गुजरात के कच्छ जिले में देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में 7 मजदूरों की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दर्दनाक घटना 8 अक्टूबर की देर रात खावड़ा इलाके में स्थित आरई पार्क के पास सामने आई। उस समय 15 से अधिक मजदूरों को लेकर जा रही एक पिकअप गाड़ी अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थी। काम खत्म करने के बाद सभी मजदूर अपने घरों को लौट रहे थे, तभी यह भीषण हादसा घटित हो गया।
ओवरटेक करने के प्रयास में हुआ हादसा
अधिकारियों के मुताबिक, पिकअप वाहन में क्षमता से अधिक यानी 15 से ज्यादा मजदूर सवार थे। यात्रा के दौरान पिकअप चालक आगे चल रहे वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान सामने या पास से आ रहे एक ट्रक के साथ पिकअप की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना स्थल पर चारों तरफ चीख-पुकार मचने के बाद आसपास मौजूद स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को संभाला।
अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य में जुट गई। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस टक्कर में 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि अन्य घायल मजदूरों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने सभी मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के लिए खावड़ा से भुज भेज दिया है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, आरई पार्क वाले इलाके में इस स्तर की यह पहली बड़ी दुर्घटना दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है ताकि टक्कर के कारणों और परिस्थितियों की पूरी पड़ताल की जा सके।
भावनगर में भी हुआ था ऐसा ही दर्दनाक हादसा
कच्छ में हुई इस त्रासदी से ठीक पहले मंगलवार को गुजरात के भावनगर जिले में भी इसी तरह का एक भयावह हादसा हुआ था, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई थी। वह घटना भावनगर-सोमनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर त्रापाज गांव के पास घटी थी। वहां अलंग शिपब्रेकिंग यार्ड में काम पर जा रहे मजदूरों से भरी एक एसयूवी बोलेरो सर्विस रोड पर खड़े ट्रेलर के पिछले हिस्से में जा घुसी थी। उस हादसे के बारे में पुलिस अधीक्षक नितेश पांडे ने जानकारी दी थी कि छह लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि एक अन्य व्यक्ति की मौत इलाज के दौरान अस्पताल में हुई थी। राज्य के हाईवे और ग्रामीण मार्गों पर वाहनों की तेज रफ्तार और खड़े वाहनों से होने वाली ऐसी दुर्घटनाएं गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं।























