विजयादशमी यानी दशहरा का पावन उत्सव असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक के रूप में देशभर में पूरे उल्लास के साथ आयोजित किया जाता है। वर्ष 2026 में दशहरे का मुख्य पर्व 20 अक्टूबर, मंगलवार को पड़ रहा है। इस पावन अवसर पर जहां बाजारों में भारी रौनक देखने को मिलती है और रावण दहन की व्यापक तैयारियां चलती हैं, वहीं विद्यार्थियों और अभिभावकों की नजरें शैक्षणिक अवकाश के कैलेंडर पर टिकी रहती हैं। भारत के विभिन्न राज्यों में स्थानीय परंपराओं और विभागीय व्यवस्था के अनुसार छुट्टियों की समयसारणी में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। आमतौर पर उत्तर भारत के इलाकों में दशहरा के दौरान दो से तीन दिनों का अवकाश रहता है, जबकि पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों में दुर्गा पूजा तथा ऑटम ब्रेक के तहत लंबी छुट्टियां प्रदान की जाती हैं।
उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में 8 दिनों का शैक्षणिक अवकाश
उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए इस वर्ष विजयादशमी के उपलक्ष्य में कुल 8 दिनों का लंबा अवकाश निर्धारित किया गया है। यद्यपि राज्य भर में दशहरे का मुख्य धार्मिक उत्सव 20 अक्टूबर को संपन्न होगा, परंतु बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के आधिकारिक कैलेंडर के तहत यह अवकाश 18 अक्टूबर से ही आरंभ हो जाएगा। यह अवकाश 25 अक्टूबर तक अनवरत जारी रहेगा। इसके उपरांत, सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालय सोमवार, 26 अक्टूबर से अपनी नियमित कक्षाओं के संचालन हेतु दोबारा खुल जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के तनाव से हटकर परिवार संग पर्व मनाने का भरपूर समय मिलेगा।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और दिल्ली में अवकाश की स्थिति
देश की राजधानी दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के विद्यालयों में पर्व से जुड़ी छुट्टियां सीमित अवधि के लिए तय की गई हैं। शिक्षा निदेशालय के अवकाश पंचांग के अनुसार, दिल्ली और एनसीआर के स्कूलों में मुख्य त्योहार के अवसर पर तीन दिनों का विराम रहेगा। यह शैक्षणिक अवकाश 18, 19 और 20 अक्टूबर 2026 के लिए घोषित किया गया है। राजधानी क्षेत्र के छात्र इन तीन दिनों में पारिवारिक कार्यक्रमों और स्थानीय आयोजनों में सहभागिता कर सकेंगे।
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा पर 12 दिनों का सघन अवकाश
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा और विजयादशमी का आयोजन एक भव्य सांस्कृतिक महाउत्सव का स्वरूप धारण करता है। राज्य की ऐतिहासिक परंपरा और उत्सव की भव्यता को दृष्टिगत रखते हुए विद्यालयी शिक्षा विभाग ने सबसे लंबी छुट्टियों का प्रावधान किया है। वर्ष 2026 के लिए निर्धारित व्यवस्था के तहत पश्चिम बंगाल के विद्यालयों में 15 अक्टूबर से कक्षाएं स्थगित रहेंगी और यह अवकाश 26 अक्टूबर तक प्रभाव में रहेगा। पूरे 12 दिनों के इस विराम काल के दौरान शैक्षणिक संस्थान पूरी तरह बंद रहेंगे और समूचे राज्य में उत्सव का परिवेश रहेगा।
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में छुट्टियों का आधिकारिक विवरण
दक्षिण भारतीय राज्यों की प्रशासनिक व्यवस्था पर दृष्टि डालें तो तेलंगाना में छात्रों को सबसे लंबी छुट्टी का लाभ मिल रहा है। राज्य में ‘समेटिव असेसमेंट-1’ यानी एसए-1 (SA-1) की औपचारिक परीक्षाएं संपन्न होने के तुरंत बाद 10 अक्टूबर से अवकाश आरंभ हो गया है, जो 23 अक्टूबर तक चलेगा। इस प्रकार तेलंगाना के विद्यालयों में कुल 13 दिनों का सघन विराम सुनिश्चित हुआ है। पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश की बात करें तो वहां 12 अक्टूबर से शैक्षणिक अवकाश शुरू हुआ है और यह 21 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा। आंध्र प्रदेश के सभी विद्यालय 22 अक्टूबर से पूर्ववत कार्य करने लगेंगे।
राजस्थान, बिहार और झारखंड में शैक्षणिक अवकाश का पूरा ब्योरा
उत्तरी और पूर्वी भारत के अन्य राज्यों में भी छुट्टियां अलग-अलग नियमों के तहत तय की गई हैं। राजस्थान के सरकारी विद्यालयों में वार्षिक शिविरा पंचांग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप 18 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक कुल 8 दिनों का अवकाश स्वीकृत हुआ है। वहीं बिहार में दुर्गा पूजा एवं दशहरा के उपलक्ष्य में सरकारी तथा सरकार द्वारा सहायता प्राप्त सभी विद्यालयों को 17 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक कुल 5 दिनों के लिए बंद रखने का आदेश है। झारखंड की बात करें तो वहां झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जेएसी) के मानकों के आधार पर महाअष्टमी से विजयादशमी तक यानी 19, 20 और 21 अक्टूबर को तीन दिनों का अवकाश घोषित किया गया है।




















