अक्सर नौकरीपेशा लोग अपने दैनिक कार्यों की व्यस्तता के कारण कर्मचारी भविष्य निधि यानी EPF खाते में नॉमिनेशन की प्रक्रिया को टालते रहते हैं। लेकिन इस छोटी सी जानकारी को दर्ज न करने के परिणाम भविष्य में उनके परिवार के लिए काफी गंभीर हो सकते हैं। ई-नॉमिनेशन का मुख्य उद्देश्य सदस्य की मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार के लिए भविष्य निधि, पेंशन और बीमा लाभों के दावे की प्रक्रिया को आसान बनाना है। नॉमिनी का विवरण होने से यह आसानी से स्पष्ट हो जाता है कि इन पैसों पर किसका अधिकार है।
यदि आपने कई वर्षों से अपने EPFO खाते में ई-नॉमिनेशन नहीं किया है, तो अब इस प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन पूरा किया जा सकता है। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि नॉमिनेशन का विवरण तब तक वैध नहीं माना जाता जब तक कि आधार आधारित ई-साइन ऑथेंटिकेशन को सफलतापूर्वक पूरा न कर लिया जाए। यह डिजिटल सत्यापन इस प्रक्रिया का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
डिजिटल हस्ताक्षर की अनिवार्यता को समझें
कई बार खाताधारक विवाह, तलाक, बच्चे के जन्म या परिवार में किसी की मृत्यु के बाद पोर्टल पर जाकर नॉमिनी का विवरण तो बदल देते हैं, लेकिन वे अंत में डिजिटल हस्ताक्षर करना भूल जाते हैं। भले ही पोर्टल पर नॉमिनी का नाम सुरक्षित दिखाई दे रहा हो, लेकिन जब तक आप डिजिटल हस्ताक्षर यानी ई-साइन की प्रक्रिया को पूरा नहीं करते, तब तक आपका ई-नॉमिनेशन कानूनी रूप से अधूरा रहता है। इस अंतिम चरण को पूरा करने के बाद ही नॉमिनेशन को वैध और पूरा माना जाता है।
EPF बचत और इससे जुड़े वित्तीय लाभ
भारत में नौकरी करने वाले लाखों लोगों के लिए EPF उनके कामकाजी जीवन के दौरान संचित होने वाला सबसे बड़ा दीर्घकालिक बचत कोष होता है। यह खाता केवल भविष्य निधि तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह सदस्य की पात्रता और सेवा इतिहास के आधार पर एम्पलाइज पेंशन स्कीम और एम्पलाइज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस योजना से मिलने वाले अन्य लाभों से भी सीधे तौर पर जुड़ा होता है।
एक सही और वैध नॉमिनेशन होने से भविष्य में क्लेम दाखिल करते समय किसी भी तरह के कानूनी विवाद या जटिलता का जोखिम खत्म हो जाता है। इससे EPFO के पास एक लिखित और रिकॉर्डेड निर्देश रहता है कि सदस्य की जमा पूंजी और लाभ किस व्यक्ति को सौंपे जाने हैं। यदि कोई नॉमिनेशन अपडेट नहीं होता है, तो खाताधारक के आश्रितों को अपनी पात्रता साबित करने के लिए कई अतिरिक्त दस्तावेज पेश करने पड़ सकते हैं, जिससे दुख की घड़ी में क्लेम मिलने में काफी देरी हो सकती है।
नॉमिनेशन को कब अपडेट करना जरूरी है?
जीवन में आने वाले बड़े बदलावों के बाद अपने ई-नॉमिनेशन की समीक्षा करना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। उदाहरण के लिए, विवाह, तलाक, बच्चे के जन्म, किसी बच्चे को गोद लेने, या पहले से नामांकित व्यक्ति की मृत्यु होने पर तुरंत नॉमिनी की जानकारी अपडेट करनी चाहिए। विवाह से पहले किया गया कोई भी नॉमिनेशन विवाह के बाद सदस्य की वर्तमान पारिवारिक जिम्मेदारियों और प्राथमिकताओं को सही ढंग से नहीं दर्शाता है।
ई-नॉमिनेशन अपडेट करने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया
ऑनलाइन माध्यम से नॉमिनी का नाम दर्ज करने और उसे सत्यापित करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:
- सबसे पहले अपने UAN, पासवर्ड और कैप्चा कोड की मदद से EPFO मेंबर ई-सेवा पोर्टल पर लॉग इन करें। लॉग इन करने के बाद आपके सामने पोर्टल का मुख्य होम पेज और डैशबोर्ड खुल जाएगा, जहाँ खाते से जुड़े विकल्प दिखाई देंगे।
- पोर्टल के मुख्य मेन्यू बार में जाकर 'मैनेज' (Manage) विकल्प पर क्लिक करें और वहां दिखाई देने वाले विकल्पों में से 'ई-नॉमिनेशन' (E-Nomination) को चुनें।
- इसके बाद स्क्रीन पर सदस्य का प्रोफाइल विवरण दिखाई देगा, जिसमें नाम, जन्म तिथि, पिता का नाम और आधार से संबंधित जानकारी शामिल होती है। ध्यान रखें कि इस प्रोफाइल में दी गई जानकारी बिल्कुल सही होनी चाहिए, क्योंकि किसी भी विसंगति के कारण ऑथेंटिकेशन फेल हो सकता है और नॉमिनेशन की प्रक्रिया रुक सकती है।
- अगले चरण में सदस्य से पूछा जाएगा कि क्या उनका ईपीएफ नियमों के अनुसार कोई परिवार है। अधिकांश सदस्यों के लिए इसका उत्तर "हाँ" होगा। यह उत्तर देने के बाद आपको जीवनसाथी, बच्चों और माता-पिता जैसे पात्र पारिवारिक सदस्यों को नॉमिनी के रूप में जोड़ने की सुविधा मिलेगी।
- अब नॉमिनी की सभी आवश्यक जानकारी जैसे उसका नाम, जन्म तिथि, लिंग, संबंध, वैवाहिक स्थिति, पता और फोटो अपलोड करें।
- यदि नॉमिनी नाबालिग यानी 18 वर्ष से कम उम्र का है, तो आपको उसके अभिभावक का विवरण भी अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा।
- सदस्य एक से अधिक व्यक्तियों को भी अपना नॉमिनी बना सकते हैं और उनके बीच मिलने वाले लाभों का प्रतिशत तय कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, एक सदस्य अपनी पत्नी के लिए 60 प्रतिशत और अपने दो बच्चों के लिए 20-20 प्रतिशत की हिस्सेदारी तय कर सकता है। कुल हिस्सेदारी का योग हमेशा 100 प्रतिशत होना चाहिए। हिस्सेदारी दर्ज करने के बाद नॉमिनेशन विवरण को सुरक्षित यानी सेव कर लें।
अंतिम चरण: ई-साइन ऑथेंटिकेशन कैसे करें
नॉमिनी की जानकारी को सुरक्षित करने के बाद सबसे महत्वपूर्ण चरण आता है। आपको पोर्टल पर दिए गए ई-साइन (e-Sign) विकल्प पर क्लिक करना होगा और आधार ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। सिस्टम आपसे आपका आधार नंबर या वर्चुअल आईडी मांगेगा, जिसके बाद आपके आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर पर एक वन-टाइम पासवर्ड यानी OTP भेजा जाएगा।
प्राप्त OTP को दर्ज कर सफलतापूर्वक सत्यापित करने के बाद, आपका नॉमिनेशन डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित हो जाएगा और अंतिम रूप से सबमिट हो जाएगा। इस ऑथेंटिकेशन के बिना प्रक्रिया पूरी नहीं होगी। खाताधारकों को कभी भी यह नहीं सोचना चाहिए कि केवल नॉमिनी का विवरण सेव कर देने से ही EPFO ई-नॉमिनेशन की प्रक्रिया पूरी हो जाती है। इसे वैध बनाने के लिए डिजिटल हस्ताक्षर करना बेहद जरूरी है।













