हरियाणा के फरीदाबाद जिले से एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मां ने घरेलू तनाव और गुस्से में आकर अपने ही दो साल के मासूम बेटे पर पेपर कटर से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद सक्रिय हुई स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद उसे शहर की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत के आदेश पर महिला को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
शिव एन्क्लेव में घटी खौफनाक वारदात
यह दर्दनाक घटना फरीदाबाद स्थित शिव एन्क्लेव पार्ट-3 इलाके की है। पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार इसी मकान में रहता है। शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि उनकी शादी को लगभग पांच साल का समय बीत चुका है। शादी के बाद से उनके तीन छोटे बच्चे हैं। कृष्ण कुमार ने अपनी पत्नी के व्यवहार को लेकर कई अहम खुलासे किए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी अक्सर छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ी हो जाती थी और बच्चों के प्रति उसका रवैया सामान्य नहीं था। वह अक्सर गुस्से में आकर अपने ही छोटे बच्चों के साथ मारपीट करती रहती थी।
पति और सास के काम पर जाने के बाद हुआ हमला
मामले की विस्तृत जांच में सामने आया कि 26 अगस्त की दोपहर को यह वारदात अंजाम दी गई। उस समय घर के अन्य जिम्मेदार सदस्य मौजूद नहीं थे। रोजमर्रा की तरह कृष्ण कुमार और उनकी मां (मासूम की दादी) अपने-अपने काम के सिलसिले में घर से बाहर गए हुए थे। घर पर महिला अपने तीनों बच्चों के साथ अकेली मौजूद थी। इसी दौरान अचानक महिला का गुस्सा भड़क उठा और उसने अपने दो साल के मासूम बेटे की पिटाई शुरू कर दी। मारपीट का सिलसिला चल ही रहा था कि अचानक कृष्ण कुमार काम निपटाकर घर लौट आए।
बचाव की कोशिश के दौरान पेपर कटर से काटा गला
जब कृष्ण कुमार ने घर के अंदर अपनी पत्नी को बच्चे को पीटते हुए देखा, तो वे तुरंत मासूम को बचाने के लिए आगे बढ़े। उन्होंने अपनी पत्नी को शांत कराने और बच्चे को उसके चंगुल से छुड़ाने का प्रयास किया। हालांकि, गुस्से में आगबूला हुई महिला ने आपा खो दिया और घर में ही रखा एक तीखा पेपर कटर उठा लिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, महिला ने कटर से अपने ही 2 साल के बेटे की गर्दन पर हमला कर दिया। इस जानलेवा वार से बच्चा लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गया।
मासूम अस्पताल में भर्ती, पुलिस जांच में मानसिक तनाव की बात
घटना के तुरंत बाद लहुलूहान बच्चे को इलाज के लिए पास के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार शुरू किया गया। इसके बाद पीड़ित पिता कृष्ण कुमार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि महिला बच्चों के पालन-पोषण और उनकी देखभाल को लेकर काफी समय से परेशान और मानसिक तनाव में चल रही थी। इसी गुस्से और तनाव के चलते उसने 26 अगस्त को इस खौफनाक कदम को अंजाम दिया। पुलिस ने महिला को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।























