पारिवारिक पृष्ठभूमि में जब कोई प्रशासनिक या राजनीतिक रसूख न हो, तब अपनी मेहनत के दम पर सफलता की नई लकीर खींचना आसान नहीं होता। जयपुर जिले के सांभर उपखंड में उपखंड अधिकारी (एसडीएम) के पद पर तैनात ऋषिराज कपिल की कहानी इसी दृढ़ संकल्प को बयां करती है। उन्होंने बिना किसी विशेष प्रशासनिक विरासत के अपनी अटूट लगन के सहारे आरएएस 2021 की भर्ती परीक्षा पहले ही प्रयास में पास की और राज्य प्रशासनिक सेवा में अपनी जगह बनाई। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्हें सांभर उपखंड में एसडीएम के तौर पर पहली फील्ड पोस्टिंग सौंपी गई।
पहले प्रयास में सफलता और भाइयों का मार्गदर्शन
ऋषिराज कपिल की यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत जीत तक सीमित नहीं रही। घर के बड़े भाई को प्रशासनिक सेवा में कदम रखते देख उनके दोनों छोटे भाइयों के भीतर भी वही जज्बा पैदा हुआ। ऋषिराज के दिखाए रास्ते और सही मार्गदर्शन का नतीजा यह निकला कि दोनों छोटे भाइयों ने भी आरएएस परीक्षा को पास कर लिया। इस तरह एक साधारण परिवार के तीन सगे भाई राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बनने में कामयाब रहे। यह मिसाल साबित करती है कि अगर परिवार के भीतर सकारात्मक माहौल, सही दिशा और लगन हो, तो किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
दफ्तर की चारदीवारी से निकलकर फील्ड में सक्रियता
सांभर जैसे महत्वपूर्ण उपखंड की कमान संभालने के बाद ऋषिराज कपिल अपनी अलग और चुस्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। वे केवल दफ्तर के कमरों और फाइलों के निस्तारण तक सीमित रहने के बजाय मैदानी स्तर पर जाकर वास्तविक स्थिति देखने में यकीन रखते हैं। जनता से जुड़े राजस्व मामलों का तेजी से निपटारा करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। नियमित जनसुनवाई के दौरान आम लोगों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनना और विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए सीधे मौके पर पहुंचना उनकी दैनिक कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है।
कानून व्यवस्था और युवाओं के लिए प्रेरणा
कम उम्र में एसडीएम जैसी अहम प्रशासनिक जिम्मेदारी मिलने के बावजूद ऋषिराज कानून व्यवस्था को बनाए रखने और सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने जैसे संवेदनशील मामलों को परिपक्वता के साथ सुलझा रहे हैं। आम जनता से सीधा संवाद साधने का उनका तरीका स्थानीय स्तर पर काफी सराहा जा रहा है। सीमित संसाधनों में बड़े सपने देखने वाले युवाओं के लिए तीनों भाइयों की यह साझा सफलता एक बड़ा उदाहरण है कि सही दिशा में की गई निरंतर मेहनत कभी खाली नहीं जाती।


















