हरियाणा के अंबाला शहर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां हिमाचल प्रदेश से आई एक गाड़ी के साथ करीब 10 फीट लंबा और लगभग 35 किलो वजनी अजगर शहर तक पहुंच गया। परशुराम नगर इलाके में इस भारी-भरकम सांप के अचानक प्रकट होने से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। शुरुआती दौर में यह विशाल अजगर एक आवासीय परिसर के पास नजर आया और फिर अपनी जान बचाने की कोशिश में वहां खड़ी एक कार के टायर से लिपटते हुए सीधे उसके बोनट के भीतर जा घुसा। इसके बाद वन्यजीव विभाग और स्थानीय बचाव दल के सदस्यों को इस खतरनाक जीव को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए घंटों पसीना बहाना पड़ा। वाहन के कई पुर्जे और हिस्से खोलने के बाद आधी रात के आसपास जाकर इस जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सका। इस घटना के सामने आने के बाद से यह प्रबल आशंका जताई जा रही है कि यह अजगर हिमाचल प्रदेश नंबर की उसी गाड़ी के जरिए अंबाला तक का सफर तय करके आया होगा।
घर के बाहर दिखा अजगर और फिर कार के बोनट में ली शरण
यह पूरी घटना रात के लगभग साढ़े नौ बजे की बताई जा रही है, जब परशुराम नगर में मकान नंबर 99 के समीप रहने वाले हार्दिक और उनके छोटे भाई अनिकेत ने अपने घर के बाहर इस अजगर को चहलकदमी करते हुए देखा। इतने बड़े और भारी-भरकम सांप को अपनी आंखों के सामने देखकर दोनों भाई बुरी तरह घबरा गए। बिना देर किए उन्होंने तुरंत आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल करके इसकी सूचना दी, जिसके माध्यम से पुलिस और वन्यजीव विभाग तक खबर पहुंचाई गई। हालांकि आधिकारिक बचाव दल के मौके पर पहुंचने से पहले ही दोनों भाइयों ने किसी तरह हिम्मत जुटाकर सांप को अपने घर के परिसर से बाहर खदेड़ दिया, लेकिन इससे खतरा टला नहीं बल्कि और बढ़ गया। वह अजगर तेजी से आगे बढ़ते हुए पास ही पार्क की गई एक कार के पहिए से लिपट गया और कुछ ही पलों के भीतर उसके बोनट के अंदर गहराई में जा छिपा। अब इस विशाल जीव को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित बाहर निकालना एक बड़ी चुनौती बन चुका था।
घंटों चली मशक्कत और कार के पुर्जे खोलकर हुआ रेस्क्यू
जैसे ही इस बात की भनक आसपास के लोगों को लगी, मौके पर भारी भीड़ जमा होनी शुरू हो गई। उस दौरान हो रही हल्की बारिश के बावजूद लोग अपने हाथों में छाते थामे हुए इस पूरी बचाव कार्रवाई पर लगातार नजर बनाए रहे। हर किसी के मन में बस यही सवाल था कि आखिर वाहन के अंदर छिपे इस विशाल अजगर को सुरक्षित बाहर कैसे निकाला जाएगा। रात के करीब 10 बजे वन्यजीव निरीक्षक आकाश चहल के साथ-साथ वंदे मातरम दल के प्रमुख सदस्य भरत कुमार, मनीष और सौरभ घटनास्थल पर पहुंचे। टीम ने पूरी सावधानी बरतते हुए अपना रेस्क्यू अभियान शुरू किया, क्योंकि अजगर वाहन के अंदर इस प्रकार फंसा हुआ था कि उसे सीधे खींचकर बाहर निकालना कतई संभव नहीं था। सांप को किसी भी प्रकार की चोट से बचाने के लिए विशेषज्ञों को उस वाहन के कई हिस्सों को खोलना पड़ गया। अभियान के दौरान गाड़ी का वाइजर, हेडलाइट, एसी से जुड़े कंपोनेंट्स और अन्य नाजुक हिस्सों को बेहद एहतियात के साथ हटाया गया। लंबी और कठिन जद्दोजहद के बाद रात के लगभग पौने 12 बजे आखिरकार उस अजगर को वाहन के अंदर से बाहर निकालने में सफलता हासिल हुई। इसके तुरंत बाद उसे पूरी सुरक्षा के साथ एक मजबूत प्लास्टिक बैग के अंदर डालने की प्रक्रिया पूरी की गई। रात के ठीक 12 बजे यह पूरा रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त हुआ, जिसके बाद वहां मौजूद सभी लोगों ने राहत की सांस ली।
विशेषज्ञों की अपील और अजगर के सफर का अनुमान
इस पूरे घटनाक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए बचाव दल के सदस्य भरत कुमार ने बताया कि रिहायशी इलाके में अजगर की मौजूदगी की सूचना मिलते ही उनकी टीम फौरन मौके के लिए रवाना हो गई थी। लगभग तीन से चार घंटे की लगातार मशक्कत के बाद गाड़ी के अंदरूनी हिस्सों को खोलकर इस अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। घटनास्थल पर हिमाचल प्रदेश के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली एक गाड़ी भी मौजूद थी, जिसके बारे में यह तथ्य सामने आया कि वह अक्सर शिमला और हिमाचल के अन्य इलाकों के बीच आना-जाना करती है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए यह कयास लगाया जा रहा है कि यह विशाल अजगर संभवतः उसी गाड़ी के इंजन या बोनट में छिपकर अंबाला तक पहुंच गया होगा। सफल रेस्क्यू के बाद वन्यजीव विभाग की टीम ने उस अजगर को ले जाकर किसी सुरक्षित जंगल के प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। वन्यजीव बचाव दल ने आम नागरिकों से विशेष अपील की है कि वे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले वाहनों को चलाने से पहले उनके बोनट और इंजन के आसपास के हिस्सों की अच्छी तरह जांच जरूर कर लें, क्योंकि कई बार ये जीव आश्रय या गर्मी की तलाश में वाहनों के भीतर छिप जाते हैं।



















