जोधपुर की भू-विरासत को यूनेस्को पहचान दिलाने की कवायद, मेहरानगढ़ में सजेगा भू-विविधता उत्सवसंसद और सभी विधानसभाएं तुरंत हों भंग, मल्लिकार्जुन खरगे ने मतपत्र से दोबारा चुनाव कराने की उठाई मांगहरियाणा के जनौली में जर्जर रास्ते से बेहाल ग्रामीणों ने अपनी जेब से बनवाई सड़क, 15 साल से अटकी सरकारी फाइलेंमलेशिया को 5-1 से रौंदकर भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जीता स्वर्ण पदक, लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का टिकट भी पक्काफ्रिज की तीखी दुर्गंध से छुटकारा दिलाएंगी रसोई में रखी ये 7 घरेलू चीजेंजिद्दी धब्बों से कपड़े खराब होने का डर खत्म, घर में रखी साधारण चीजों से चमकाएं अपनी पोशाकसीरिया में महिला जिहादी नेटवर्क संभालने वाली खदरा ईसा पर अमेरिका ने रखा 50 लाख डॉलर का इनामफ्लाईदुबई के जांबाज कैप्टन स्मित मच्छार से मिले यूएई के डिप्टी पीएम, कॉकपिट हमले के बाद बचाई थी 174 यात्रियों की जानगुजरात में आरक्षण पर छिड़ा सियासी घमासान, शंकरसिंह वाघेला और बीजेपी नेता यज्ञेश दवे आमने-सामनेमेटा के म्यूज एआई का नया खुलासा: दोस्तों और परिवार के हर सदस्य की तैयार हो रही है निजी प्रोफाइल
गुजरात में आरक्षण पर छिड़ा सियासी घमासान, शंकरसिंह वाघेला और बीजेपी नेता यज्ञेश दवे आमने-सामनेगुजरात
3 अक्तू॰ 2026, 7:26 pm (20 मिनट पहले)· 0

गुजरात में आरक्षण पर छिड़ा सियासी घमासान, शंकरसिंह वाघेला और बीजेपी नेता यज्ञेश दवे आमने-सामने

आरक्षण के बचाव में शंकरसिंह वाघेला द्वारा मैला ढोने पर 50,000 रुपये मासिक देने की चुनौती पर बीजेपी नेता यज्ञेश दवे ने तीखा पलटवार किया है.

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला की एक हालिया टिप्पणी को लेकर राज्य के सियासी गलियारों में तीखी बहस छिड़ गई है. आरक्षण के समर्थन में बोलते हुए 86 वर्षीय नेता ने कहा कि यदि पटेल, बनिया या ब्राह्मण समुदाय के लोग मैला ढोने का काम करने को तैयार हों, तो वह उन्हें प्रति माह 50,000 रुपये देने के लिए तैयार हैं. उनके इस बयान पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा एतराज जताया है और उन पर समाज में जातिगत वैमनस्य फैलाने का आरोप लगाया है.

सागबारा की जनसभा में वाघेला ने क्या कहा

नर्मदा जिले के आदिवासी बहुल इलाके सागबारा में 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर एक जनसभा आयोजित की गई थी. इस सभा को संबोधित करते हुए राज्यसभा के पूर्व सदस्य शंकरसिंह वाघेला ने आरक्षण समाप्त करने की वकालत करने वालों की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि आरक्षण किसी की दया पर नहीं मिला है, बल्कि यह पीढ़ियों से झेले गए सामाजिक कष्टों के बदले मिला एक अर्जित अधिकार है.

ये भी पढ़ें

वाघेला ने आरक्षण का विरोध करने वाले वर्गों को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि यदि वे इन परिस्थितियों को समझना चाहते हैं, तो उन्हें मैला ढोने का कार्य करना होगा. उन्होंने कहा, “अगर आप मैला ढोने का काम करने को तैयार हैं, तो मैं आपको 50,000 रुपये मासिक वेतन दूंगा और इन लोगों का मल साफ करने का काम दूंगा.” वाघेला ने तर्क दिया कि जब तक कोई व्यक्ति आदिवासी समुदायों जैसी कठिन परिस्थितियों में नहीं रहेगा, तब तक उसे उनकी वास्तविक जमीनी सच्चाई का भान नहीं हो सकता. उन्होंने आरक्षण को ऐतिहासिक अन्याय की भरपाई का एक जरूरी जरिया बताया. यह बयान ऐसे राजनीतिक माहौल में आया है जब उनके दोबारा कांग्रेस पार्टी में शामिल होने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं.

बीजेपी नेता यज्ञेश दवे का कड़ा पलटवार

वाघेला की इस टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है. पार्टी के प्रमुख ब्राह्मण चेहरों में गिने जाने वाले नेता यज्ञेश दवे ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि समाज में अलग-अलग जातियों और समुदायों के बीच कटुता या मतभेद पैदा करना पूरी तरह अनुचित है. उन्होंने याद दिलाया कि देश में मैला ढोने की प्रथा को कानूनन बहुत पहले ही समाप्त किया जा चुका है. दवे के अनुसार पिछली और वर्तमान सरकारों ने लगातार ऐसे कदम उठाए हैं जिससे वंचित वर्ग के लोग सम्मान और न्याय के साथ जीवन व्यतीत कर सकें.

दवे ने वाघेला को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ब्राह्मण, पटेल और बनिया समुदायों को इस तरह पैसे देने की बात कहना आपत्तिजनक है. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, “मेरा उन्हें संदेश है कि इस नेक काम की शुरुआत उन्हें अपने ही समुदाय से करनी चाहिए. आप खुद इसकी शुरुआत करें. मेरे घर का कचरा साफ करें, मैं आपको पांच लाख रुपये दूंगा.” दवे ने चेतावनी दी कि ब्राह्मण समुदाय को भड़काने वाले ऐसे बयानों को कतई नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और वाघेला को अपनी इस बयानबाजी के सियासी परिणामों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.

सवाल-जवाब

शंकरसिंह वाघेला ने क्या बयान दिया था?
उन्होंने कहा कि अगर पटेल, बनिया या ब्राह्मण समुदाय के लोग मैला ढोने का काम करने को तैयार हों तो वह उन्हें 50,000 रुपये मासिक वेतन देंगे.
वाघेला ने यह टिप्पणी कब और कहां की?
उन्होंने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर गुजरात के नर्मदा जिले के सागबारा में एक जनसभा में यह टिप्पणी की.
भाजपा नेता यज्ञेश दवे ने वाघेला को क्या चुनौती दी?
यज्ञेश दवे ने कहा कि वाघेला खुद इस काम की शुरुआत करें और उनके घर का कचरा साफ करने पर वह वाघेला को 5 लाख रुपये देंगे.
यज्ञेश दवे ने मैला ढोने की प्रथा पर क्या स्पष्टीकरण दिया?
दवे ने कहा कि देश में मैला ढोने की प्रथा पहले ही खत्म की जा चुकी है और सरकारें वंचित वर्गों के सम्मानजनक जीवन के लिए काम कर रही हैं.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp