कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) खातों में कई बार लंबे समय तक कोई जमा राशि न आने से वे निष्क्रिय श्रेणी में चले जाते हैं। नौकरी बदलने, सेवानिवृत्त होने या दूसरे स्थान पर बसने के दौरान कई कर्मचारी अपने पुराने पीएफ फंड को निकालना या नए खाते में ट्रांसफर करना भूल जाते हैं। अपने संचित फंड को सुरक्षित रखने और उसे आसानी से प्राप्त करने के लिए निष्क्रिय खातों से जुड़े नियमों की पूरी जानकारी होना आवश्यक है।
कब निष्क्रिय घोषित होता है ईपीएफ खाता?
भविष्य निधि नियमों के अनुसार, जब किसी ईपीएफ खाते में लगातार तीन वर्ष यानी 36 महीने या उससे अधिक समय तक कोई नया अंशदान जमा नहीं होता है, तो उसे नियमानुसार निष्क्रिय घोषित कर दिया जाता है। खाते के निष्क्रिय होने के पीछे कई प्रमुख कारण हो सकते हैं। इनमें कर्मचारी की सेवानिवृत्ति, स्थाई रूप से विदेश में बस जाना, बिना रिकॉर्ड अपडेट किए अन्य स्थान पर स्थानांतरण होना अथवा खाताधारक का निधन हो जाना मुख्य रूप से शामिल है।
निष्क्रिय खाते में जमा राशि पर ब्याज मिलने का नियम
खाताधारकों के मन में यह सवाल अक्सर उठता है कि योगदान रुकने के बाद क्या पीएफ खाते में जमा पैसे पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है। वर्तमान नियमों के अनुसार, निष्क्रिय खाते में मौजूद बैलेंस पर ब्याज मिलना तुरंत बंद नहीं होता है। खाते में पड़ी जमा राशि पर तब तक नियमानुसार ब्याज जुड़ता रहता है जब तक कि खाताधारक 58 वर्ष की आयु पूरी नहीं कर लेता। 58 साल की उम्र पूरी होने के बाद ही ब्याज की गणना रोकी जाती है।
निष्क्रिय ईपीएफ खातों की दो मुख्य श्रेणियां
प्रशासनिक कार्यों को सुगम बनाने और क्लेम की प्रक्रिया को पारदर्शी रखने के लिए बंद पड़े ईपीएफ खातों को दो अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है
- यूएएन से लिंक निष्क्रिय खाते: ये वे खाते हैं जो किसी एक्टिव यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) के साथ जुड़े हुए हैं। ऐसे खातों का ऑनलाइन सत्यापन, बैलेंस चेक करना और क्लेम प्रोसेस करना काफी आसान होता है।
- बिना यूएएन वाले निष्क्रिय खाते: इस श्रेणी में वे पुराने पीएफ खाते आते हैं जो यूएएन व्यवस्था लागू होने से पहले के हैं। इन खातों से राशि निकालने या ट्रांसफर करने के लिए काघजी सत्यापन और विशेष प्रशासनिक प्रक्रिया अपनानी पड़ती है।
पैसे निकालने और ट्रांसफर करने के लिए जरूरी चरण
यदि आपका ईपीएफ खाता निष्क्रिय हो चुका है, तो क्लेम करने से पहले कुछ अनिवार्य चरण पूरे करना आवश्यक है। सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम यह है कि आप अपने ईपीएफ खाते में अपनी केवाईसी जानकारी अद्यतन कराएं। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आपका आधार, पैन कार्ड और सक्रिय बैंक खाते का विवरण ईपीएफ प्रणाली के साथ सीड और सत्यापित हो चुका है। जब सभी दस्तावेज सीड हो जाते हैं, तो खाताधारक को यह फैसला लेना होता है कि वह जमा राशि को पूरी तरह से निकालना चाहता है या फिर उसे अपने वर्तमान सक्रिय पीएफ खाते में ट्रांसफर करना चाहता है।



















