फीफा विश्व कप में पहली बार मुंह छिपाने पर मिला रेड कार्ड
TrendKia की रिपोर्ट के अनुसार, फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप चरण के मुकाबले बेहद रोमांचक मोड़ ले रहे हैं। ऐसा ही एक अनोखा वाकया तुर्की और परागुआ के बीच खेले गए मैच में देखने को मिला। खेल के इतिहास में पहली बार किसी खिलाड़ी को केवल इसलिए मैदान छोड़ना पड़ा क्योंकि उसने विरोधी टीम के खिलाड़ी से बात करते समय अपना मुंह ढक लिया था। इस अनुशासनात्मक उल्लंघन के लिए खिलाड़ी को सीधे रेड कार्ड का सामना करना पड़ा।
मैदान पर कैसे शुरू हुआ यह पूरा विवाद?
यह अप्रत्याशित घटना उस समय शुरू हुई जब परागुआ के प्रमुख खिलाड़ी इसिड्रो पिट्टा प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी से टकराने के बाद गंभीर रूप से मैदान पर गिर गए। तुर्की के खिलाड़ियों का मानना था कि इसिड्रो पिट्टा समय बर्बाद करने के लिए चोट का नाटक कर रहे हैं, और उन्होंने गुस्से में उन्हें तुरंत खड़े होने के लिए कहा। अपने साथी खिलाड़ी का बचाव करने के लिए परागुआ के अन्य खिलाड़ी भी वहां पहुंच गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस छिड़ गई।
इसी हंगामे के बीच तुर्की के खिलाड़ी मर्ट मुल्डुर ने तुरंत मैच रेफरी इवान बार्टन का ध्यान खींचा और उनसे VAR मॉनिटर की मदद लेने की मांग की। मर्ट मुल्डुर का आरोप था कि परागुआ के खिलाड़ी मिगुएल अल्मिरोन ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अपना मुंह छिपाकर विरोधी खिलाड़ियों से कुछ कहा था। यह फीफा के उस नए नियम का सीधा उल्लंघन था, जो खिलाड़ियों को किसी भी बहस या टकराव के दौरान मुंह ढककर बात करने से रोकता है।
नियम उल्लंघन पर VAR की सख्त कार्रवाई
रेफरी इवान बार्टन ने मैदान के किनारे लगे मॉनिटर पर जाकर जब खुद इस घटना के वीडियो फुटेज की बारीकी से जांच की, तो उन्होंने बिना किसी देरी के न्यूकैसल के पूर्व स्टार खिलाड़ी मिगुएल अल्मिरोन को सीधा रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर का रास्ता दिखा दिया। जब यह ड्रामा हुआ, तब परागुआ की टीम मैच में 1-0 से आगे चल रही थी। मैच के दूसरे ही मिनट में मटियास गैलार्जा द्वारा दागे गए गोल की बदौलत परागुआ को शुरुआती बढ़त मिली थी।
आखिर क्यों बनाया गया मुंह ढकने पर रेड कार्ड का यह नियम?
मैदान पर गाली-गलौज और अभद्र भाषा के इस्तेमाल को रोकने के लिए इस नियम को काफी सोच-समझकर तैयार किया गया है। इसी साल अप्रैल में इंटरनेशनल फुटबॉल एसोसिएशन बोर्ड की एक विशेष बैठक के दौरान मैदान पर विवाद के समय मुंह ढकने को रेड कार्ड श्रेणी का अपराध घोषित किया गया था। इस नए नियम को कुछ संशोधनों के साथ फीफा विश्व कप 2026 में लागू करने का फैसला किया गया।
इस नियम को लाने की असल वजह इसी साल फरवरी में रियल मैड्रिड और बेनफिका के बीच हुए चैंपियंस लीग के एक बेहद कड़े मुकाबले से जुड़ी है। उस मैच में रियल मैड्रिड के स्टार खिलाड़ी विनीसियस जूनियर ने आरोप लगाया था कि बेनफिका के खिलाड़ी जियानलुका प्रेस्टियानी ने एस्टादियो दा लूज स्टेडियम में गोल करने के तुरंत बाद जानबूझकर अपना मुंह छिपाकर उन पर नस्लीय टिप्पणी की थी। इसी घटना के बाद फुटबॉल की नियामक संस्थाओं ने इस व्यवहार पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया।













