जापान की धरती पर आयोजित हो रहे एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश को धूल चटा दी। इस मैच में भारतीय सलामी बल्लेबाज शैफाली वर्मा ने विस्फोटक अंदाज में खेलते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर का पहला शतक जड़ा। शैफाली की इस ऐतिहासिक पारी के बाद हरियाणा के रोहतक स्थित उनके घर में जश्न और भावुकता का माहौल देखा गया। घर पर अकेले बैठकर मैच देख रहे उनके दादा संतलाल वर्मा अपनी पोती के इस मुकाम को देखकर भावुक हो गए और उनकी आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े।
रोहतक में अकेले बैठकर दादा ने देखा पूरा मुकाबला
शैफाली के दादा संतलाल वर्मा ने बताया कि जब यह मुकाबला चल रहा था, तब वह घर पर बिल्कुल अकेले थे। परिवार के बाकी सदस्य, जिनमें शैफाली के माता-पिता भी शामिल हैं, गणेश विसर्जन के सिलसिले में हरिद्वार गए हुए थे। संतलाल ने टेलीविजन के सामने बैठकर शुरू से लेकर अंत तक पूरा मैच देखा। जैसे ही शैफाली ने अपना शतक पूरा किया, उनके दादा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने बताया कि वह लंबे अरसे से इस पल का इंतजार कर रहे थे कि उनकी पोती अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में तीन अंकों का आंकड़ा छुए।
नर्वस नाइंटीज की कसक हुई दूर
संतलाल वर्मा के अनुसार शैफाली इससे पहले कई मौकों पर शतक के बेहद करीब पहुंचकर चूक गई थीं, लेकिन इस बार उन्होंने कोई गलती नहीं की और बेहद संयम व आक्रामकता के साथ शानदार शतकीय पारी खेली। उन्होंने अपनी पुरानी बातचीत को याद करते हुए बताया कि शैफाली जब भी खेल के बाद घर लौटती है, तो हमेशा कहती है कि दादाजी, वह देश के लिए बेहतरीन खेल दिखाएगी और भारत का गौरव बढ़ाएगी। शैफाली की कड़ी मेहनत पर गर्व जताते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि वह आने वाले समय में भी भारतीय टीम के लिए इसी तरह मैच जिताऊ प्रदर्शन जारी रखेगी।
स्मृति मंधाना को पछाड़कर बनाया नया रिकॉर्ड
बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए इस सेमीफाइनल मुकाबले में शैफाली वर्मा ने सिर्फ 49 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 100 रनों की तूफानी पारी खेली। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने जोरदार छक्के भी लगाए। इन छक्कों के दम पर शैफाली अब भारतीय महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। उनके नाम अब टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कुल 104 छक्के दर्ज हो चुके हैं। इस शानदार मुकाम पर पहुंचते हुए उन्होंने अपनी साथी खिलाड़ी स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है।
खिताब जीतने की मजबूत उम्मीद
भारतीय महिला टीम के समग्र खेल पर बात करते हुए संतलाल वर्मा ने कहा कि टीम के खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों ही विभागों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। किसी भी बड़े टूर्नामेंट को जीतने के लिए तीनों क्षेत्रों में ऐसा ही संतुलन जरूरी होता है। टीम के इस शानदार खेल को देखते हुए उन्होंने पूरी उम्मीद जताई कि भारतीय महिला टीम इस बार एशियन गेम्स की ट्रॉफी जीतकर ही वतन लौटेगी।


















