पर 78.8 फीसदी कब्जा रहा, जो वर्ल्ड कप के इतिहास में किसी भी टीम का सबसे ज्यादा पजेशन है. इसके बावजूद टीम एक भी गोल नहीं कर सकी. इंग्लैंड ने पूरे मैच में कुल 19 शॉट लगाए, लेकिन इनमें से सिर्फ 3 ही टारगेट पर रहे. वहीं घाना ज्यादातर वक्त अपनी ही हाफ में गहराई तक उतरकर बचाव करता रहा. पूरे मुकाबले में घाना ने सिर्फ 2 शॉट लिए, जिनमें से एक ने गोलकीपर की परीक्षा ली.
24 फाउल और गरमाया माहौल
क्येरोज की टीम ने मैच में 24 फाउल किए और बार-बार इंग्लैंड की लय तोड़कर उसे लगातार हमले बनाने से रोका. मुकाबले के शुरुआती पलों में बड़ा विवाद भी देखने को मिला. प्रिंस अडू इंग्लैंड की रक्षापंक्ति को चकमा देकर गोल की ओर बढ़ते दिखे, तभी एजरी कॉन्सा ने पीछे से स्लाइड करते हुए टैकल किया. घाना के खिलाड़ियों और बेंच ने जोरदार तरीके से पेनल्टी की मांग की, लेकिन रेफरी ने यह अपील ठुकरा दी.
हाफ टाइम से ठीक पहले दोनों खेमों के बीच तनाव भी साफ दिखा. टनल की ओर जाते समय इंग्लैंड के जूड बेलिंगहैम और घाना के कोच कार्लोस क्येरोज के बीच तीखी बहस हुई.
ड्रॉ का बादशाह इंग्लैंड
यह बराबरी इंग्लैंड के एक खास रिकॉर्ड में और इजाफा कर गई. इंग्लैंड अब तक वर्ल्ड कप में 23 मैच ड्रॉ खेल चुका है, जो किसी भी देश के मुकाबले सबसे ज्यादा है. इनमें से 13 मुकाबले 0-0 की बराबरी पर खत्म हुए हैं.
ग्रुप L में फंसा पेच
इस नतीजे के बाद ग्रुप L में स्थिति पूरी तरह उलझ गई है. फिलहाल इंग्लैंड और घाना दोनों आगे चल रहे हैं, जबकि क्रोएशिया और पनामा उनसे पीछे हैं. इंग्लैंड अपना आखिरी ग्रुप मुकाबला पनामा से खेलेगा. जीत हासिल होने पर इंग्लैंड ग्रुप में टॉप पर रहते हुए राउंड ऑफ 32 के लिए आसान ड्रॉ पा सकता है. दूसरी ओर घाना का सामना क्रोएशिया से होगा और इस बराबरी के बाद उसके पास भी अगले दौर में पहुंचने का तगड़ा मौका बना हुआ है.













