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अरुणाचल में जान गंवाने वाले अग्निवीर समुद्र गुर्जर के पैतृक गांव केसपुरा में उमड़ी भीड़, नम आंखों से दी अंतिम विदाईराजस्थान
5 नव॰ 2026, 10:37 am (1 मिनट पहले)· 1

अरुणाचल में जान गंवाने वाले अग्निवीर समुद्र गुर्जर के पैतृक गांव केसपुरा में उमड़ी भीड़, नम आंखों से दी अंतिम विदाई

अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली में बादल फटने और बाढ़ की चपेट में आकर प्राण गंवाने वाले अग्निवीर समुद्र गुर्जर की अस्थियां अलवर पहुंचीं। पैतृक गांव केसपुरा में लोगों ने फूल बरसाकर उन्हें विदाई दी।

अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले अग्निवीर समुद्र गुर्जर की अस्थियां राजस्थान के अलवर पहुंच चुकी हैं। इस दुखद घटना के बाद जैसे ही उनके अवशेष क्षेत्र में पहुंचे, पूरे इलाके में गहरा शोक छा गया। इटाराना स्थित सैनिक छावनी में सेना के जवानों और अधिकारियों ने उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। औपचारिक सैन्य विदाई प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके अवशेषों को अंतिम संस्कार और रीति-रिवाजों के लिए पैतृक गांव केसपुरा ले जाया गया।

सड़क किनारे श्रद्धांजलि देने उमड़ा जनसैलाब

शहीद जवान की अंतिम यात्रा जब अलवर की सैनिक छावनी से पैतृक गांव केसपुरा की तरफ बढ़ी, तो रास्ते भर भावुक कर देने वाले दृश्य देखने को मिले। सड़क के दोनों किनारों पर विभिन्न समुदायों और आसपास के ग्रामीण इलाकों के नागरिक कतारबद्ध होकर खड़े थे। हर कोई अपने क्षेत्र के इस वीर सपूत के अंतिम दर्शन करने और नमन करने के लिए व्याकुल नजर आया। केसपुरा गांव के मुख्य बस स्टैंड पर भी सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा एकत्रित थे, जो नम आंखों से विदाई यात्रा के पहुंचने का इंतजार कर रहे थे।

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जेसीबी से पुष्प वर्षा और ग्रामीणों की खास तैयारियां

केसपुरा और आसपास के गांवों के निवासियों ने इस विदाई यात्रा को यादगार और सम्मानजनक बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की थी। रास्ते में कई स्थानों पर भारी जेसीबी मशीनों की मदद से फूलों की बारिश कर अस्थि कलश का स्वागत किया गया। समाज के सभी वर्गों के लोग आपसी मतभेद भुलाकर एक साथ आए और वीर जवान के सम्मान में शामिल हुए। गांव के निवासियों का कहना है कि मातृभूमि की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वाले इस युवा सैनिक का त्याग क्षेत्र के इतिहास में हमेशा अमर रहेगा।

परिवार में छाया मातम, दो बहनों के सिर से उठा इकलौते भाई का साया

अग्निवीर समुद्र गुर्जर अपने घर में दो बहनों के इकलौते भाई थे। इस युवा बेटे के अचानक चले जाने से पूरे परिवार की खुशियां छिन गई हैं और परिजनों पर भारी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बहनों और माता-पिता की हालत देखकर वहां मौजूद हर ग्रामीण की आंखें छलक पड़ीं। गांव के लोग लगातार पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उन्हें इस असहनीय दर्द को सहने का ढांढस बंधा रहे हैं। पूरे क्षेत्र में चूल्हे तक नहीं जले और हर व्यक्ति अपने इस वीर सपूत को अंतिम विदाई देने में जुटा रहा।

सवाल-जवाब

शहीद अग्निवीर समुद्र गुर्जर कहां के रहने वाले थे?
वे राजस्थान के अलवर जिले के केसपुरा गांव के निवासी थे।
यह हादसा किस स्थान पर और कैसे हुआ?
यह हादसा अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली क्षेत्र में बादल फटने और उसके बाद आई अचानक बाढ़ के कारण हुआ।
अलवर पहुंचने पर उन्हें कहां सैन्य सम्मान दिया गया?
उनकी अस्थियां अलवर पहुंचने पर इटाराना स्थित सैनिक छावनी में उन्हें पूर्ण सैन्य सम्मान दिया गया।
केसपुरा गांव में ग्रामीणों ने उनका स्वागत किस तरह किया?
ग्रामीणों और सर्व समाज के लोगों ने जेसीबी मशीनों से पुष्प वर्षा कर उनकी अंतिम विदाई यात्रा का स्वागत किया।
समुद्र गुर्जर के परिवार में कौन-कौन हैं?
वे अपने परिवार में दो बहनों के इकलौते भाई थे।
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