गुजरात के वडोदरा में उंडेरा इलाके से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां 31 साल की एक विवाहित महिला ने अपनी जान दे दी। पुलिस के मुताबिक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या की और मरने से पहले अपने पैर पर हिंदी में एक भावुक संदेश लिख दिया था। महिला का नाम सीमा बताया गया है और परिवार का आरोप है कि ससुराल पक्ष के उत्पीड़न से तंग आकर उसने यह कदम उठाया। कागज या डायरी की बजाय अपने ही पैर पर संदेश लिखना पुलिस के लिए भी हैरान करने वाला रहा और अब यह जांच में एक अहम सबूत माना जा रहा है।
सीमा ने अपने पैर पर लिखा था कि वह दुनिया छोड़कर जा रही है और चाहती है कि उसका पति अपने घर वालों को खुश रखे, क्योंकि वह अब और सहन नहीं कर पा रही थी। संदेश की आखिरी पंक्ति में उसने फिर एक बार यही बात दोहराई कि पति अपने परिवार वालों का ख्याल रखे। इतने कम शब्दों में लिखा गया यह संदेश उसकी आखिरी घंटों की मानसिक हालत को बयां करता है।
प्लॉट के लिए मायके से मांगे गए थे दो लाख रुपये
परिजनों के अनुसार इस साल मई में सीमा के पति सुनीर कुमार ने एक प्लॉट खरीदने की योजना बनाई थी और इसके लिए उसने सीमा से कहा था कि वह अपने मायके से दो लाख रुपये लेकर आए। मायके पक्ष का कहना है कि इसके बाद से पति के साथ साथ सास और ससुर भी सीमा को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे थे। परिवार का दावा है कि यही उत्पीड़न आखिरकार सीमा को इतने बड़े कदम तक ले गया और घर में रोज की कहासुनी उसके लिए असहनीय होती चली गई। घटना की जानकारी 9 अगस्त को उस वक्त सामने आई जब पति ने खुद सीमा की भाभी को फोन करके आत्महत्या की बात बताई।
आठ महीने की मासूम बेटी से छिन गया मां का साया
इस हादसे ने एक और मासूम जिंदगी को गहरा जख्म दिया है। सीमा की करीब आठ महीने की एक बेटी है, जो अब अपनी मां के बिना बिल्कुल अकेली रह गई है। मायके वालों ने इस पूरे मामले में इंसाफ की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की अपील की है। परिवार का कहना है कि एक छोटी बच्ची को उसकी मां से छीन लेने वाले उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए, और उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत सख्त सजा मिलनी चाहिए।
दहेज और उकसाने का केस दर्ज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस ने पति सुनीर कुमार, सास और ससुर के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम ने घटनास्थल से जरूरी सबूत जुटाए हैं और पंचनामा करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह पूरी तरह साफ हो सकेगा कि सीमा की मौत असल में किन हालात में हुई, और उसी के आधार पर आगे की जांच बढ़ाई जाएगी। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि इस केस की हर एंगल से पड़ताल की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे कानून के मुताबिक सजा दिलाई जाएगी, चाहे वह कोई भी हो।
चार महीने पहले भी दाहोद में मांओं ने उठाया था खौफनाक कदम
गुजरात में महिलाओं और बच्चों से जुड़ी ऐसी दर्दनाक घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। इसी साल अप्रैल में दाहोद जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में दो माओं ने अपने बच्चों समेत जान देने की कोशिश की थी। दोनों मामलों में मांएं खुद तो बच गई थीं, लेकिन कुल पांच बच्चों की जान चली गई थी। एक घटना में बच्चों की मौत कुएं में डूबने से हुई थी, जबकि दूसरी घटना में जहर खाने से बच्चों की जान गई थी। ये दोनों घटनाएं भी दिखाती हैं कि घरेलू तनाव और मानसिक दबाव किस हद तक परिवारों को झकझोर सकता है।



















