पुर्तगाल की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के 41 वर्षीय दिग्गज खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने भविष्य को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। राजधानी लिस्बन में उन्होंने स्वीकार किया कि हालिया विश्व कप के दौरान स्पेन के खिलाफ अंतिम-16 दौर में मिली हार के बाद उनके मन में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कहने का विचार आया था। हालांकि, गहन विचार-विमर्श के बाद उन्होंने अपने सफर को जारी रखने का फैसला किया, भले ही उनके अपने देश में कुछ आलोचक और टेलीविजन चैनल अब उन्हें राष्ट्रीय टीम की जर्सी में नहीं देखना चाहते हैं।
वेल्स के खिलाफ 234वें मैच में उतरने की तैयारी
पुर्तगाल का सामना नेशंस लीग के आगामी मुकाबले में बृहस्पतिवार को वेल्स से होने जा रहा है। इस मुकाबले में मैदान पर कदम रखते ही क्रिस्टियानो रोनाल्डो अपने देश के लिए 234वां अंतरराष्ट्रीय मैच पूरा कर लेंगे। टीम के मुख्य कोच जॉर्ज जीसस पहले ही साफ कर चुके हैं कि वेल्स के खिलाफ इस महत्वपूर्ण मुकाबले के शुरुआती एकादश में रोनाल्डो को शामिल किया गया है। मैच से पूर्व आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में जब उनसे पूछा गया कि क्या जुलाई में स्पेन के हाथों मिली हार के बाद उन्होंने खेल छोड़ने का मन बनाया था, तो उन्होंने इस बात को स्वीकार किया।
“हां, मैंने ऐसा सोचा था। मैं हमेशा अपने फैसलों अपने भविष्य और वर्तमान के बारे में सोचता रहता हूं।”
कोच जॉर्ज जीसस और फुटबॉल संघ से बातचीत
संन्यास के विचार पर आगे बात करते हुए क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने बताया कि उन्होंने इस विषय पर पुर्तगाल के फुटबॉल संघ के अध्यक्ष के साथ-साथ कोच जॉर्ज जीसस से भी विस्तृत चर्चा की थी। गौरतलब है कि जॉर्ज जीसस इससे पहले रोनाल्डो के क्लब अल-नासर के मुख्य कोच की भूमिका निभा चुके हैं, जहां उनके मार्गदर्शन में टीम ने मई के महीने में सऊदी लीग की चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम की थी। इस आपसी तालमेल और संवाद के बाद ही दिग्गज फॉरवर्ड ने देश के लिए खेलना जारी रखने का संकल्प लिया।
आलोचनाओं के बीच नई पीढ़ी के साथ खेलने का जज्बा
क्रिस्टियानो रोनाल्डो का मानना है कि वह अब भी अपनी राष्ट्रीय टीम को आगे ले जाने और उसके लक्ष्यों को हासिल करने में पूरी तरह सक्षम हैं। उन्होंने साफ किया कि वह उसी दिन संन्यास की घोषणा करेंगे, जिस दिन उन्हें अहसास होगा कि वह टीम के प्रदर्शन में कोई सकारात्मक योगदान नहीं दे पा रहे हैं। मौजूदा टीम में कई युवा चेहरे शामिल हो चुके हैं, लेकिन रोनाल्डो का मुख्य ध्यान मैदान पर उतरकर गोल दागने और पुर्तगाल को जीत दिलाने पर केंद्रित है।
अपने गृह देश में हो रही आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि पुर्तगाल के आम प्रशंसक उन्हें आज भी बेहद प्यार करते हैं। हालांकि, वह इस हकीकत से भी वाकिफ हैं कि कुछ टीवी चैनल लगातार उनकी आलोचना करते हुए उन्हें टीम से बाहर करने की मांग उठा रहे हैं। रोनाल्डो ने कहा कि वह पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से इस तरह के दबाव और माहौल को देखते आ रहे हैं, इसलिए उनका ध्यान केवल उन लोगों पर रहता है जो उनका समर्थन करते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बच्चे उन्हें अपना आदर्श मानते हैं और वह भविष्य में भी युवाओं के लिए प्रेरणा बने रहेंगे। मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा कि जब वह संन्यास लेंगे, तब भी आने वाले 10 वर्षों के बाद तक लोग उन्हें एक मिसाल के रूप में याद रखेंगे।





















