हरियाणा के जींद जिले में आयोजित एक पार्टी कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस विधायक और पूर्व पहलवान विनेश फोगाट ने भारतीय जनता पार्टी तथा पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ तीखा रुख अपनाया। बृज भूषण शरण सिंह से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने खुलकर अपनी नाराजगी जताई और उन्हें एक अराजक प्रवृत्ति का व्यक्ति करार दिया। विनेश फोगाट ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के गोंडा क्षेत्र में बड़ी संख्या में आम नागरिक उनके रवैये से परेशान हैं और वहां अवैध कब्जे के मामले भी सामने आ रहे हैं। विधायक ने साफ किया कि इन मुद्दों और अपने संघर्ष को वह सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाएंगी और आगे भी अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।
संपत्ति, हेलीकॉप्टर और महिला सुरक्षा पर सवाल
कांग्रेस विधायक ने पूर्व सांसद की विशाल संपत्ति और हेलीकॉप्टर के इस्तेमाल पर सवाल खड़े करते हुए सत्ताधारी दल पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि धनबल और राजनीतिक रसूख के बूते महिलाओं पर अत्याचार किए गए, जबकि सत्ताधारी पार्टी ऐसे लोगों को संरक्षण देने का काम कर रही है। हालांकि, यह विनेश फोगाट द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं, जिनकी आधिकारिक या स्वतंत्र स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है। इसके साथ ही उन्होंने महिला पहलवानों के पूर्व आंदोलन को याद करते हुए कहा कि करीब तीन साल पहले उनके प्रदर्शन के दौरान पुलिस का जैसा व्यवहार था, वैसा ही रुख दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर पहुंची बेटियों के प्रति भी देखने को मिला।
मंत्रियों के इस्तीफे और युवा संघर्ष का जिक्र
सत्तारूढ़ पार्टी की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए विनेश फोगाट ने पिछले बयानों पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि पहले यह दावा किया जाता था कि उनकी सरकार में कभी इस्तीफे नहीं होते, लेकिन परिस्थितियों के दबाव में कई मंत्रियों को अपने पदों से त्यागपत्र देना पड़ा है। उनके अनुसार, यह घटनाक्रम दिखाता है कि परिस्थितियों के चलते सरकार को जवाबदेही तय करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। युवाओं का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि देश के युवा अब शहीद भगत सिंह जैसी त्याग और बलिदान की भावना से प्रेरित हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता अब झूठे वादों और बयानबाजी के झांसे में आने वाली नहीं है।
राष्ट्रवाद, तिरंगा और उत्तराखंड की घटना पर घेराबंदी
राष्ट्रवाद के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने की कोशिशों का जवाब देते हुए विनेश फोगाट ने आरएसएस कार्यालयों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के इतिहास पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दूसरों को देशभक्ति की सीख देने वाली पार्टी के मुंह से राष्ट्रवाद की बातें शोभा नहीं देतीं। उन्होंने कहा कि आज तिरंगा यात्रा के नाम पर आयोजन किए जाते हैं और बाद में सड़कों पर तिरंगे पड़े मिलते हैं, जबकि वर्ष 2023 में उन्हें स्वयं राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरकर संघर्ष करना पड़ा था। इसके अलावा, उत्तराखंड में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के उपरांत कार्यक्रम स्थल के कथित शुद्धिकरण का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने पूछा कि क्या किसी दलित नेता को कहीं जाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जिस सामाजिक भेदभाव को खत्म करने की लड़ाई लड़ रही है, विपक्षी दल उसे बढ़ावा देने का काम कर रहा है।
अर्चना गुप्ता के बयान पर प्रतिक्रिया और संगठनात्मक संवाद
भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता द्वारा एक वर्ग विशेष पर दी गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए विनेश फोगाट ने कहा कि उनकी पार्टी का समय अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने लोककहावत का उपयोग करते हुए कहा कि “काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती, एक बार ही चढ़ती है।” विनेश ने आरोप लगाया कि ऐसे बयान केवल मीडिया की सुर्खियों में बने रहने और टीआरपी हासिल करने के मकसद से दिए जाते हैं। अंत में, जींद पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी संजय दत्त के दौरे का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि संगठन के स्तर पर जमीनी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित करना एक सकारात्मक पहल है।



















