पंजाब की जेलों में निरुद्ध सिख बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर शुक्रवार को कौमी इंसाफ मोर्चा द्वारा पंजाब बंद का आह्वान किया गया था. इस बंद का सीधा और व्यापक असर पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में भी देखने को मिला. सुरक्षा व्यवस्था और सड़क परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने प्रदेश से पंजाब की दिशा में जाने वाली तमाम बस सेवाओं को शुक्रवार दोपहर दो बजे तक के लिए पूरी तरह रोक दिया. इस प्रशासनिक फैसले के कारण ऊना जिला मुख्यालय समेत कई स्थानों पर बस सेवा ठप हो गई और अंतरराज्यीय मार्गों पर यात्रा करने वाले सैकड़ों यात्री विभिन्न बस अड्डों पर फंसे रह गए.
ऊना बस स्टैंड पर बढ़ी अव्यवस्था और असमंजस
शुक्रवार सुबह दस बजे से ही ऊना स्थित अंतरराज्यीय बस टर्मिनस (आईएसबीटी) पर यात्रियों की भारी भीड़ जुटने लगी थी. दिल्ली, चंडीगढ़, नालागढ़ और हरियाणा के अलग-अलग इलाकों के लिए सफर करने वाले मुसाफिर बसों की आवाजाही बंद होने से बेबस नजर आए. यद्यपि कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से बंद का समय दोपहर दो बजे तक तय किया गया था, लेकिन एचआरटीसी प्रबंधन द्वारा बसों के संचालन को लेकर कोई स्पष्ट और पुख्ता समय सारणी जारी न किए जाने से यात्रियों की चिंता लगातार बढ़ती गई. प्रबंधन का कहना था कि दो बजे के बाद भी पंजाब के स्थानीय माहौल और सड़क सुरक्षा की समीक्षा करने के बाद ही गाड़ियों को रवाना करने का फैसला लिया जाएगा.
यात्रियों ने साझा की अपनी परेशानियां
बस स्टैंड पर घंटों से फंसे यात्रियों ने अपनी दुविधा और असुविधा पर चिंता व्यक्त की. अपने परिवार के साथ हरियाणा के पिंजौर जाने की तैयारी में पहुंचीं महिला यात्री पूनम शर्मा ने बताया कि वे सुबह से ही आईएसबीटी में बस का इंतजार कर रही हैं और उन्हें लगभग चार घंटे से अधिक का समय वहां बीत चुका है. उन्होंने कहा कि दोपहर दो बजे के बाद भी गाड़ियां चलेंगी या नहीं, इस बारे में काउंटर से कोई संतोषजनक जानकारी नहीं मिल पा रही है. इसी तरह कांगड़ा जिले के निवासी सुनील कुमार और अरुण कुमार, जिन्हें नालागढ़ पहुंचना था, ने कहा कि वे लंबे समय से बस अड्डे पर रुके हुए हैं लेकिन उन्हें आगे जाने के लिए कोई वैकल्पिक सवारी उपलब्ध नहीं हो रही है.
एचआरटीसी प्रबंधन की स्थिति पर नजर
मामले पर जानकारी देते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम के अड्डा इंचार्ज संदीप राणा ने बताया कि पंजाब में आयोजित बंद के मद्देनजर सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए बसों को दोपहर दो बजे तक रोकने का निर्देश जारी किया गया था. उन्होंने स्पष्ट किया कि दो बजे की सीमा समाप्त होने के उपरांत भी पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा और परिस्थितियां अनुकूल पाए जाने पर ही एचआरटीसी की बसों को हिमाचल की सीमा से बाहर भेजा जाएगा. उन्होंने स्वीकार किया कि इस प्रदर्शन और बंद के चलते एचआरटीसी को अपने कई नियमित रूटों को स्थगित करना पड़ा है, जिससे निगम की परिचालन व्यवस्था प्रभावित हुई है.



















