घरेलू मनोरंजन और पोर्टेबल होम सिनेमा के शौकीनों के लिए जेएमजीओ एन1एस 4K एक दिलचस्प विकल्प बनकर सामने आया है। यह डिवाइस ट्रिपल लेजर तकनीक और पिक्सल शिफ्टेड 4k रेजोल्यूशन वाले डीएलपी प्रोजेक्टर के रूप में काम करता है। इसमें बिल्ट-इन वर्टिकल गिम्बल दिया गया है, जिसकी मदद से इसे आसानी से झुकाकर छत पर भी सीधे स्क्रीन प्रोजेक्ट की जा सकती है। इसके साथ ही इसमें गूगल टीवी ऑपरेटिंग सिस्टम पहले से मौजूद है, जिसकी बदौलत उपयोगकर्ताओं को लोकप्रिय स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करने के लिए किसी बाहरी डोंगल या केबल की जरूरत नहीं पड़ती है।
शारीरिक बनावट और पोर्टेबिलिटी के मामले में यह मॉडल काफी हल्का और कॉम्पैक्ट है। इसमें ले जाने के लिए एक हैंडल दिया गया है और साथ में एक सुरक्षित हार्ड शेल कैरी केस मिलता है। इसके 1.2:1 थ्रो रेशियो की मदद से 40 इंच से लेकर 200 इंच तक की तस्वीर दीवार या पर्दे पर तैयार की जा सकती है। हालांकि, जहां इसका डिजाइन काफी लचीला है, वहीं ऑप्टिकल सेटअप के स्तर पर कुछ खास सीमाएं भी देखने को मिलती हैं।
ऑप्टिकल सेटअप और स्क्रीन अलाइनमेंट
प्रोजेक्टर को स्थापित करते समय सबसे पहली नजर इसके लेंस फीचर्स पर जाती है। जेएमजीओ एन1एस 4K में ऑप्टिकल जूम या लेंस शिफ्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि स्क्रीन के आकार को छोटा या बड़ा करने के लिए उपयोगकर्ता को प्रोजेक्टर को भौतिक रूप से आगे या पीछे खिसकाना पड़ता है। बेहतरीन तस्वीर गुणवत्ता हासिल करने के लिए प्रोजेक्टर को स्क्रीन के ठीक बीच में संरेखित करना जरूरी होता है।
यदि कमरे में सीमित जगह हो और प्रोजेक्टर को बीच में रखना मुमकिन न हो, तो इसमें ऑटोफोकस और ऑटोमैटिक कीस्टोन करेक्शन दिया गया है। उपयोगकर्ता अपने स्मार्टफोन पर एक सहयोगी ऐप भी डाउनलोड कर सकते हैं। यह ऐप स्क्रीन की एक तस्वीर लेकर प्रोजेक्ट की गई छवि को स्क्रीन के किनारों में फिट करने के लिए अपने आप संरेखित कर देता है। हालांकि कीस्टोन सुधार का इस्तेमाल करने पर मूल तस्वीर की गुणवत्ता में थोड़ा समझौता करना पड़ता है।
पिक्चर क्वालिटी, कंट्रास्ट और कलर परफॉर्मेंस
इस प्रोजेक्टर का सबसे मजबूत पहलू इसका कंट्रास्ट लेवल है। यह गहरे दृश्यों में गहरा काला रंग प्रदर्शित करता है और चमकीले दृश्यों में भी काले स्तर को बनाए रखने में सक्षम है। यह स्थिरता स्क्रीन पर दिखने वाले हर दृश्य को एक जबरदस्त गहराई प्रदान करती है। वहीं, इसमें कोई डायनामिक कंट्रास्ट सेटिंग नहीं दी गई है, लेकिन इसकी मूल कंट्रास्ट क्षमता ही काफी ठोस मानी जा सकती है।
रंगों की बात करें तो आउट ऑफ द बॉक्स कलर एक्यूरेसी काफी अच्छी है। इसमें सफेद रंग काफी तटस्थ नजर आता है और पूरी स्क्रीन पर दृश्य न तो अधिक गर्म दिखता है और न ही बहुत ठंडा। रंगों का फैलाव काफी समृद्ध और जीवंत है। लेकिन इसके साथ ही यह रंगों को काफी ज्यादा ओवरसैचुरेट भी करता है। इस वजह से दृश्य आंखों को भले ही बहुत आकर्षक लगे, पर वह फिल्म निर्माता की मूल रचनात्मक मंशा से थोड़ा हट जाता है।
इसके अलावा डीएलपी इमेजिंग की वजह से स्क्रीन पर रेनबो इफेक्ट देखा जा सकता है। जो दर्शक इसके प्रति संवेदनशील हैं, उन्हें दृश्य में झिलमिलाहट परेशान कर सकती है और डिवाइस के मेन्यू में इस प्रभाव को कम करने का कोई विकल्प मौजूद नहीं है। साथ ही यह प्रोजेक्टर किसी भी स्रोत से आने वाले जुडर को नहीं हटा पाता है, जिससे तेज दृश्यों में मोशन थोड़ा कटा हुआ या चॉपी महसूस हो सकता है।
ब्राइटनेस और ध्वनि प्रदर्शन
प्रोजेक्टर की चमक बहुत साधारण है। यदि इसे किसी अंधेरे कमरे में चलाया जाए तो स्क्रीन धुंधली नहीं लगती और स्क्रीन के सभी हिस्सों में ब्राइटनेस एक समान रहती है, जिससे किनारों पर विग्नेटिंग की समस्या पैदा नहीं होती। लेकिन जैसे ही कमरे में एंबियंट लाइट या बाहरी रोशनी आती है, तस्वीर काफी हल्की और धुली हुई दिखाई देने लगती है।
अवांछित शोर के मामले में इसका कूलिंग फैन बेहद शांत रहता है। शांत दृश्यों या धीमी आवाज में संवाद सुनते वक्त पंखे की आवाज दर्शकों का ध्यान बिल्कुल नहीं भटकाती। ऑडियो के लिए इसमें दो बिल्ट-इन 5W स्पीकर्स लगे हैं। कनेक्टिविटी के लिए इसमें केवल एक एचडीएमआई पोर्ट मिलता है जो ईएआरसी को सपोर्ट करता है, जिससे होम थिएटर या साउंडबार से जोड़ना आसान हो जाता है।
आउटडोर और बेडरूम उपयोग की सहूलियत
बेडरूम में इस्तेमाल के लिहाज से यह प्रोजेक्टर काफी मुफीद साबित होता है। इसके वन-एक्सिस गिम्बल की बदौलत इसे लंबवत झुकाया जा सकता है, जिससे बिस्तर पर लेटकर छत पर शो देखना बेहद आसान हो जाता है। शांत फैन और कॉम्पैक्ट आकार बेडरूम के माहौल में पूरी तरह ढल जाते हैं।
घर के बाहर या यार्ड में उपयोग के दौरान इसकी चमक सीमित होने के कारण केवल रात में ही बेहतर अनुभव मिल पाता है। दिन की रोशनी में तस्वीर फीकी पड़ जाती है। साथ ही, इसके डिजाइन के साथ कोई इनबिल्ट बैटरी नहीं दी गई है, यानी बाहर उपयोग करने के लिए बिजली के सॉकेट या एक्सटेंशन बोर्ड की जरूरत हमेशा बनी रहती है।
गेमिंग और रिस्पॉन्सिवनेस
वीडियो गेमिंग के शौकीनों के लिए यह डिवाइस संतुलित अनुभव देती है। डीएलपी तकनीक की वजह से मोशन ब्लर बेहद कम रहता है। इसका इनपुट लैग इतना कम है कि सिंगल-प्लेयर और कैजुअल गेम्स बिना किसी सुस्ती के आराम से खेले जा सकते हैं। लेकिन प्रतिस्पर्धी पीवीपी टाइटल्स के लिए, जहां हर मिलीसेकंड मायने रखता है, इसका इनपुट लैग नुकसानदेह साबित हो सकता है।
एक खास बात यह है कि कंपनी 1080p रेजोल्यूशन पर 120Hz और 240Hz सपोर्ट का प्रचार करती है, लेकिन परीक्षण में पाया गया कि यह सभी रेजोल्यूशन पर केवल 60Hz तक ही सीमित रहता है। डार्क रूम में इसका कंट्रास्ट और गहरे रंग गेम्स को शानदार पंच देते हैं, लेकिन ब्राइट रूम में खेलना चमक कम होने के चलते कठिन हो जाता है।
















