हरियाणा के पंचकूला में इस साल विजयादशमी के पावन अवसर पर देश का सबसे बड़ा रावण दहन किया जाएगा। इस आयोजन के लिए पंचकूला के सेक्टर 5 स्थित शालीमार ग्राउंड में 221 फीट ऊंचा विशाल रावण तैयार किया गया है। आगामी 20 अक्तूबर को दशहरा के दिन यहां एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसके दौरान इस भव्य पुतले को जलाया जाएगा। इस अनोखे और विशाल आयोजन को देखने के लिए अभी से ही ट्राई सिटी के लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
अंबाला के कारीगरों की मेहनत से हुआ तैयार
इस विशालकाय पुतले को तैयार करने में अंबाला के बराड़ा के रहने वाले तेजेंद्र चौहान और उनकी कुशल टीम ने दिन-रात मेहनत की है। इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने में 3 महीने और 15 दिन का समय लगा है और अब इस पुतले को बिल्कुल अंतिम रूप दिया जा रहा है। तेजेंद्र चौहान पिछले करीब 40 सालों से रावण के पुतले बनाने का काम कर रहे हैं और इस दौरान उन्होंने कई विश्व रिकॉर्ड बनाकर अपने ही पुराने रिकॉर्ड तोड़े हैं।
विशाल क्रेन और मजदूरों की मदद से खड़ा होगा पुतला
इस भव्य पुतले को खड़ा करने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। जानकारी के अनुसार, 17 अक्तूबर को एक 200 टन की भारी-भरकम क्रेन और दर्जनों मजदूरों की मदद से इस विशाल रावण के पुतले को जमीन पर सीधा खड़ा किया जाएगा। इस पूरी संरचना को बनाने में लगभग 34 लाख रुपए का खर्च आया है। इसे मजबूत और आकर्षक बनाने के लिए कई टन लोहा, बांस और वेलवेट के कपड़े का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है।
पर्यावरण का रखा गया है खास ख्याल
आयोजकों ने इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि उत्सव के दौरान पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। तेजेंद्र चौहान ने बताया कि इस बार ट्राई सिटी के लोगों के लिए पंचकूला के सेक्टर 5 शालीमार ग्राउंड का विजयादशमी का दिन बेहद ऐतिहासिक रहने वाला है। इस पुतले के दहन में केवल इको-फ्रेंडली पटाखों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे किसी भी तरह का पर्यावरण प्रदूषण न फैले। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस विशाल रावण के पुतले का दहन रिमोट कंट्रोल का बटन दबाकर करेंगे।
पुतले के अंगों का अनूठा और विशाल ढांचा
इस 221 फीट ऊंचे रावण के हर एक अंग के माप को बेहद भव्य तरीके से डिजाइन किया गया है। रावण का चेहरा विशेष रूप से फाइबर-ग्लास से तैयार किया गया है, जिसकी लंबाई 25 फीट और चौड़ाई 10 फीट है। इसके अलावा पुतले का मुकुट 55 फीट लंबा, तलवार 50 फीट लंबी, मुख्य धड़ 90 फीट लंबा और दोनों टांगें व बाजू 40-40 फीट लंबे बनाए गए हैं। इस पूरी विशाल संरचना पर लगभग 5 हजार मीटर वेलवेट का कपड़ा चढ़ाया गया है। गौरतलब है कि यहां हर साल बड़े पैमाने पर पुतला तैयार किया जाता है और पिछली बार यहां 180 फीट का रावण जलाया गया था।




















