चीनी की कीमतों पर नियंत्रण के लिए भारत सरकार का फैसला, मिलों के लिए लागू होगा पखवाड़े का नया बिक्री ढांचास्टैनफोर्ड सर्वेक्षण का बड़ा खुलासा: अमेरिका में राजनीतिक ध्रुवीकरण को खत्म करने को लेकर जेन ज़ी सबसे अधिक आशावादीएमएससीआई इंडिया इंडेक्स में बड़ा फेरबदल: लौरस लैब्स और लेंसकार्ट समेत 4 शेयर शामिल, 3 कंपनियां बाहरबीकानेर निकाय चुनाव के बीच चोरी के गहने खरीदने के आरोप में संजय सोनी गिरफ्तार, भाजपा ने पद से हटायादिशा सालियन मृत्यु जांच याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, आदित्य ठाकरे के वकील ने दी राजनीतिक द्वेष की दलीलधौलपुर जिला जेल में रक्षाबंधन पर उमड़ा जज्बात का सैलाब बहनों ने बंदियों की कलाई पर बांधी राखीकभी खुशी कभी गम से वॉर तक ऋतिक रोशन की 5 ब्लॉकबस्टर फिल्में जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर रचा इतिहासफेडेरल रिजर्व चेयरमैन केविन वॉश के पहले जैक्सन होल भाषण से पहले करेंसी मार्केट सतर्क, अमेरिकी डॉलर में बड़े फेरबदल के आसारआईटी शेयरों की धमाकेदार तेजी से उभरा शेयर बाजार, सेंसेक्स 330 अंक सुधरातेलंगाना कांग्रेस में अंदरूनी कलह के बीच रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री आवास पहुंचीं कोंडा सुरेखा, रेवंत रेड्डी संग दिखी दूरी
एंड्रॉइड और आईफोन के बीच फाइल ट्रांसफर हुआ आसान, बिना थर्ड पार्टी ऐप के डेटा शेयर करने के बेहतरीन तरीकेगैजेट्स
28 अग॰ 2026, 4:32 pm (2 घंटे पहले)· 2

एंड्रॉइड और आईफोन के बीच फाइल ट्रांसफर हुआ आसान, बिना थर्ड पार्टी ऐप के डेटा शेयर करने के बेहतरीन तरीके

गूगल द्वारा एंड्रॉइड सिस्टम में किए गए नए तकनीकी अपडेट के बाद अब आईफोन और एंड्रॉइड स्मार्टफोन के बीच बिना किसी अतिरिक्त ऐप के डायरेक्ट फाइल शेयरिंग संभव हो गई है।

विभिन्न मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे एंड्रॉइड और आईओएस (iOS) के बीच फोटो, डॉक्यूमेंट, कॉन्टैक्ट कार्ड और वेब लिंक ट्रांसफर करना लंबे समय से उपयोगकर्ताओं के लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य रहा है। इसके लिए अक्सर थर्ड-पार्टी ऐप्स या क्लाउड स्टोरेज का सहारा लेना पड़ता था। लेकिन गूगल द्वारा एंड्रॉइड सिस्टम में किए गए हालिया तकनीकी बदलावों के बाद अब आईफोन और एंड्रॉइड स्मार्टफोन के बीच बिना कोई अतिरिक्त ऐप इंस्टॉल किए फाइल शेयर करना बेहद आसान हो गया है। हालांकि, अलग-अलग हैंडसेट निर्माताओं और मॉडल के अनुसार इन फीचर्स के सेटिंग्स में मामूली अंतर हो सकता है, लेकिन ज्यादातर आधुनिक डिवाइसों पर ये तरीके पूरी तरह काम करते हैं।

गूगल पिक्सल और सैमसंग पर डायरेक्ट एयरड्रॉप सपोर्ट की सुविधा

इस पूरी प्रक्रिया में सबसे बड़ा बदलाव गूगल द्वारा हाल ही में लाया गया एयरड्रॉप (AirDrop) सपोर्ट है। एप्पल का एयरड्रॉप मुख्य रूप से आईफोन, आईपैड और मैक जैसे एप्पल डिवाइसों के बीच फाइल ट्रांसफर के लिए एक बंद इकोसिस्टम वाला प्रोटोकॉल रहा है। गूगल ने अपने क्विक शेयर (Quick Share) फीचर के जरिए नए पिक्सल फोन और हाल ही में लॉन्च हुए सैमसंग गैलेक्सी स्मार्टफोन में ऐसा तकनीकी सिस्टम विकसित किया है, जिससे वे पास मौजूद आईफोन से सीधे कनेक्ट हो सकते हैं। इस नए फीचर के विकास में एप्पल की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं रही है, लेकिन एप्पल ने गूगल के इस कदम पर कोई रोक भी नहीं लगाई है, जिससे यह तकनीक एंड्रॉइड उपयोगकर्ताओं के लिए सुलभ हो गई है।

ये भी पढ़ें

फाइल ट्रांसफर से पहले डिवाइसों में जरूरी सेटिंग्स और कॉन्फ़िगरेशन

दोनों स्मार्टफोन के बीच वायरलेस फाइल शेयरिंग शुरू करने से पहले उपयोगकर्ताओं को कुछ बुनियादी सेटिंग्स चालू करनी होती हैं। सैमसंग गैलेक्सी हैंडसेट का उपयोग करने वालों को सबसे पहले सेटिंग्स मेनू में जाना होगा, वहां कनेक्टेड डिवाइसेस (Connected devices) विकल्प पर टैप करके क्विक शेयर (Quick Share) चुनना होगा। इसके बाद 'शेयर विद एप्पल डिवाइसेस' (Share with Apple devices) वाले टॉगल बटन को ऑन करना अनिवार्य है। इसके विपरीत, गूगल पिक्सल फोन में अलग से कोई टॉगल स्विच ऑन करने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि यह फीचर पिक्सल डिवाइसों में पहले से ही सक्रिय रहता है। वहीं, आईफोन की तरफ से सेटिंग्स में जाकर जनरल (General) पर टैप करना होता है, फिर एयरड्रॉप (AirDrop) विकल्प में जाकर 'एवरीवन फॉर 10 मिनट्स' (Everyone for 10 Minutes) को चुनना होता है।

एंड्रॉइड से आईफोन पर फाइल भेजने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

डिवाइस की प्रारंभिक तैयारी पूरी हो जाने के बाद एंड्रॉइड फोन से आईफोन पर कोई भी सामग्री भेजना बेहद सरल हो जाता है। उपयोगकर्ता किसी भी एंड्रॉइड ऐप, जैसे गैलरी या वेब ब्राउज़र में जाकर शेयर बटन पर टैप कर सकते हैं। इसके बाद स्क्रीन पर दिखाई देने वाली शेयरिंग लिस्ट में से क्विक शेयर (Quick Share) का चयन करना होता है। ऐसा करते ही आसपास मौजूद संगत डिवाइसेस की स्कैनिंग शुरू हो जाती है और पास रखा आईफोन स्क्रीन पर दिखने लगता है। आईफोन के नाम पर टैप करते ही फाइल ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, जिसे प्राप्त करने वाले आईफोन यूजर को अपनी स्क्रीन पर स्वीकार (एक्सेप्ट) करना होता है।

आईफोन से एंड्रॉइड डिवाइस पर डेटा प्राप्त करने का तरीका

यह प्रक्रिया विपरीत दिशा में भी उतनी ही आसानी से काम करती है, जब कोई आईफोन यूजर एयरड्रॉप के जरिए सीधे एंड्रॉइड स्मार्टफोन पर फाइल भेजना चाहता है। इसके लिए एंड्रॉइड फोन को अन्य डिवाइसों से डेटा प्राप्त करने के लिए तैयार रखना आवश्यक है। गूगल पिक्सल स्मार्टफोन में उपयोगकर्ता को सेटिंग्स मेनू के भीतर कनेक्शन प्रिफरेंसेस (Connection preferences) में जाना होता है, फिर क्विक शेयर (Quick Share) में जाकर 'हू कैन शेयर विद यू' (Who can share with you) विकल्प को सेट करना होता है। इसी तरह सैमसंग गैलेक्सी फोन में यह विकल्प सेटिंग्स के अंदर कनेक्टेड डिवाइसेस (Connected devices), फिर क्विक शेयर और 'हू कैन शेयर विद यू' के तहत उपलब्ध होता है।

क्यूआर कोड तकनीक: सभी एंड्रॉइड स्मार्टफोन के लिए यूनिवर्सल जरिया

डायरेक्ट एयरड्रॉप सपोर्ट के अलावा गूगल ने एंड्रॉइड से आईओएस पर फाइल भेजने के लिए एक क्यूआर कोड (QR code) आधारित तरीका भी पेश किया है। यह विकल्प उन सभी एंड्रॉइड स्मार्टफोन पर काम करता है जिनमें डायरेक्ट एयरड्रॉप की सुविधा उपलब्ध नहीं है। किसी भी ऐप से फाइल शेयर करते समय जब क्विक शेयर पैनल खुलता है, तो एयरड्रॉप सपोर्ट न होने की स्थिति में दाएं तरफ 'शेयर विद आईफोन एंड अदर डिवाइसेस' (Share with iPhone and other devices) के नीचे 'यूज़ क्यूआर कोड' (Use QR code) का विकल्प दिखाई देता है। कुछ ही क्षणों में यह विकल्प एक क्यूआर कोड के रूप में बदल जाता है।

क्यूआर कोड की स्कैनिंग, क्लाउड स्टोरेज सीमाएं और नियम

क्यूआर कोड के जरिए फाइल प्राप्त करने के लिए आईफोन में एयरड्रॉप को 'एवरीवन फॉर 10 मिनट्स' पर सेट करना जरूरी होता है। इसके बाद आईफोन के कैमरे को एंड्रॉइड स्क्रीन पर दिख रहे क्यूआर कोड की ओर करने पर एक विशेष गूगल वेब एड्रेस खुलता है। यह एड्रेस उपयोगकर्ता को एक साधारण डाउनलोड पेज पर ले जाता है जहां से फाइल डाउनलोड की जा सकती है। गूगल के अनुसार, इस माध्यम से ट्रांसफर की गई फाइलें क्लाउड सर्वर पर केवल 24 घंटे तक ही सुरक्षित रहती हैं, जिसके बाद उन्हें हटा दिया जाता है। ये फाइलें यूजर के गूगल ड्राइव स्टोरेज कोटा में गिनती नहीं की जाती हैं। एक ही बार में अधिकतम 1,000 फाइलें और कुल 20 आईफोन, आईपैड या मैक डिवाइसों तक फाइलें शेयर की जा सकती हैं।

अन्य वैकल्पिक माध्यम: मैसेजिंग ऐप्स और क्लाउड स्टोरेज सर्विसेज

गूगल के इन इन-बिल्ट टूल्स के अलावा उपयोगकर्ता अन्य पारंपरिक तरीकों का भी उपयोग कर सकते हैं। छोटे साइज की फाइलों या डॉक्यूमेंट्स के लिए ईमेल में अटैचमेंट जोड़कर भेजना एक आसान जरिया है। इसके अलावा व्हाट्सएप (WhatsApp) जैसे क्रॉस-प्लेटफॉर्म मैसेजिंग ऐप्स का उपयोग करके भी एंड्रॉइड और आईफोन के बीच मीडिया शेयर किया जा सकता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि मैसेजिंग ऐप्स अक्सर फोटो और वीडियो की क्वालिटी को कंप्रेस कर देते हैं, जिसे ऐप की सेटिंग्स में जाकर बंद किया जा सकता है। वहीं गूगल ड्राइव और ड्रॉपबॉक्स (Dropbox) जैसे क्लाउड स्टोरेज प्लेटफॉर्म भी दोनों सिस्टम पर सुचारू रूप से काम करते हैं, जो एप्पल के आईक्लाउड (iCloud) की तुलना में क्रॉस-प्लेटफॉर्म शेयरिंग के लिए अधिक उपयुक्त हैं।

एंड्रॉइड और आईफोन के बीच ब्लूटूथ ट्रांसफर काम क्यों नहीं करता?

जहां एक ही ऑपरेटिंग सिस्टम के दो फोन (जैसे आईफोन से आईफोन या एंड्रॉइड से एंड्रॉइड) आसानी से एयरड्रॉप या क्विक शेयर से सीधे फाइल ट्रांसफर कर लेते हैं, वहीं एंड्रॉइड और आईफोन के बीच ब्लूटूथ से फाइल शेयर करना संभव नहीं है। इसका कारण एप्पल द्वारा आईफोन के ब्लूटूथ प्रोटोकॉल पर लगाए गए सुरक्षा प्रतिबंध हैं। आईफोन का ब्लूटूथ केवल वायरलेस इयरफोन या अन्य एक्सेसरीज को कनेक्ट करने की अनुमति देता है, लेकिन एंड्रॉइड डिवाइस के साथ वायरलेस फाइल शेयरिंग को पूरी तरह से ब्लॉक करके रखता है।

सवाल-जवाब

क्या एंड्रॉइड से आईफोन पर फाइल भेजने के लिए किसी थर्ड-पार्टी ऐप की जरूरत है?
नहीं, गूगल के नए क्विक शेयर और क्यूआर कोड अपडेट के बाद बिना कोई नया ऐप इंस्टॉल किए एंड्रॉइड और आईफोन के बीच फाइलें शेयर की जा सकती हैं।
सैमसंग फोन में आईफोन के साथ फाइल शेयरिंग कैसे ऑन करें?
सैमसंग फोन में सेटिंग्स खोलें, कनेक्टेड डिवाइसेस में जाएं, क्विक शेयर चुनें और 'शेयर विद एप्पल डिवाइसेस' विकल्प को चालू करें।
क्यूआर कोड के जरिए भेजी गई फाइलें कितने समय तक उपलब्ध रहती हैं?
क्यूआर कोड के जरिए क्लाउड में अपलोड की गई फाइलें 24 घंटे तक उपलब्ध रहती हैं, जिसके बाद वे अपने आप डिलीट हो जाती हैं।
क्या एंड्रॉइड और आईफोन के बीच ब्लूटूथ से फाइल शेयर की जा सकती है?
नहीं, एप्पल आईफोन पर ब्लूटूथ का उपयोग केवल वायरलेस इयरफोन जैसी एक्सेसरीज से कनेक्ट करने के लिए होता है, फाइल ट्रांसफर के लिए नहीं।
क्यूआर कोड मेथड से एक बार में कितनी फाइलें शेयर की जा सकती हैं?
उपयोगकर्ता एक ही बार में अधिकतम 1,000 फाइलें 20 आईफोन, आईपैड या मैक डिवाइसों तक भेज सकते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR