अंबाला में खुद का कारोबार शुरू करने की चाह रखने वाले लोगों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। आज के इस मंहगाई भरे दौर में अपने पैरों पर खड़ा होना और व्यवसाय शुरू करना हर किसी के लिए आसान नहीं होता है। खासकर उन लोगों के पास पैसों की कमी सबसे बड़ी बाधा बन जाती है, जो अपना काम शुरू करना चाहते हैं लेकिन पूंजी नहीं जुटा पाते हैं। ऐसे तमाम जरूरतमंद नागरिकों के लिए यह योजना काफी मददगार साबित हो सकती है। हरियाणा सरकार की ओर से अनुसूचित जाति वर्ग के नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए खास पहल की जा रही है, जिससे वे बिना किसी आर्थिक तंगी के अपना काम शुरू कर सकें।
बैंक ऋण और सब्सिडी का प्रावधान
हरियाणा अनुसूचित जाति वित्तीय एवं विकास निगम के माध्यम से पात्र नागरिकों को बैंकों के जरिए वित्तीय सहायता और अनुदान मुहैया कराया जा रहा है। इस विशेष योजना के तहत लाभार्थियों को कुल 1 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दिए जाने का नियम तय किया गया है। इस वित्तीय पैकेज में 50 हजार रुपये तक का बैंक ऋण यानी लोन शामिल है, जबकि बाकी के 50 हजार रुपये तक की राशि सरकार की तरफ से सब्सिडी के तौर पर प्रदान की जाती है। इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य समाज के अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले लोगों को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
किन कामों के लिए मिल सकती है मदद
इस योजना का लाभ उठाकर पात्र व्यक्ति अपनी पसंद, योग्यता और स्थानीय बाजार की जरूरत के अनुसार छोटे और मध्यम स्तर के कई तरह के कारोबार शुरू कर सकते हैं। विभाग की इस सूची में कई तरह के पारंपरिक और आधुनिक व्यवसाय शामिल किए गए हैं। लाभार्थी चाहें तो अपने क्षेत्र में किराना स्टोर, मनिहारी की दुकान, या कपड़ों का शोरूम खोल सकते हैं। इसके अलावा शादी-विवाह और आयोजनों से जुड़े काम जैसे बैंडबाजा, डीजे, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और आधुनिक ड्रोन संचालन जैसे कार्यों के लिए भी सहायता मिलती है। इतना ही नहीं, ब्यूटी पार्लर, बुटीक संचालन, स्टेशनरी और किताबों की दुकान, आटा चक्की, कंप्यूटर रिपेयरिंग सेंटर, ऑटोमोबाइल स्पेयर पार्ट्स, मोटर रिपेयरिंग, फर्नीचर निर्माण, बिजली के उपकरणों का काम, तथा ग्लास व एल्युमिनियम फैब्रिकेशन का व्यवसाय शुरू करने के लिए भी आवेदन पत्र जमा किए जा सकते हैं।
ऋण और सब्सिडी वितरण की प्रक्रिया
अंबाला में हरियाणा अनुसूचित जाति वित्तीय एवं विकास निगम के क्षेत्रीय अधिकारी मोहनलाल ने इस पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि विभाग की तरफ से बैंकों के माध्यम से पात्र आवेदकों को स्वरोजगार के लिए लोन की सुविधा पहुंचाई जाती है। व्यवसाय शुरू करने के लिए जरूरी सामान या कच्चा माल खरीदने हेतु ऋण की राशि सीधे बैंक से थोक विक्रेता या वेंडर के खाते में ट्रांसफर की जा सकती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। वहीं दूसरी ओर, योजना के तहत मिलने वाली निर्धारित सब्सिडी की राशि सीधे पात्र लाभार्थी के बैंक खाते में जमा किए जाने का प्रावधान रखा गया है। इससे कारोबार के शुरुआती चरण में आवश्यक सामान जुटाने में बहुत आसानी होती है। हालांकि, अधिकारी का यह भी कहना है कि वित्तीय सहायता की वास्तविक राशि और वितरण से जुड़ी अन्य शर्तें आवेदन करते समय संबंधित विभाग से अच्छी तरह जांच लेनी चाहिए।
किसे मिलेगा इस योजना का लाभ
इस कल्याणकारी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ निश्चित पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है। सबसे पहले आवेदक का हरियाणा राज्य का स्थायी निवासी होना जरूरी है और उसे अनुसूचित जाति वर्ग से ताल्लुक रखना चाहिए। इसके अलावा आवेदक की आयु सीमा 18 वर्ष से 55 वर्ष के बीच तय की गई है। परिवार पहचान पत्र में सत्यापित वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख रुपये से 4 लाख रुपये के दायरे में होनी चाहिए। यह भी आवश्यक है कि आवेदक को किसी अन्य सरकारी नियम या वित्तीय संस्थान की योजना के तहत पहले कभी डिफॉल्टर घोषित न किया गया हो। आवेदन प्रक्रिया पूरी करते समय कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, जिनमें परिवार पहचान पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक या फिर पोस्ट ऑफिस यानी डाकघर खाते का पूरा विवरण शामिल है। यदि कोई आवेदक कमर्शियल वाहन खरीदने के लिए ऋण मांग रहा है, तो उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना भी अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा आवेदक से एक अंडरटेकिंग या प्रमाण पत्र भी लिया जा सकता है, जिसमें ऋण की राशि का दुरुपयोग किए जाने पर कानून के तहत कार्रवाई की जिम्मेदारी स्वीकार करने की बात दर्ज हो।
आवेदन के लिए कहां करें संपर्क
अंबाला के जो भी इच्छुक नागरिक इस योजना के तहत लाभ उठाना चाहते हैं, वे अपने सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ संबंधित कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। अंबाला में महेश नगर के समीप स्थित प्रीत नगर के मकान नंबर 17 में हरियाणा अनुसूचित जाति वित्तीय एवं विकास निगम का कार्यालय बनाया गया है, जहां जाकर पूरी जानकारी जुटाई जा सकती है। विभाग के अधिकारियों का सुझाव है कि आधिकारिक रूप से आवेदन पत्र भरने से पहले पात्रता की शर्तों, सब्सिडी की सटीक राशि, लागू होने वाली ब्याज दरों, ऋण चुकाने के तरीकों और आवश्यक कागजातों की पूरी फेहरिस्त के बारे में दफ्तर से सही जानकारी जरूर प्राप्त कर लें, ताकि आवेदन में किसी प्रकार की अड़चन न आए।






















