हरियाणा के प्रमुख आर्थिक केंद्र और दिल्ली से सटे गुरुग्राम में लगातार दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने शहर की प्रशासनिक व्यवस्था और बुनियादी ढांचे की पोल खोल दी है। मूसलाधार बारिश के कारण शहर की प्रमुख सड़कों पर भारी जलभराव हो गया है, वहीं दिल्ली-जयपुर हाईवे पर इफ्को चौक के पास एक विशाल 15 फीट गहरा और लगभग 10 फीट चौड़ा गड्ढा बन गया। सड़क धंसने की इस गंभीर घटना के बाद एहतियातन उस मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया है और मरम्मत का काम शुरू किया गया है।
इफ्को चौक के पास धंसी सड़क और मरम्मत का कार्य
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर इफ्को चौक के समीप सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस जाने से बड़ा खतरा पैदा हो गया था। गड्ढे की चौड़ाई लगभग 10 फीट और गहराई 15 फीट होने के कारण यातायात पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत बैरिकेड लगाकर संबंधित रास्ते को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया। यह हाईवे नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अधिकार क्षेत्र में आता है। NHAI और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) की टीमें संयुक्त रूप से मरम्मत में जुटी हैं। NHAI के अनुसार, यह गड्ढा सड़क के नीचे बिछी GMDA की सीवर लाइन में हुए रिसाव के कारण बना है। GMDA के कर्मचारी सीवर लाइन के लीकेज को ठीक करने और धंसे हुए रास्ते को भरने का कार्य कर रहे हैं।
550 करोड़ रुपये के बजट के बावजूद जलमग्न हुआ शहर
गुरुग्राम की पहचान एक हाईटेक मिलेनियम सिटी के रूप में है, जो हरियाणा राज्य को सबसे अधिक राजस्व प्रदान करता है। हालांकि, चंद घंटों की बारिश ने शहर के जल निकासी प्रबंधन की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी है। पिछले पांच वर्षों के दौरान शहर के ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनाने पर करीब 550 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन इसके बावजूद दो दिनों की बारिश में पूरा गुरुग्राम पानी में डूब गया। शहर के प्रमुख चौराहे और मुख्य सड़कें, जिनमें सुभाष चौक से लेकर राजीव चौक तक का पूरा रास्ता शामिल है, पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं।
सड़कों पर फंसे नागरिक और स्कूली बच्चे
सोमवार को हुई भारी बारिश के दौरान शहर के कई इलाकों में पानी भरने से स्कूली बसें और अन्य वाहन घंटों जाम में फंसे रहे। विभिन्न स्कूलों के बच्चों को जलभराव वाले रास्तों से रेस्क्यू कर सुरक्षित उनके घर पहुंचाया गया। मंगलवार को भी दिनभर बारिश का दौर जारी रहा, जिससे स्थानीय निवासियों की मुश्किलें और बढ़ गईं। जलमग्न सड़कों और लंबे ट्रैफिक जाम के दृश्य सोशल मीडिया पर भी छाए रहे।
30 सितंबर 2026 तक के लिए स्कूल बसों हेतु सख्त निर्देश
बारिश के मौसम में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कड़ा कदम उठाया है। उपायुक्त उत्तम सिंह ने स्कूल बसों की सुरक्षित आवाजाही के लिए तत्काल प्रभाव से नए दिशा-निर्देश लागू कर दिए हैं। यह आदेश 30 सितंबर 2026 तक या अगले आदेश तक लागू रहेगा। इसके तहत यदि किसी स्कूल बस का तय मार्ग जलभराव के कारण असुरक्षित पाया जाता है, तो बस को उस रास्ते पर भेजने की मनाही होगी और स्कूल प्रबंधन को तुरंत सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करना होगा।



















