हरियाणा के करनाल में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए दिल्ली से चंडीगढ़ जा रहे एक ट्रक से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है। इस ट्रक में ऊपर की तरफ काजू के छिलके के कट्टे भरे हुए थे, जिनकी आड़ में अवैध नशे की बड़ी खेप ले जाई जा रही थी। जब पुलिस ने वाहन की तलाशी ली, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है जो आपस में चाचा और भतीजे बताए जा रहे हैं।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई करनाल की एंटी नारकोटिक्स सेल द्वारा की गई है। पुलिस को एक गोपनीय सूचना मिली थी कि दिल्ली से चंडीगढ़ की ओर एक संदिग्ध ट्रक जाने वाला है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए घरौंडा के पाल पुलिस ने रास्ते में ही ट्रक को रुकवा लिया। शुरुआत में जब पुलिस ने ड्राइवर और उसके साथ मौजूद क्लीनर से पूछताछ की, तो उन्होंने बहुत ही सहजता से जवाब दिया कि वाहन के भीतर काजू के छिलके भरे पड़े हैं।
कट्टे हटाते ही सामने आया अवैध गांजा
ड्राइवर और क्लीनर के जवाब से संतुष्ट न होकर पुलिस ने शक के आधार पर ट्रक के अंदरूनी हिस्से की गहन जांच करने का फैसला किया। जैसे ही पुलिसकर्मियों ने ऊपर रखे कट्टों को हटाना शुरू किया, उनकी आंखें फटी रह गई। काजू के छिलकों के बोरों के ठीक पीछे गांजा पत्ती के कुल 19 कट्टे छिपाकर रखे गए थे। जब इन सभी कट्टों का वजन किया गया, तो कुल बरामदगी 519 किलो से ज्यादा पाई गई, जिसकी बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है।
मालिक और आरोपियों की पहचान
एंटी नारकोटिक्स विभाग के जांच अधिकारी प्रदीप ने मीडिया को दी गई जानकारी में बताया कि यह पूरी खेप फुल गांजा पत्ती की थी। पकड़े गए दोनों आरोपी रिश्ते में चाचा और भतीजा हैं, जिन्हें पुलिस ने मौके पर ही हिरासत में ले लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ट्रक का ड्राइवर खुद को ही इसका मालिक बता रहा है। इसके अलावा, शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि यह ट्रक राजस्थान में पंजीकृत है और इसका मालिक हरियाणा के नूंह का रहने वाला है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
पुलिस ने इस तस्करी के खेल में संलिप्त दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ का सिलसिला जारी है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके। जांच अधिकारी प्रदीप ने बताया कि बुधवार को दोनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनकी रिमांड की मांग कर सकती है ताकि यह अवैध माल कहां से लोड किया गया था और इसे आगे किसे सौंपा जाना था, इस बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा सके।



















