हरियाणा के कैथल जिले की प्रसिद्ध हरियाणवी गायिका सुदेश रोहिला को कुख्यात लॉरेंस गैंग के नाम से एक्सटॉर्शन और जान से मारने की धमकी मिली है। उनके मोबाइल नंबर के वॉट्सएप पर अज्ञात कॉलर ने मैसेज भेजकर दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी है और रुपये न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। यह पूरा मामला कला जगत और स्थानीय पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बन गया है, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
वॉट्सएप पर मिले धमकी भरे मैसेज
गायिका सुदेश रोहिला के वॉट्सएप नंबर पर आए संदेश में भेजने वाले ने अपना परिचय देते हुए लिखा कि वह लॉरेंस ग्रुप से अंकित बोल रहा है। मैसेज में साफ तौर पर कहा गया कि चुपचाप दो लाख रुपये भेज दो और इसके लिए सिर्फ दो दिन का समय दिया जा रहा है, वरना गोली मार दी जाएगी। धमकी देने वाले ने यह भी चेतावनी दी कि नंबर ब्लॉक करने से पहले सोच लेना और चाहे पुलिस के पास जाओ या किसी अन्य के पास, समय दिया जा चुका है। संदेश के अंत में 'जय बलकारी, लॉरेंस ग्रुप' का इस्तेमाल किया गया है।
रैपर बादशाह के गाने से जुड़ा है विवाद
इस धमकी के पीछे हाल ही में आए गानों का विवाद बताया जा रहा है। पाखंडवाद पर चल रही कंट्रोवर्सी के बीच सुदेश ने करीब 15 दिन पहले 'खीर पाखंडिया की' गाना रिलीज किया था। इसके अलावा, एक मार्च 2026 को रिलीज हुए प्रसिद्ध रैपर बादशाह के गाने 'टटीरी' के जवाब में सुदेश ने नौ मार्च को 'बोली ए टटीरी' गाना गाया था। हालांकि, बाद में रैपर बादशाह के उस गाने को बैन कर दिया गया था, जिसके बाद से यह मामला और गरमा गया था।
पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार
घटना के बाद डरी-सहमी गायिका सुदेश रोहिला ने कैथल के पुलिस अधीक्षक मनप्रीत सिंह के पास पहुंचकर आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है और अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने मीडिया और पुलिस को बताया कि उन्हें एक अनजान नंबर से लगातार धमकी भरे मैसेज भेजे जा रहे हैं, जिसमें भेजने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया है और दो दिन के भीतर दो लाख रुपये की मांग की है।
पुलिस जांच और तकनीकी पड़ताल
शिकायत मिलने के बाद कैथल पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। धमकी भरे मैसेज भेजने वाले मोबाइल नंबर की तकनीकी लोकेशन और कॉल डिटेल्स निकाली जा रही हैं ताकि आरोपी की पहचान कर जल्द से जल्द उसे कानूनी शिकंजे में लिया जा सके।



















