करौली शहर के एक प्रतिष्ठित और पॉश इलाके के रूप में पहचानी जाने वाली गोमती कॉलोनी इन दिनों भीषण और नारकीय हालातों से जूझ रही है। इस कॉलोनी में रहने वाले अधिकांश लोग सरकारी सेवाओं से जुड़े हुए हैं, लेकिन उनके घरों की चौखट से बाहर कदम रखते ही सड़क की जगह दो से तीन फीट तक गहरा गंदा पानी और कीचड़ का दलदल नजर आता है। हालात इस हद तक बदतर हो चुके हैं कि स्थानीय निवासियों के लिए अपने घरों से बाहर निकलना भी किसी संघर्ष से कम नहीं रह गया है। इसी बदहाल रास्ते से रोजाना छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को भी गुजरना पड़ता है, जो अक्सर इस कीचड़ भरी सड़क पर फिसलकर गंभीर रूप से चोटिल हो जाते हैं। बारिश के मौसम में इस पूरे क्षेत्र की स्थिति और भी अधिक भयावह और गंभीर हो जाती है। यहां के स्कूली बच्चों का तो यह तक कहना है कि इस गंदे पानी और कीचड़ की वजह से उन्हें कई बार स्कूल छोड़ना पड़ता है और उनकी परीक्षाएं तक छूट जाती हैं। करौली जिला मुख्यालय पर स्थित होने के बावजूद इस गोमती कॉलोनी को कागजों या कहने भर के लिए ही पॉश इलाका माना जाता है, जबकि जमीन पर यहां के हालात किसी अत्यंत पिछड़े और लावारिस इलाके जैसे बने हुए हैं।
सीवर का पानी लीक होने से बना तालाब
इस पूरी समस्या की सबसे बड़ी जड़ यह है कि कॉलोनी के भीतर पिछले कई महीनों से लगातार सीवर का पानी लीक होकर सड़कों पर जमा हो रहा है। इस इलाके में पानी की उचित निकासी के लिए कोई भी नालियां नहीं बनाई गई हैं, जिसके कारण यह सारा दूषित पानी धीरे-धीरे फैलकर एक विशाल तालाब का रूप ले चुका है। सबसे ज्यादा हैरानी और चिंता की बात यह है कि बिना किसी बारिश के भी इस पूरी कॉलोनी में दो से तीन फीट तक गंदा पानी स्थायी रूप से भरा रहता है। जब कभी बारिश होती है, तब स्थिति और भी अधिक खतरनाक रूप ले लेती है। स्थानीय लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए इसी सड़े हुए गंदे पानी और कीचड़ के बीच से होकर अपने घरों तक आना-जाना पड़ता है। यहां रहने वाले लोगों का यह भी कहना है कि इतने लंबे समय से लगातार पानी जमा रहने की वजह से पूरे इलाके में मच्छरों का भयंकर प्रकोप फैल चुका है। इसके अलावा, नागरिकों के मुताबिक इस पानी की वजह से यहां जहरीले सांप भी खुलेआम दिखाई देने लगे हैं, जिससे हर समय बड़ा हादसा होने का खतरा मंडराता रहता है। कई बार बच्चे, बुजुर्ग और अन्य राहगीर इस कीचड़ भरी सड़क पर फिसलकर गिर चुके हैं और चोट खा चुके हैं।
स्कूली बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा पर बड़ा संकट
इस पूरे मामले की जमीनी हकीकत जानने के लिए जब मौके पर पड़ताल की गई, तो वहां के स्कूली छात्र अर्णव तिवारी ने अपनी गंभीर परेशानी साझा करते हुए बताया कि बरसात के दिनों में हालात इतने डरावने हो जाते हैं कि उनका स्कूल पहुंचना लगभग असंभव हो जाता है। सामान्य दिनों में भी उन्हें मजबूरन इसी गंदे पानी और कीचड़ भरे रास्तों से होकर निकलना पड़ता है, जिसके कारण उनके स्कूल के कपड़े और जूते पूरी तरह खराब हो जाते हैं। अर्णव ने जिला प्रशासन और संबंधित महकमों से जोरदार मांग की है कि इस नारकीय समस्या का जल्द से जल्द कोई ठोस समाधान निकाला जाए। इसी कॉलोनी की रहने वाली छात्रा कनिष्क ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि रास्ते में अत्यधिक पानी भर जाने के कारण वे कई बार चाहकर भी स्कूल नहीं जा पाती हैं। उनका कहना है कि इस सड़े हुए गंदे पानी के बीच चलते समय अक्सर उनके पैर फिसल जाते हैं और वे गिर जाती हैं। आसपास लगातार गंदा पानी भरा रहने के कारण उनके मन में जहरीले सांपों का डर भी हमेशा बना रहता है।
घरों के भीतर तक घुस रहा सीवर का दूषित पानी
गोमती कॉलोनी के एक अन्य निवासी दीपक अवस्थी ने स्थिति की गंभीरता को बयां करते हुए बताया कि बिना एक बूंद बारिश के भी इस क्षेत्र में दो से तीन फीट तक पानी का भराव रहता है। बारिश के मौसम में तो यहां के हालात किसी आपदा से कम नहीं होते। उनका सीधा आरोप है कि सीवर का यह दूषित और बदबूदार पानी अब सीधे लोगों के घरों के अंदर तक पहुंच रहा है। दीपक के अनुसार, इस पूरी कॉलोनी में पानी की निकासी के लिए बुनियादी नालियों तक का निर्माण नहीं किया गया है। यह गंभीर समस्या यहां लंबे समय से बिना किसी समाधान के बनी हुई है और इस संबंध में कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को लिखित व मौखिक शिकायतें भी दी जा चुकी हैं, लेकिन आज तक इस पर कोई स्थायी कार्रवाई नहीं की गई है। यह पूरा क्षेत्र प्रशासनिक रूप से वार्ड नंबर सात के अंतर्गत आता है, जहां के निवासियों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना हुआ मुश्किल
इस कॉलोनी की एक बुजुर्ग निवासी शारदा शर्मा ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उनके घर के मुख्य दरवाजे के बाहर हमेशा सीवर का गंदा पानी फैला रहता है। वह पिछले करीब एक साल से इस भयंकर समस्या का लगातार सामना कर रही हैं। बारिश के दिनों में तो स्थिति इतनी अधिक विकट हो जाती है कि घर की दहलीज लांघकर बाहर निकलना भी नामुमकिन हो जाता है। शारदा शर्मा ने जिला प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि इस विकट समस्या का तत्काल स्थायी समाधान करवाया जाए और इस कॉलोनी में तुरंत पक्की सड़क तथा जल निकासी की सुदृढ़ व्यवस्था की जाए। स्थानीय नागरिकों का यह भी कहना है कि उन्होंने अपनी इन तमाम समस्याओं को लेकर कई बार नगर परिषद के अधिकारियों और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया है। इसके बावजूद लोगों का यह गंभीर आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने और शिकायतें करने के बाद भी अब तक इस समस्या का कोई स्थायी और संतोषजनक समाधान नहीं निकल पाया है, जिससे स्थानीय जनता में भारी रोष व्याप्त है।



















