मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकलीं दो ढाई साल की मादा चीते राजस्थान की सीमा में दाखिल हो गई हैं। OKAD-1 और OKAD-2 नाम की ये दोनों चीते बारां जिले के अंतर्गत आने वाले शाहाबाद क्षेत्र के राजपुर और बहटा जंगलों में विचरण कर रही हैं। चीतों की बदलती लोकेशन और लगातार आवाजाही को देखते हुए राजस्थान वन विभाग और कूनो नेशनल पार्क का मैदानी अमला अलर्ट मोड पर आ गया है। वन्यजीव अधिकारी लगातार उनकी लोकेशन ट्रैकिंग कर रहे हैं, ताकि जंगलों में उनकी सुरक्षा और आसपास के रिहाइशी इलाकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बोत्सवाना से भारत आगमन और कूनो से राजस्थान का सफर
यह दोनों मादा चीते उन नौ चीतों के दल का हिस्सा हैं, जिन्हें फरवरी 2026 में अफ्रीकी देश बोत्सवाना से भारत लाया गया था। भारत में चीता पुनर्वसन परियोजना के तहत इन्हें मध्य प्रदेश स्थित प्रसिद्ध कूनो नेशनल पार्क में रखा गया था। कूनो के बाड़े और खुले जंगल में कुछ समय बिताने के बाद इन दोनों युवा चीतों ने अपना दायरा बढ़ाना शुरू कर दिया। वे मध्य प्रदेश की सीमा पार कर राजस्थान के बारां जिले के शाहाबाद वन क्षेत्र में आ पहुंचीं। करीब ढाई वर्ष की उम्र की ये दोनों चीते राजपुर और बहटा गांव के आसपास के घने जंगलों में चहलकदमी करती देखी गई हैं।
वीरा के बाद दूसरी बार सीमा पार पहुंचे चीते
शाहाबाद के जंगलों में चीतों का यह प्रवेश कोई पहली घटना नहीं है। महज चार दिन पहले भी इसी वन क्षेत्र में एक अन्य मादा चीता वीरा विचरण करती पाई गई थी। वीरा कुछ समय तक शाहाबाद के जंगलों में रहने के बाद खुद ही वापस मध्य प्रदेश की सीमा में लौट गई थी। हालांकि, उसके तुरंत बाद दो और चीतों के एक साथ पहुंचने से वन विभाग की चिंताएं और जिम्मेदारियां दोनों बढ़ गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ विवेकानंद बड़े लगातार जमीनी गतिविधियों का जायजा ले रहे हैं। वनकर्मियों की अलग-अलग टीमों को जंगल में तैनात किया गया है जो चीतों के हर कदम पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
शाहाबाद का प्राकृतिक माहौल और वन्यजीव विशेषज्ञों की राय
वन्यजीव विशेषज्ञों और वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि कूनो से निकलकर चीतों का बार-बार शाहाबाद की ओर रुख करना काफी अहम संकेत देता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बारां जिले के शाहाबाद क्षेत्र का प्राकृतिक वातावरण, हरियाली और वन परिदृश्य इन अफ्रीकी चीतों के अनुकूल साबित हो रहा है। यही वजह है कि चीते कूनो से निकलकर स्वाभाविक रूप से इस इलाके की ओर खिंचे चले आ रहे हैं। अगर यह रुझान जारी रहता है, तो भविष्य में यह क्षेत्र चीतों के प्राकृतिक कॉरिडोर और विचरण स्थल के रूप में विकसित हो सकता है।
स्थानीय ग्रामीणों के लिए वन विभाग की सुरक्षा एडवाइजरी
चीतों की मौजूदगी के मद्देनजर वन विभाग ने शाहाबाद और राजपुर-बहटा के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने आम जनता और ग्रामीणों से अपील की है कि वे चीतों की लोकेशन मिलने पर उत्सुकतावश भीड़ न जुटाएं और उनसे सुरक्षित दूरी बनाकर रखें। यदि किसी ग्रामीण को जंगल में या आसपास चीते दिखाई देते हैं, तो उनके पीछे जाने या पास पहुंचने की गलती न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग की स्थानीय टीम को सूचित करें। विभाग की प्राथमिकता चीतों को सुरक्षित माहौल देने के साथ-साथ स्थानीय आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।




















