मणिपुर के कामजोंग जिले में शुक्रवार रात अचानक बिगड़े हालात के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं। चसाड गांव में भड़की अशांति के दौरान चली गोली से पांच बच्चों की मां दोमखोनेई तौथांग की मौत हो गई। उनकी गर्दन के पास गोली लगी थी, जिसके तुरंत बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। वह स्थानीय स्वयंसेवकों को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ चल रहे एक विरोध प्रदर्शन में शामिल थीं, तभी यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी। इस खूनी टकराव और घरों में आगजनी की खबरों के बाद पूरे इलाके में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
गोलीबारी और आगजनी से दहला चसाड गांव
क्षेत्र में तैनात सुरक्षा बलों पर संदिग्ध कुकी सशस्त्र समूहों की तरफ से अचानक गोलियां चलाई गईं, जिसके जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभाला। दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई यह भीषण गोलीबारी शुक्रवार देर रात से लेकर शनिवार सुबह तक रुक-रुक कर चलती रही। इस हिंसक टकराव में दोनों पक्षों के कई नागरिकों के घायल होने की खबर सामने आई है। इसके साथ ही उपद्रव के दौरान कम से कम चार घरों को आग के हवाले कर दिया गया। हालांकि, घायलों की कुल संख्या और संपत्ति के नुकसान का आधिकारिक आकलन प्रशासन की ओर से पूरा किया जाना बाकी है।
तांगखुल नगा ग्रामीणों के मकानों को भी बनाया गया निशाना
इस ताजा घटनाक्रम से ठीक पहले 9 और 10 अक्टूबर की दरमियानी रात को अज्ञात उपद्रवियों ने तांगखुल नगा समुदाय के ग्रामीणों के घरों में आग लगा दी थी। लगातार दो दिनों से बन रहे इस तनावपूर्ण माहौल ने कुकी और नगा समूहों के बीच की दूरियों को और गहरा कर दिया। महिला की मौत पर कुकी ह्यूमन राइट्स फोरम, कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन और उखरुल की कुकी सीएसओ वर्किंग कमेटी ने कड़ा आक्रोश जताया है। इन संगठनों ने इस घटना की पुरजोर निंदा करते हुए जिम्मेदार सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
प्रशासन ने लागू की धारा 163, सख्त पहरा
हालात को और ज्यादा बिगड़ने से रोकने के लिए जिला मजिस्ट्रेट ने त्वरित कदम उठाते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। यह निषेधाज्ञा चसाड पुलिस गेट जंक्शन के 400 मीटर के दायरे में प्रभावी की गई है। इस आदेश के तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह जमा होने, किसी भी प्रकार के घातक हथियार या खतरनाक वस्तुएं लेकर चलने और इलाके में बिना अनुमति आवाजाही पर पूर्ण पाबंदी रहेगी।
किन्हें मिलेगी प्रतिबंधों से छूट
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था की ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाबलों, ड्यूटी मजिस्ट्रेटों और बुनियादी जनसुविधाओं से जुड़े आवश्यक सेवा कर्मियों पर यह पाबंदी लागू नहीं होगी। इसके अलावा, जिन नागरिकों के पास कामजोंग जिले के जिला मजिस्ट्रेट या पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी विशेष अनुमति पत्र होगा, उन्हें भी इस दायरे से बाहर रखा गया है। लगातार सामने आ रहे इन टकरावों ने पूर्वोत्तर के इस राज्य में शांति बहाली की कोशिशों के सामने खड़ी नाजुक सुरक्षा चुनौतियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।























