गुरुग्राम में रेडी मिक्स कंक्रीट यानी आरएमसी प्लांट चलाने वाले कारोबारियों ने अब प्रशासन और प्रदूषण विभाग के सामने सीधी चुनौती पेश कर दी है। बड़ी तादाद में एकजुट हुए इन प्लांट संचालकों ने जिला उपायुक्त को अपना ज्ञापन देते हुए अपनी मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला सुना दिया है।
इन कारोबारियों का कहना है कि प्रशासन और प्रदूषण विभाग बेमतलब उन पर सख्ती दिखा रहे हैं, और हैरानी की बात यह है कि गुरुग्राम तथा फरीदाबाद में एक ही कारोबार के लिए अलग-अलग कायदे थोपे जा रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस हड़ताल की वजह से शहर में जारी कई सरकारी और निजी निर्माण परियोजनाओं की रफ्तार रुक सकती है। नगर निगम, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के साथ-साथ कई सौ करोड़ रुपये के विकास कार्य भी इस हड़ताल की चपेट में आ सकते हैं।
असल में गुरुग्राम और मानेसर इलाके में चल रहे 100 से ज्यादा आरएमसी प्लांटों के मालिक और संचालक बड़ी संख्या में जुटे। उनका साफ कहना है कि जिस तरह के हालात इस समय बने हुए हैं, उनमें इन प्लांटों को चला पाना दिन-ब-दिन कठिन होता जा रहा है।
आरएमसी प्लांट संचालकों के मुताबिक हाल के दिनों में कई इकाइयों पर शिकंजा कसते हुए करोड़ों रुपये की जुर्माना राशि वसूली गई। उनका दावा है कि बीते दिनों करीब 25 करोड़ रुपये का जुर्माना ठोका गया। संचालकों ने यह भी सवाल खड़ा किया कि जब गुरुग्राम और फरीदाबाद दोनों ही हरियाणा के जिले हैं, तो आखिर एक जैसे उद्योग पर अलग-अलग नियम क्यों लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने इस मसले पर एक समान नीति लागू करने की मांग रखी है।
प्लांट संचालक सुनील जिंदल का कहना है कि प्रशासन उनसे किराए की जमीन पर भी सीएलयू की शर्त पूरी करने की उम्मीद कर रहा है, जबकि किरायेदार के तौर पर ऐसा कर पाना व्यावहारिक रूप से मुमकिन ही नहीं है। संचालकों ने दो टूक कह दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया जाता, उनकी हड़ताल इसी तरह चलती रहेगी। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और संचालकों के बीच बातचीत से कोई हल निकलता है या फिर इसका असर शहर के विकास कार्यों पर और गहराता चला जाता है।













