दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के बीच नितिन नवीन का विपक्ष पर बड़ा हमला, विदेशी ताकतों के इशारे पर अशांति फैलाने का लगाया आरोपत्योहारी सीजन में मुफ्त एलपीजी सिलेंडर पाने के लिए ई-केवाईसी जरूरी, जानिए विभिन्न राज्यों के नियममणिपुर के कामजोंग में नए सिरे से भड़की जातीय हिंसा, गोलीबारी में महिला की मौत के बाद धारा 163 लागूबस्तर के जगदलपुर में कांतारा फिल्म की तर्ज पर सजा अनोखा दुर्गा पंडाल, बांस की कारीगरी बनी मुख्य आकर्षणअहमदाबाद में नवरात्र उत्सव पर सख्त पहरा, 14,000 जवान और आधुनिक निगरानी तकनीक तैनातउपवास के दिनों में कमजोरी दूर भगाएंगे मेवों से बने चूरमा लड्डू, जानिए आसान विधि और फायदेगुजरात पुलिस भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को लिखित परीक्षा से राहत, डिप्टी सीएम हर्ष संघवी की घोषणामांकड़वाली रोड पर बेलगाम बुलेट ने बाइक को रौंदा, गर्भवती महिला और चार साल की बच्ची की हालत नाजुकहोंडा एलिवेट फेसलिफ्ट की ऑन-रोड कीमत और मासिक ईएमआई का पूरा गणित समझेंबुलियन बाजार में जोरदार उछाल, दो कारोबारी सत्रों में सोना 5500 रुपये और चांदी एक दिन में 4500 रुपये चढ़ी
चरखी दादरी के रजत फोगाट ने एचसीएस में हासिल की छठी रैंक, 384 अंक लेकर बने प्रशासनिक अधिकारीहरियाणा
10 अक्तू॰ 2026, 3:07 pm (2 घंटे पहले)· 0

चरखी दादरी के रजत फोगाट ने एचसीएस में हासिल की छठी रैंक, 384 अंक लेकर बने प्रशासनिक अधिकारी

हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा में ढाणी फोगाट के रजत फोगाट ने 384 अंक जुटाकर राज्य भर में छठा स्थान हासिल किया है। पिछली असफलताओं से सीख लेकर उन्होंने अपनी रणनीति बदली और सफलता पाई।

प्रशासनिक सेवाओं की चयन सूची में चरखी दादरी के एक युवा ने अपनी मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर शीर्ष पायदान पर जगह बनाई है। हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा जारी किए गए हरियाणा सिविल सेवा भर्ती परीक्षा के नतीजों में ढाणी फोगाट गांव के रहने वाले रजत फोगाट ने समूचे राज्य में छठा स्थान प्राप्त किया। आयोग की इस मेरिट सूची में उन्होंने कुल 384 अंक हासिल किए, जिसके बाद उनके गांव और पूरे जिले में जश्न मनाया जा रहा है। उनके घर पर रिश्तेदारों के साथ-साथ स्थानीय लोगों का तांता लगा हुआ है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि और पिछली चुनौतियों से ली सीख

रजत का ताल्लुक ऐसे परिवार से है जहां पढ़ाई-लिखाई को हमेशा तरजीह दी जाती रही है। उनके पिता बलराज फोगाट एक प्राइवेट स्कूल का संचालन करते हैं, जबकि उनकी मां शिक्षा विभाग में डिप्टी डीईओ के दायित्व का निर्वहन कर रही हैं। उनकी पत्नी डॉ. अस्मिता हैं। घर में पठन-पाठन का माहौल होने के बावजूद रजत के लिए इस मुकाम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा। इससे पहले वे यूपीएससी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा तीन बार लिख चुके थे। इसके अलावा उन्होंने भारतीय वन सेवा और हरियाणा सिविल सेवा की मुख्य परीक्षाओं का भी पूर्व में सामना किया था। उन शुरुआती प्रयासों में चयन न हो पाने पर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अपनी तैयारी की कमजोरियों को चिन्हित करते हुए उन्होंने अध्ययन के तौर-तरीकों को नए सिरे से गढ़ा और दोगुने उत्साह के साथ किताबों में जुट गए।

ये भी पढ़ें

दादा का मार्गदर्शन और ग्रामीण विकास का दृष्टिकोण

सिविल सेवा में प्रवेश की दिशा तय करने में उनके पारिवारिक परिवेश की अहम भूमिका रही। रजत बताते हैं कि बाल्यकाल के दौरान उनके दादाजी ने उन्हें जनसेवा के इस मार्ग पर चलने का हौसला दिया था। चूंकि कुनबे में पहले से भी कई प्रशासनिक पदों पर आसीन लोग रहे हैं, इसलिए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की ऊर्जा मिलती रही। सेवा में आने के पीछे उनका मूल लक्ष्य शासन की कल्याणकारी नीतियों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। वे खुद देहाती अंचल से आते हैं, इसलिए प्राइमरी एजुकेशन, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और गांवों के बुनियादी ढांचे में सुधार उनकी सबसे अहम प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

अभिभावकों की अपील और परिश्रम का प्रतिफल

बेटे की शानदार कामयाबी पर पिता बलराज फोगाट ने बताया कि रजत शुरुआती दिनों से ही पढ़ाई के प्रति निष्ठावान और अनुशासित रहा है। उन्होंने अभिभावकों को नसीहत दी कि यदि युवा किसी इम्तिहान में असफल रह जाएं तो उनका मनोबल तोड़े बिना उनका साथ दें। वहीं उनकी मां ने कहा कि बेटे ने उनकी कड़ी तपस्या और मेहनत को सार्थक कर दिखाया है। उनका मानना है कि माता-पिता को संतान की स्वाभाविक रुचि को पहचानकर हर कदम पर मजबूती से खड़े रहना चाहिए।

सवाल-जवाब

रजत फोगाट ने हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा में कौन सी रैंक हासिल की?
रजत फोगाट ने हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा में पूरे प्रदेश में छठा रैंक प्राप्त किया है।
रजत फोगाट ने इस परीक्षा में कुल कितने अंक प्राप्त किए?
उन्होंने इस परीक्षा में कुल 384 अंक हासिल किए हैं।
रजत फोगाट हरियाणा के किस जिले और गांव के निवासी हैं?
वे चरखी दादरी जिले के गांव ढाणी फोगाट के रहने वाले हैं।
रजत फोगाट के माता-पिता क्या करते हैं?
उनके पिता बलराज फोगाट निजी स्कूल संचालक हैं और उनकी मां शिक्षा विभाग में डिप्टी डीईओ के पद पर कार्यरत हैं।
रजत ने इससे पहले कौन सी मुख्य परीक्षाएं दी थीं?
वे पूर्व में तीन बार यूपीएससी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा, वन सेवा परीक्षा और एचसीएस मुख्य परीक्षा दे चुके थे।
प्रशासनिक सेवा में रजत की मुख्य प्राथमिकताएं क्या हैं?
ग्रामीण पृष्ठभूमि से होने के कारण बुनियादी शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और ग्रामीण आधारभूत ढांचे में सुधार उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·43 मिनट पहले

असफलताओं के बाद भी हार न मानकर खुद को बदलना ही असली सफलता है। चरखी दादरी के रजत फोगाट ने साबित कर दिया कि निरंतर प्रयास से सब मुमकिन है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·43 मिनट पहले

रविकेश जी, सही कहा आपने। यूपीएससी के तीन मेंस लिखने के बाद भी हार न मानकर एचसीएस में छठी रैंक लाना गज़ब की जिद है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

असफलता के बाद भी डटे रहने की जिद ही इंसान को अलग बनाती है। चरखी दादरी के रजत फोगाट ने साबित कर दिया कि बार-बार गिरने के बाद भी अगर आप अपनी कमियों पर काम करें, तो एक दिन मंजिल मिल ही जाती है।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

करण भाई, यूपीएससी मेंस तीन बार लिखने के बाद एचसीएस में छठी रैंक लाना वाकई गजब की जि ललक दिखाता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp