रोमानियाई वित्तीय संपत्तियों में हालिया अनिश्चितता के बाद अब एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। नेशनल बैंक ऑफ रोमानिया (NBR) द्वारा अपनी नीतिगत ब्याज दर को 6.50% पर स्थिर रखने और मुद्रास्फीति पर सख्त रुख बनाए रखने के साथ ही राजनीतिक मोर्चे पर प्रगति ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। प्रधानमंत्री नामित लुका निकुलेस्कु को सोशल डेमोक्रेट्स का सशर्त समर्थन मिलने के बाद देश में एक व्यापक गठबंधन सरकार बनने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। इस राजनीतिक और नीतिगत घटनाक्रम के चलते विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में EUR/RON की दर 5.35 से नीचे फिसल गई है, जबकि 10-वर्षीय रोमानियाई सरकारी बॉन्ड (RONGB) का यील्ड घटकर 7.10% के नीचे आ गया है।
केंद्रीय बैंक का सख्त रुख और मुद्रास्फीति का दबाव
नेशनल बैंक ऑफ रोमानिया ने अपनी हालिया नीतिगत समीक्षा में बेंचमार्क ब्याज दर को 6.50% पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया। केंद्रीय बैंक ने मुद्रास्फीति के नियंत्रण के लिए अपने हॉकिश रुख को और पुख्ता किया है। नीति निर्धारकों का मानना है कि अगस्त में जिन जोखिमों को लेकर आगाह किया गया था, वे अब आधारभूत अनुमानों (बेसलाइन) का हिस्सा बन चुके हैं। इनमें विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिंसों की बढ़ती कीमतें, गंभीर सूखे के कारण खाद्य पदार्थों की महंगाई में उछाल और रोमानियाई लियू (RON) के मूल्य में संभावित गिरावट शामिल हैं। इन सभी कारकों को पहले ही ध्यान में रखे जाने के कारण केंद्रीय बैंक ने नीतिगत सख्ती जारी रखने का संकेत दिया है, जिससे घरेलू मुद्रा को जमीनी स्तर पर मजबूती मिली है।
राजनीतिक गतिरोध टूटने की उम्मीद और राजकोषीय मजबूती
रोमानिया के सरकारी बॉन्ड बाजार और करेंसी में उछाल का एक प्रमुख कारण राजनीतिक परिदृश्य में आया मोड़ है। प्रधानमंत्री नामित लुका निकुलेस्कु द्वारा सोशल डेमोक्रेट्स के साथ बातचीत में हासिल किए गए सशर्त समर्थन ने एक व्यापक गठबंधन की राह खोली है। इस गठबंधन में लिबरल्स और जातीय हंगेरियाई पार्टी के फिर से एक साथ आने की संभावना बन रही है। विश्लेषकों के अनुसार, इस कदम से उस लंबे राजनीतिक गतिरोध के खत्म होने की उम्मीद जगी है जो देश के राजकोषीय सुदृढ़ीकरण की राह में अड़चन बना हुआ था। यदि यह गतिरोध बना रहता, तो देश की इन्वेस्टमेंट ग्रेड (IG) रेटिंग के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। अब राजनीतिक स्थिरता की संभावनाओं ने सॉवरेन क्रेडिट आउटलुक को राहत दी है, जिससे 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड का प्रतिफल 7.10% से नीचे आ गया है और EUR/RON जोड़ी 5.35 से नीचे कारोबार कर रही है।
वैश्विक मुद्रा बाजारों का हाल: डॉलर, येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर
रोमानिया के घरेलू घटनाक्रम के साथ-साथ दुनिया के अन्य प्रमुख मुद्रा बाजारों में भी अहम हलचल देखी गई। एशियाई कारोबारी सत्र में शुक्रवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) ने मजबूती दर्ज की और साप्ताहिक निचले स्तर से उबरते हुए 0.7000 के स्तर की ओर रुख किया। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में रात भर की गिरावट ने अमेरिकी डॉलर को 18 महीने के उच्चतम स्तर से नीचे खींच लिया, जिसका फायदा ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मिला। इसके अतिरिक्त, रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की ओर से सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदें भी इस जोड़ी को समर्थन दे रही हैं। दूसरी ओर, USD/JPY 158.00 के स्तर के आसपास बना रहा। जापान में शुक्रवार को आए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने गिरावट दर्ज की गई, जिसने जापानी येन पर दबाव डाला। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट ने फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच डॉलर की बढ़त को कुछ हद तक सीमित रखा है।
कनाडा के श्रम आंकड़े और नई अमेरिकी टैरिफ का असर
उत्तरी अमेरिकी बाजार में निवेशकों का ध्यान कनाडा पर भी केंद्रित है, जहां स्टैटिस्टिक्स कनाडा शुक्रवार को सितंबर महीने का लेबर फोर्स सर्वे जारी करने जा रहा है। बाजार विश्लेषक अगस्त की भारी गिरावट के बाद रोजगार आंकड़ों में मामूली सुधार की उम्मीद कर रहे हैं। यह रिपोर्ट विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 22 अगस्त से लागू हुए नए अमेरिकी टैरिफ के पूर्ण प्रभाव को पहली बार दर्शाएगी। इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि सीमा पार व्यापारिक शुल्कों का कनाडाई श्रम बाजार और व्यापक अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा है।
सोने में स्थिरता और सुधार का दौर
जिंस बाजार में सोना शुक्रवार को मजबूती दिखाते हुए $4,200 के स्तर पर फिर से पहुंचा, जिससे दो महीने के निचले स्तर से उसकी रिकवरी का दायरा बढ़ा। अमेरिकी डॉलर में नरमी, कच्चे तेल की कीमतों में सुस्ती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट ने सर्राफा बाजार को सहारा दिया। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमत $4,210 पर पहुंच गई, जो पिछले बंद भाव $4,157 से 1.26% अधिक है। हालांकि तकनीकी संकेतकों पर 14-दिवसीय RSI 43 पर बना हुआ है और दैनिक चार्ट पर सतर्कता का रुख दिख रहा है, लेकिन डॉलर के कमजोर पड़ने से सोने के खरीदारों को निचले स्तरों पर सहारा मिला है।




















