त्योहारों या फैंसी पार्टियों में बिल्ली जैसी पुतलियों वाले या चमकते नियॉन रंगों के कॉन्टैक्ट लेंस पहनना कई लोगों को बेहद आकर्षक लग सकता है। किसी कॉस्ट्यूम स्टोर से बिना सोचे-समझे प्लास्टिक का टुकड़ा अपनी संवेदनशील आंख में डाल लेना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी से जुड़े नेत्र रोग विशेषज्ञ ऐसे उत्पादों के इस्तेमाल के खिलाफ कड़ी चेतावनी देते हैं। अमेरिका में बिना डॉक्टरी पर्चे के बिकने वाले ऐसे गैर-प्रिस्क्रिप्शन लेंस पूरी तरह से अवैध हैं, हालांकि इसके बावजूद कई कंपनियां इनकी धड़ल्ले से बिक्री करती रहती हैं। स्वास्थ्य एजेंसी सीडीसी ने भी स्पष्ट किया है कि ऐसे नकली या बिना जांचे-परखे लेंस पहनने से आंखों में गंभीर छाले पड़ सकते हैं और देखने की क्षमता पूरी तरह खत्म हो सकती है।
कॉस्ट्यूम लेंस आंखों के लिए क्यों बन जाते हैं बड़ा जोखिम
बाजारों या सामान्य दुकानों में मिलने वाले सस्ते हैलोवीन लेंस आमतौर पर हर किसी के लिए एक ही आकार में बेचे जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कॉन्टैक्ट लेंस कभी भी सभी आंखों पर एक ही नाप के फिट नहीं हो सकते। हर व्यक्ति की आंख की पुतली और कॉर्निया की बनावट अलग होती है। यदि कोई लेंस आंख के आकार से बहुत बड़ा या बहुत छोटा होता है, तो वह आंख की सतह को लगातार रगड़ता रहता है। इसके कारण कॉर्निया में खरोंच आ सकती है, कॉर्निया अल्सर बन सकता है और केराटाइटिस जैसे खतरनाक संक्रमण घेर सकते हैं। ये संक्रमण इतने गंभीर रूप ले सकते हैं कि इनसे व्यक्ति पूरी तरह अंधा भी हो सकता है। साल 2017 में सामने आई एफडीए की एक रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ था, जिसमें पाया गया कि ऐसे 27 प्रतिशत कॉस्ट्यूम लेंस में पहले से ही बैक्टीरिया मौजूद थे।
यदि कोई व्यक्ति पार्टी या सामान्य दिनों में किसी भी तरह के लेंस का इस्तेमाल करता है, तो उसे आंखों में दिखने वाले शुरुआती संकेतों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार आंखों में लाली, सूजन, तेज दर्द या असामान्य चिपचिपा पानी निकलने जैसे लक्षण दिखते ही तुरंत नेत्र चिकित्सक से संपर्क करना जरूरी है। मानव शरीर के बाकी अंगों की तुलना में आंखें संक्रमण के प्रति बहुत अधिक संवेदनशील होती हैं, इसलिए जरा सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।
सुरक्षित और प्रमाणित सजावटी लेंस कैसे चुनें
कानूनी नियमों के मुताबिक किसी भी कॉन्टैक्ट लेंस की बिक्री के लिए डॉक्टर का वैध पर्चा होना अनिवार्य है। यदि कोई दुकान या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना डॉक्टर के पर्चे की जांच किए रंगीन लेंस बेच रहा है, तो समझ लीजिए कि वे उत्पाद पूरी तरह अनधिकृत और असुरक्षित हैं। प्रमाणित और सही लेंस बाजार में $40 या उससे अधिक कीमत पर उपलब्ध होते हैं। ऐसे प्रामाणिक लेंस बेचने वाली वेबसाइटें उत्पाद भेजने से पहले ग्राहक के डॉक्टर के पर्चे का विवरण मांगती हैं और जांच के बाद ही ऑर्डर पूरा करती हैं।
उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए फेडरल ट्रेड कमीशन ने यह स्पष्ट नियम बनाया है कि आंख की जांच करने वाले डॉक्टर को जांच के तुरंत बाद मरीज को उसका प्रिस्क्रिप्शन देना अनिवार्य है। मरीज उस पर्चे का इस्तेमाल अपनी पसंद की किसी भी अधिकृत दुकान से लेंस खरीदने के लिए कर सकता है। इस नियम के तहत कोई भी क्लीनिक या डॉक्टर इस पर्चे को उपलब्ध कराने के एवज में मरीज से अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूल सकता है।
सजावटी लेंस की सही देखभाल और जरूरी सावधानियां
जो लोग रोजाना लेंस पहनते हैं, वे इनकी सफाई और रख-रखाव के तौर-तरीकों से अच्छी तरह वाकिफ होते हैं। लेकिन जो लोग सिर्फ किसी खास मौके या कॉस्ट्यूम के लिए पहली बार लेंस खरीद रहे हैं, उनके लिए बुनियादी नियमों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है
- लेंस को छूने या आंख में लगाने से पहले अपने हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोकर सुखाएं।
- लेंस को हमेशा प्रमाणित कॉन्टैक्ट लेंस सॉल्यूशन में ही रखें और उनके केस को पूरी तरह साफ रखें।
- लेंस पहनकर कभी भी न सोएं और न ही इन्हें लगाकर तैराकी या स्नान करें।
- अपने इस्तेमाल किए हुए या नए लेंस को किसी भी दोस्त या रिश्तेदार के साथ बिल्कुल साझा न करें।
पार्टी में दिखने वाला डरावना या अलग लुक तभी तक अच्छा लगता है जब तक आंखें सुरक्षित रहें, क्योंकि पार्टी खत्म होने के बाद आंखों में आई लाली और दर्द किसी परेशानी से कम नहीं होता।



















