हरियाणा के पलवल जिले में इन दिनों एक खास जायके का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। यहाँ 'मिस्टर बिरयानी' नाम की एक छोटी सी दुकान पर खान-पान के शौकीनों का भारी जमावड़ा लगा रहता है। इस दुकान का स्वाद इतना लाजवाब है कि इसके दीवाने केवल स्थानीय लोग ही नहीं हैं, बल्कि काफी दूर-दूर से लोग यहाँ खिंचे चले आते हैं। फरीदाबाद, गुरुग्राम, नोएडा और देश की राजधानी दिल्ली सहित पूरे दिल्ली-एनसीआर से लोग विशेष रूप से इस बिरयानी का स्वाद चखने के लिए पलवल पहुँच रहे हैं। पिछले ढाई वर्षों के दौरान इस दुकान ने सफलता की एक नई कहानी लिखी है, जिसे एक पति-पत्नी की जोड़ी मिलकर चला रही है। आइए जानते हैं कि कैसे एक डांस टीचर और एक असिस्टेंट एचआर ने मिलकर इस मशहूर स्वाद की नींव रखी।
कठिन परिस्थितियों से उपजा स्वरोजगार का विचार
इस दुकान का संचालन करने वाली उमा बताती हैं कि जीवन में एक ऐसा वक्त आया जब उन्हें बेहद कठिन दौर से गुजरना पड़ा। उनके पति पहले एक स्कूल में डांस टीचर के रूप में काम करते थे। किसी कारणवश स्कूल से उनकी डांस टीचर की नौकरी छूट गई, जिससे परिवार के सामने अचानक आर्थिक संकट खड़ा हो गया। ऐसे कठिन समय में कोई दूसरा रास्ता न दिखने पर, उन्होंने शुरुआत में मजबूरी में सड़क किनारे बिरयानी की रेहड़ी लगाने का फैसला किया। हालांकि, उन्होंने इस संकट को एक अवसर में बदलने की ठानी। उमा ने सोचा कि क्यों न इस छोटे से काम को आगे बढ़ाया जाए और इसे ही अपना मुख्य व्यवसाय बनाया जाए। इसके बाद वह भी अपने पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम में जुट गईं। धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाने लगी और उनकी बिरयानी की दुकान प्रसिद्ध होने लगी।
कॉर्पोरेट की दुनिया छोड़कर संभाली दुकान की जिम्मेदारी
उमा की शैक्षणिक और व्यावसायिक पृष्ठभूमि काफी अलग रही है। उन्होंने बीए पॉलिटिकल साइंस से अपनी पढ़ाई पूरी की है। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के कॉर्पोरेट सेक्टर में भी काम किया था। वह दिल्ली में एक टेलीकॉलर के रूप में काम कर चुकी हैं और इसके अलावा उन्होंने असिस्टेंट एचआर के पद पर भी अपनी सेवाएं दी थीं। उमा और उनके पति का रिश्ता भी बेहद दिलचस्प है। उत्तराखंड की मूल निवासी उमा और पलवल के रहने वाले उनके पति की मुलाकात एक डांस कॉम्पिटिशन के दौरान हुई थी। डांस के इसी साझा शौक के जरिए दोनों एक-दूसरे के करीब आए और आखिरकार साल 2020 में दोनों ने प्रेम विवाह (लव मैरिज) कर लिया। जब जीवन में कठिन समय आया, तो उमा ने अपनी कॉर्पोरेट नौकरी के अनुभव और योग्यता को पीछे छोड़कर अपने पति के व्यवसाय को आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग दिया।
स्वाद का अनोखा सीक्रेट: पनीर वाली खास ग्रेवी
उमा के अनुसार, उनकी बिरयानी की सबसे बड़ी खासियत और सफलता का मुख्य राज उसकी अनोखी ग्रेवी है। वे जो ग्रेवी तैयार करती हैं, वह पनीर वाली होती है। आमतौर पर बाजार में मिलने वाली बिरयानी के साथ कोई भी पनीर की ग्रेवी नहीं परोसता है। लोगों को उनकी यह अनोखी पनीर वाली ग्रेवी बेहद पसंद आती है और यही वजह है कि ग्राहक यहां बार-बार खिंचे चले आते हैं। समय की पाबंदी और काम के प्रति समर्पण भी इनकी सफलता का बड़ा कारण है। यह दंपत्ति रोजाना सुबह 8 बजे ही अपनी दुकान खोल देता है और दोपहर 3 बजे तक उनकी दुकान पर ग्राहकों की सेवा की जाती है। उमा हर दिन लगभग 15 किलो चावल की बिरयानी तैयार करके दुकान पर लाती हैं और दोपहर होते-होते पूरी बिरयानी खत्म हो जाती है। इतनी मशहूर होने के बावजूद, यहां बिरयानी की शुरुआती कीमत मात्र 40 रुपये रखी गई है ताकि हर कोई इसका आनंद ले सके।
ग्राहकों की जुबानी 'मिस्टर बिरयानी' की तारीफ
इस दुकान के स्वाद की गवाही यहाँ आने वाले ग्राहक खुद देते हैं। पहली बार यहाँ बिरयानी खाने पहुँचे स्थानीय निवासी विनोद ने बताया कि यहाँ की बिरयानी खाने के बाद सचमुच मजा आ गया और इसका स्वाद बेहद लाजवाब है। वहीं, अक्सर यहाँ आने वाले नियमित ग्राहक लोकेश कुमार ने साझा किया कि वे यहाँ लगातार आते रहते हैं क्योंकि ऐसा अनोखा स्वाद उन्हें और कहीं नहीं मिलता। एक अन्य ग्राहक राहुल ने भी यहाँ के बेहतरीन जायके की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने कई अन्य जगहों पर भी बिरयानी खाई है, लेकिन पलवल की इस दुकान का स्वाद बाकी सभी जगहों से बिल्कुल अलग और लाजवाब है।



















