द्वारका एक्सप्रेसवे के समीपवर्ती सेक्टरों और ग्रामीण इलाकों में जीवन गुजारने वाले नागरिकों के लिए एक बेहद सुखद अपडेट सामने आया है। अब स्थानीय निवासियों और आवागमन करने वालों को क्षेत्र में सफर करने के लिए न तो द्वारका एक्सप्रेसवे के सघन यातायात की बाधाओं से जूझना पड़ेगा और न ही अपनी जेब से प्रतिदिन टोल शुल्क अदा करना होगा। दिल्ली की सीमा से लगे राघोपुर गांव में लगभग दो किलोमीटर की लंबाई में एक नवीन सड़क का निर्माण किया जाने वाला है, जो गुरुग्राम के सेक्टर-99 से लेकर सेक्टर-115 के मध्य निवास करने वाले अनगिनत परिवारों के लिए एक बेहद लाभकारी कदम साबित होने जा रहा है। यह आगामी मार्ग सेक्टर-108 और सेक्टर-109 की डिवाइडिंग रोड को सीधे तौर पर सेक्टर-112 और सेक्टर-113 से जोड़ने का काम करेगा, जिससे दिल्ली तथा हरियाणा के बीच बिना किसी टोल टैक्स के सफर करने का एक सुगम और नया विकल्प तैयार हो जाएगा।
टोल और ट्रैफिक की दोहरी मार से मुक्ति
गुरुग्राम के इन उभरते और विकसित होते नए सेक्टरों में रहने वाले नागरिकों को अपने आसपास के क्षेत्रों या फिर राष्ट्रीय राजधानी की तरफ जाने के लिए अमूमन द्वारका एक्सप्रेसवे का रुख करना ही पड़ता है। यद्यपि गंतव्य की दूरी महज एक या दो किलोमीटर की ही होती है, परंतु एक्सप्रेसवे पर कदम रखते ही वाहन चालकों को टोल चुकाना पड़ता है। इस व्यवस्था के कारण रोजाना सफर करने वाले कामकाजी वर्ग और स्थानीय कारोबारियों की जेब पर काफी भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा था। राघोपुर रोड का निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद लोगों को छोटी दूरी तय करने के वास्ते द्वारका एक्सप्रेसवे पर जाने और बार-बार टोल का भुगतान करने की इस बाध्यता से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा।
प्रशासनिक मंजूरी और तकनीकी निरीक्षण
इस बहुप्रतीक्षित सड़क परियोजना के संदर्भ में दिल्ली सरकार की तरफ से विधिवत आधिकारिक सहमति प्रदान की जा चुकी है। स्वीकृति मिलते ही दिल्ली सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर तकनीकी तौर पर स्थिति का जायजा लिया। इस मौके पर निरीक्षण दल ने मार्ग की वर्तमान जमीनी वास्तविकताओं, ढलान, वर्षा के पानी की प्राकृतिक आवाजाही और सतह से जल निकासी के तमाम संभावित रास्तों का बहुत बारीकी से अध्ययन किया। अधिकारियों ने गुरुग्राम के प्रभावित सेक्टरों के स्थानीय नुमाइंदों के साथ-साथ राघोपुर गांव के बाशिंदों से भी जल निकासी को लेकर कई व्यावहारिक सुझाव साझा किए। वर्तमान समय में सबसे बड़ी प्राथमिकता यह तय करना है कि दिल्ली की ओर से बहकर आने वाले बरसाती पानी को हरियाणा की ड्रेनेज व्यवस्था के साथ जोड़ा जाए या फिर उसे दिल्ली के स्थानीय नालों तथा बांध की दिशा में डायवर्ट किया जाए। जल निकासी का यह मार्ग पूरी तरह तय होते ही निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
अनेक सोसायटियों और गांवों को मिलेगा सीधा लाभ
द्वारका एक्सप्रेसवे गुरुग्राम डेवलपमेंट एसोसिएशन के उप-संयोजक सुनील सरीन के मुताबिक, राघोपुर रोड के बन जाने से केवल इन नए सेक्टरों में बनी लगभग 50 बहुमंजिला सोसायटियों को ही नहीं, बल्कि दौलताबाद, खेड़की माजरा, जहाजगढ़, धनकोट और धर्मपुर समेत तकरीबन 12 गांवों की ग्रामीण बस्तियों को भी प्रत्यक्ष तौर पर फायदा पहुंचेगा। यह सड़क दोनों राज्यों की सीमा पर आबाद बहुत बड़ी आबादी को एक सुरक्षित, वैकल्पिक और पूर्ण रूप से टोल-फ्री कनेक्टिविटी की सुविधा मुहैया कराएगी। इससे नागरिकों के प्रतिदिन के आवागमन में समय के साथ-साथ ईंधन की भी भारी बचत होगी। इस अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग के शीघ्र निर्माण को लेकर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह की दिल्ली के विधायक संदीप सहरावत के साथ हुई बैठकों और वार्ताओं का सकारात्मक प्रभाव अब धरातल पर साफ दिखाई देने लगा है।



















