पटना समेत बिहार के बड़े हिस्से में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत से सक्रिय हो गया है और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आज राज्य के मौसम को लेकर नई चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक राज्य के ज्यादातर इलाकों में आसमान में बादल छाए रहेंगे, कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश देखने को मिलेगी, जबकि कुछ जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ झमाझम बरसात हो सकती है। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि खराब मौसम के दौरान लोग खुले में निकलने से बचें और सुरक्षित जगह पर शरण लें। किशनगंज, अररिया और पूर्णिया समेत कुल 13 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
किन इलाकों में असर सबसे ज्यादा दिखेगा
मौसम विभाग की रिपोर्ट बताती है कि राज्य के उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-मध्य हिस्सों में हालात सबसे ज्यादा बिगड़ सकते हैं। इसमें गया, नवादा, जमुई, मुंगेर, बांका, भागलपुर, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, कटिहार, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज शामिल हैं। यहां तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तूफानी हवाएं परेशानी बढ़ा सकती हैं। कुछ जगहों पर मूसलधार बारिश से सड़कों पर पानी भरने और आवागमन में रुकावट आने का भी खतरा जताया गया है, जिससे स्थानीय प्रशासन को पहले से तैयार रहने की जरूरत होगी।
सबसे तेज बरसात कहां दर्ज हो सकती है
अनुमान बताता है कि जमुई, मुंगेर, बांका, भागलपुर, खगड़िया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, कटिहार, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज वाले इलाके में बारिश की मात्रा सबसे ज्यादा रहेगी। इसके साथ ही पटना, नालंदा, जहानाबाद, गया और औरंगाबाद में भी अच्छी-खासी बरसात हो सकती है, और यहां कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज होने के आसार हैं। उधर बेगूसराय, समस्तीपुर, मधुबनी और दरभंगा में भी बादल जमकर बरस सकते हैं, जिससे इन इलाकों के किसानों को धान की रोपाई में फायदा मिल सकता है।
वज्रपात और आंधी का खतरा किन जिलों पर मंडरा रहा
पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, बांका, भागलपुर, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, नवादा, गया, नालंदा और पटना में आज बिजली गिरने का खतरा ज्यादा बताया गया है। इन जिलों में हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। यही वजह है कि मौसम विभाग ने खेतों में काम करने वाले किसानों और खुले मैदान में मौजूद लोगों को खास सतर्कता बरतने को कहा है, क्योंकि तेज हवा और वज्रपात का यह मेल जानलेवा साबित हो सकता है।
कहां झुलसाएगी गर्मी और उमस
दिलचस्प बात यह है कि बारिश के इस दौर के बावजूद औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर और बक्सर जैसे पश्चिमी व दक्षिण-पश्चिमी जिलों में बादल उतनी मेहरबानी नहीं दिखाएंगे। यहां बारिश कम रहने से उमस का असर ज्यादा महसूस होगा और अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। हालांकि राहत की बात यह है कि लू जैसी खतरनाक स्थिति बनने की फिलहाल कोई आशंका नहीं जताई गई है।
कहां रहेगा मौसम सबसे सुहाना
वहीं दूसरी तरफ वाल्मीकिनगर, भागलपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, कटिहार, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज इलाके के लोगों के लिए मौसम खुशनुमा बना रहेगा। लगातार बादल छाए रहने, ठंडी हवाओं के चलने और बीच-बीच में बारिश होते रहने से इन जिलों में तापमान सामान्य से नीचे रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को उमस और चिपचिपी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
प्रशासन और मौसम विभाग ने दी यह सलाह
पटना स्थित मौसम केंद्र ने अपील की है कि गरज-चमक के समय कोई भी व्यक्ति खुले मैदान, खेत, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़ा न हो। तेज बारिश के दौरान बेवजह घर से बाहर निकलने से बचें और जलभराव वाली सड़कों पर फिसलन का खास ध्यान रखें। जिन इलाकों में वज्रपात की चेतावनी दी गई है, वहां किसानों को तुरंत खेत छोड़कर सुरक्षित ठिकाने की ओर बढ़ जाना चाहिए। आने वाले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में मौसम इसी तरह उतार-चढ़ाव भरा रहने का अनुमान है, इसलिए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की हर अपडेट पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा, ताकि किसी भी अनहोनी से समय रहते बचा जा सके।




















