हरियाणा के यमुनानगर में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और चौंकाने वाला मामला सामने लाया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलापति के नाम से एक फर्जी फेसबुक पेज तैयार कर अमादलपुर की रहने वाली एक महिला को अपना शिकार बनाया गया। आरोपियों ने महिला को उसका मकान बनवाने के लिए आर्थिक सहायता देने का वादा किया और इसके एवज में रजिस्ट्री व अन्य औपचारिकताओं के नाम पर 7 लाख 72 हजार रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। जब पीड़िता को ठगे जाने का अहसास हुआ तो उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
फेसबुक पेज और व्हाट्सऐप चैट से बुना जाल
यह पूरा मामला यमुनानगर जिले के अमादलपुर गांव का है। पीड़िता मोमिना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर सीएम विजय थलापति फाउंडेशन के नाम से एक पेज देखा था। इस पेज पर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे कि यह संस्था सीधे तौर पर मुख्यमंत्री से जुड़ी हुई है और जरूरतमंद परिवारों को मकान व अन्य कार्यों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। पेज पर संपर्क के लिए एक मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया गया था, जिस पर मोमिना ने भरोसा करके बातचीत शुरू कर दी। इसके बाद उनके व्हाट्सऐप नंबर पर लगातार संदेश आने लगे और संवाद का दायरा बढ़ गया।
मकान निर्माण के नाम पर अलग-अलग खातों में जमा कराई रकम
चैट करने वाले शातिर व्यक्ति ने खुद को मुख्यमंत्री विजय थलापति होना बताया और महिला को विश्वास दिलाया कि वह उनका घर बनवाने में पूरी मदद करेंगे। आरोपी ने बातचीत के दौरान यह योजना समझाई कि कुछ राशि संस्था द्वारा दी जाएगी, जबकि कुछ हिस्से का प्रबंध महिला को खुद करना होगा। घर की रजिस्ट्री कराने और अन्य प्रशासनिक खर्चों का झांसा देकर आरोपियों ने 12 अगस्त से 22 अगस्त के बीच विभिन्न बैंक खातों में कुल 7 लाख 72 हजार रुपये जमा करवा लिए। इतनी बड़ी रकम ऐंठने के बाद ठगों ने फोन उठाना बंद कर दिया और संपर्क पूरी तरह टूट गया, तब जाकर महिला और उनके पति को समझ आया कि उनके साथ बड़ा धोखा हुआ है।
पुलिस ने शुरू की जांच और जारी की चेतावनी
इस गंभीर मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रविन्द्र कुमार ने बताया कि पुलिस प्राप्त दस्तावेजों और बैंक खातों के आधार पर मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से विशेष अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी मुख्यमंत्री, बड़े राजनेता या प्रसिद्ध संस्था के नाम से आने वाले संदिग्ध और अप्रमाणित संदेशों या लिंक्स पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति या संस्था किसी भी प्रकार की आर्थिक मदद देने के नाम पर पहले पैसे जमा कराने की मांग करती है, तो बिना पूरी सत्यता और आधिकारिक पुष्टि के एक भी रुपया ट्रांसफर न करें।





















