बीमा नवीनीकरण में छूट के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी, गाजियाबाद में सात लोग दबोचे गएचित्रा नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश: 11 से 24 अक्टूबर तक 5 राशियों के लिए तरक्की और धन लाभ के प्रबल योग2000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर एमडीआर शुल्क जनवरी तक टलने के आसार, त्योहारी सीजन में राहतसूरज पर भीषण विस्फोट के बाद धरती की ओर बढ़े 3 सौर तूफान, संचार और पावर ग्रिड पर संकटअत्याधुनिक हथियारों के बावजूद क्या युद्ध के मैदान में टिक पाएगी चीनी सेनाराजधानी में कड़े पहरे और 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे कपिल सिब्बलउदयपुर में छह दशक पुराना स्वाद बना सैलानियों की पहली पसंद, 380 रुपये की थाली में मिल रहे 20 से अधिक पकवानजेएनयू ने 11 छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रोफेसर को सेवा से तत्काल किया बर्खास्तउदयपुर के कारीगरों ने कैप्टन स्मित मच्छर के अदम्य साहस को समर्पित की खास पगड़ीपूंजी बाजार नियामक सेबी ने पेश किया नया सेटलमेंट ढांचा, छोटे उल्लंघनों के त्वरित समाधान का खुला रास्ता
कब्ज और सुबह पेट साफ न होने से हैं परेशान, विशेषज्ञ ने बताए राहत पाने के आसान तरीकेस्वास्थ्य
9 अक्तू॰ 2026, 5:34 pm (1 घंटे पहले)· 0

कब्ज और सुबह पेट साफ न होने से हैं परेशान, विशेषज्ञ ने बताए राहत पाने के आसान तरीके

गलत खानपान, पानी की कमी और सुस्त दिनचर्या सुबह पेट साफ न होने की मुख्य वजह बन सकती है। गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट के अनुसार सही आदतें अपनाकर और डाइट में फाइबर बढ़ाकर इस समस्या से आसानी से राहत पाई जा सकती है।

सुबह उठते ही पेट का ठीक से साफ न होना, मल त्यागते समय परेशानी महसूस होना या अत्यधिक जोर लगाना सामान्य दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। अक्सर लोग इन लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं या फिर बिना किसी चिकित्सकीय सलाह के लगातार तरह-तरह के चूर्ण और पेट साफ करने वाली दवाओं पर निर्भर रहने लगते हैं। इसके बावजूद कई बार समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाता और परेशानी जस की तस बनी रहती है। पाचन तंत्र की इस उलझन पर रोशनी डालते हुए डॉ अभिजीत रंजन, जो फोर्टिस अस्पताल मानेसर में वरिष्ठ सलाहकार, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (हेपेटोलॉजी) हैं, ने जरूरी बचाव और दैनिक बदलावों की जानकारी दी है।

पेट साफ न होने के मुख्य कारण

विशेषज्ञों के मुताबिक नियमित रूप से पेट साफ न होने के पीछे हमारी रोजमर्रा की कई आदतें जिम्मेदार होती हैं। जब आहार में फाइबर की मात्रा बेहद कम हो जाती है, तो पाचन तंत्र को भोजन आगे बढ़ाने में कठिनाई होती है। इसके अलावा दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना, दिनचर्या का अनियमित होना और शारीरिक रूप से बिल्कुल सक्रिय न रहना आंतों की स्वाभाविक गतिशीलता को धीमा कर देता है, जिससे मल सख्त हो जाता है और कब्ज की शिकायत शुरू हो जाती है।

ये भी पढ़ें

सुबह की दिनचर्या में शामिल करें ये जरूरी आदतें

सुबह के समय आंतों को सक्रिय करने के लिए कुछ आसान कदम काफी असरदार साबित होते हैं। सोकर उठने के तुरंत बाद पर्याप्त पानी पीने से पाचन तंत्र को गति मिलती है। इसके बाद नाश्ता करने के उपरांत शौच जाने का एक निश्चित समय तय करना चाहिए, क्योंकि भोजन करने के बाद आंतों की स्वाभाविक गतिविधि में बढ़ोतरी होती है, जिससे मल त्याग करना काफी सुगम हो जाता है। इसके साथ ही शौच के समय जरूरत से ज्यादा जोर लगाने की आदत से बचना चाहिए और शरीर जब भी शौच का प्राकृतिक संकेत दे, तो उसे कभी टालना नहीं चाहिए।

खानपान और जीवनशैली में जरूरी बदलाव

आहार में सही बदलाव करके आंतों के स्वास्थ्य को तेजी से सुधारा जा सकता है। भोजन में फाइबर से भरपूर फल और अनाज शामिल करना सबसे असरदार कदम माना जाता है। अपनी रोजाना की थाली में पपीता, अमरूद, हरी सब्जियां, दालें, ओट्स और साबुत अनाज को प्राथमिकता देनी चाहिए। यह पोषक तत्व मल को नरम बनाए रखने और आंतों की सुचारू कार्यप्रणाली में सीधे तौर पर मदद करते हैं। खानपान के साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीने का नियम बनाएं और रोजाना 20 से 30 मिनट तक पैदल चलने की आदत डालें, जिससे पेट की मांसपेशियां सक्रिय बनी रहें।

कब जरूरी हो जाती है विशेषज्ञ की सलाह

यद्यपि जीवनशैली में सुधार से अधिकांश मामलों में आराम मिल जाता है, लेकिन कुछ गंभीर लक्षणों को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए। यदि घरेलू उपायों और खानपान में सुधार के बाद भी कब्ज लगातार बनी रहती है, तो तुरंत गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से परामर्श लेना चाहिए। इसके अलावा यदि मल के साथ खून आ रहा हो, पेट में असहनीय तेज दर्द महसूस हो, लगातार उल्टी हो रही हो या पेट फूलने के साथ गैस और मल का निकास पूरी तरह बंद हो जाए, तो इसे आपात स्थिति मानते हुए फौरन अस्पताल पहुंचना चाहिए। हर व्यक्ति के शरीर और शौच की समय-सारणी में अंतर हो सकता है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मल विसर्जन की प्रक्रिया सहज हो और उसमें दर्द या अनुचित दबाव न बने।

सवाल-जवाब

सुबह पेट साफ न होने के मुख्य कारण क्या हैं?
भोजन में फाइबर की कमी, पर्याप्त पानी न पीना, शारीरिक गतिविधि का अभाव और अनियमित दिनचर्या इसके सबसे सामान्य कारण हैं।
सुबह उठकर आंतों को सक्रिय करने के लिए क्या करना चाहिए?
सुबह उठकर पानी पीना चाहिए और नाश्ते के बाद शौच जाने की आदत डालनी चाहिए, क्योंकि भोजन के बाद आंतों की स्वाभाविक गतिविधि बढ़ती है।
कब्ज से बचाव के लिए कौन से खाद्य पदार्थ फायदेमंद हैं?
पपीता, अमरूद, हरी सब्जियां, दालें, ओट्स और साबुत अनाज जैसे फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ मल को नरम रखने में मदद करते हैं।
पाचन को ठीक रखने के लिए कितनी देर टहलना चाहिए?
पाचन क्रिया को सुचारू रखने और आंतों की गतिविधि बेहतर बनाने के लिए रोजाना 20 से 30 मिनट पैदल चलना लाभकारी होता है।
किन गंभीर लक्षणों के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
मल में खून आने, तेज पेट दर्द, उल्टी होने या पेट फूलने के साथ गैस और मल बिल्कुल न निकलने की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp