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चंडीगढ़ से अगवा कर सोशल मीडिया क्रिएटर मनजीत कौर को पेड़ से बांधकर फूंका, 54 दिन तक तड़पने के बाद मौतहरियाणा
29 अग॰ 2026, 11:29 am (70 दिन पहले)· 2

चंडीगढ़ से अगवा कर सोशल मीडिया क्रिएटर मनजीत कौर को पेड़ से बांधकर फूंका, 54 दिन तक तड़पने के बाद मौत

इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर की चंडीगढ़ से किडनैपिंग के बाद मोरिंडा में जिंदा जलाने से मौत हो गई है। लगभग दो महीने तक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ने के बाद उन्होंने 26 अगस्त को दम तोड़ दिया, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है।

सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी रील्स के लिए पहचानी जाने वाली मनजीत कौर की जिंदगी का अंत बेहद दर्दनाक तरीके से हुआ। पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज के दौरान 26 अगस्त को उनका निधन हो गया। महज 28 साल की उम्र वाली इस इन्फ्लुएंसर को कुछ लोगों ने पहले चंडीगढ़ से जबरन अगवा किया और फिर मोरिंडा के एक जंगल में ले जाकर बेरहमी से पेड़ से बांधकर आग के हवाले कर दिया। इस खौफनाक वारदात में उनका शरीर बुरी तरह झुलस गया था, जिसके बाद वह करीब 54 दिनों तक अस्पताल के बिस्तर पर मौत से जूझती रहीं। इस वीभत्स मामले में मृतका की मां कांता देवी की औपचारिक शिकायत पर चंडीगढ़ पुलिस ने अपहरण और हत्या की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करके आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।

अपहरण और साजिश की पूरी दास्तान

मां कांता देवी की ओर से पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक, बीती 3 जुलाई की देर रात शुभी और पिंडा नाम के दो परिचित व्यक्तियों ने मनजीत कौर को चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में एक शराब के ठेके के पास मिलने के बहाने बुलाया था। ये दोनों पहले से ही मनजीत के संपर्क में थे। जैसे ही वह निर्धारित स्थान पर पहुंचीं, उन्हें जबरन एक कार के अंदर खींच लिया गया और मोरिंडा की तरफ ले जाया गया। वहां एक सुनसान इलाके में स्थित शहतूत के पेड़ से उन्हें बांध दिया गया और फिर सनसनीखेज तरीके से आग लगा दी गई, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गईं।

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परिचित ने बचाई थी जान और अस्पताल में लंबा संघर्ष

घटनास्थल पर समय रहते एक परिचित पहुंच गया, जिसने फौरन कंबल डालकर आग पर काबू पाया और उन्हें तुरंत मोरिंडा के स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने की वजह से उन्हें पहले मोहाली के मैक्स अस्पताल ले जाया गया और फिर 9 जुलाई को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। शुरुआती कई हफ्तों तक वह पूरी तरह बेहोश रहीं। आखिरकार 5 अगस्त को जब उन्हें थोड़ा होश आया, तो उन्होंने अपने परिवार को पूरी आपबीती बताई। हालांकि तमाम मेडिकल कोशिशों के बावजूद उनकी सेहत लगातार गिरती चली गई और 26 अगस्त को उन्होंने आखिरी सांस ली। पीजीआई में पोस्टमार्टम के बाद उनका शव परिजनों को सौंप दिया गया।

परिवार और ऑनलाइन पहचान की पृष्ठभूमि

मोहाली के सेक्टर-123 स्थित सन्नी एन्क्लेव में रहने वाली मनजीत कौर तलाकशुदा थीं और उनके पास सात साल का एक बेटा है। इंस्टाग्राम पर उनके 1.46 लाख फॉलोअर्स थे, जहां वह मुख्य रूप से पंजाबी और हरियाणवी गानों पर रील्स के साथ-साथ कॉस्मेटिक उत्पादों से जुड़ा कंटेंट शेयर करती थीं। यूट्यूब प्लेटफॉर्म पर भी उनके लगभग 4,000 सब्सक्राइबर थे। इस सनसनीखेज वारदात के बाद मां कांता देवी ने सेक्टर-34 थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की धारा 140(1) यानी अपहरण, 103(1) यानी हत्या और 3(5) यानी साझा आपराधिक दायित्व के तहत मुकदमा कायम किया है। चंडीगढ़ की एसएसपी कन्वरदीप कौर ने इस बात की पुष्टि की है कि परिजनों के बयानों के आधार पर केस दर्ज करके आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है।

बयान दर्ज कराने को लेकर प्रशासनिक खींचतान

सेक्टर-34 थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर शादी लाल ने बताया कि मामले की गहराई से तफ्तीश की जा रही है। वहीं पीड़ित परिवार का गंभीर आरोप है कि जब मनजीत को होश आया था, तो उन्होंने अपने बयान दर्ज कराने की इच्छा जताई थी। पीजीआई पुलिस चौकी की तरफ से खरड़ सदर पुलिस को इस बारे में सूचना भी दे दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद उनके बयान दर्ज नहीं किए जा सके। दूसरी तरफ खरड़ के डीएसपी ईशान सिंगला ने किसी भी प्रकार की लापरवाही से साफ इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि क्योंकि यह वारदात चंडीगढ़ के अधिकार क्षेत्र में हुई थी, इसलिए मुख्य कानूनी कार्रवाई वहीं की पुलिस को करनी थी। उन्होंने कहा कि खरड़ पुलिस ने हर कदम पर पीड़ित परिवार की पूरी मदद की और एफआईआर दर्ज करवाने में सहयोग दिया।

पुलिस की तफ्तीश और संदिग्धों की तलाश

इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए पुलिस इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी है और साथ ही मनजीत के इंस्टाग्राम अकाउंट की भी बारीकी से जांच की जा रही है। इस सोशल मीडिया प्रोफाइल पर कुछ अन्य इन्फ्लुएंसर के साथ अनबन और ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिनमें युवकों को गाली देने वाला कंटेंट भी शामिल है। पुलिस सूत्रों के हवाले से यह भी सामने आया है कि मनजीत कथित तौर पर इनमें से एक आरोपी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थीं। चंडीगढ़ की डीएसपी साउथ गुरजीत कौर ने मीडिया को बताया कि संदिग्धों के ठिकानों के बारे में कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं और पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

सवाल-जवाब

मनजीत कौर कौन थीं?
मनजीत कौर एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर थीं जिनके इंस्टाग्राम पर 1.46 लाख और यूट्यूब पर 4,000 सब्सक्राइबर्स थे।
घटना कब और कहां हुई?
यह घटना 3 जुलाई को चंडीगढ़ से शुरू हुई जहां से उन्हें अगवा कर मोरिंडा ले जाया गया था।
मनजीत की मौत कब हुई?
लगभग 54 दिनों तक पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज चलने के बाद 26 अगस्त को उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने कौन से मामले में एफआईआर दर्ज की है?
चंडीगढ़ पुलिस ने अपहरण, हत्या और साझा आपराधिक दायित्व की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
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