अमेठी में खानपान की गलत आदतें और बिगड़ी हुई दिनचर्या युवाओं की सेहत पर भारी पड़ रही है। आज के समय में किशोरावस्था पार करते ही कई युवा जोड़ों और घुटनों के गंभीर दर्द से जूझ रहे हैं, जिससे उनकी शारीरिक क्षमता पर असर पड़ रहा है। हालात यह हैं कि जिला अस्पताल अमेठी में हर रोज 10 से 15 ऐसे किशोर और युवा पहुंच रहे हैं जिन्हें चलने-फिरने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो कम उम्र में ही हड्डियों की स्थिति बुजुर्गों जैसी हो सकती है।
क्यों कम उम्र में बढ़ रही है जोड़ों की समस्या
विशेषज्ञों के अनुसार इस परेशानी की सबसे बड़ी वजह खानपान में लापरवाही और पौष्टिक भोजन से दूरी है। आज की युवा पीढ़ी घर के बने खाने के बजाय अत्यधिक मात्रा में जंक फूड और बाजार की अनहेल्दी चीजों का सेवन कर रही है। इससे शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता और विटामिन की भारी कमी पैदा हो जाती है। इसके अलावा शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ना भी जोड़ों के दर्द का एक बड़ा कारण बनकर सामने आ रहा है, जिससे मरीजों को उठने-बैठने में भी तकलीफ हो रही है।
डॉक्टरों की सलाह और बचाव के उपाय
वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. हनुमान प्रसाद ने इस स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया है और युवाओं को तुरंत अपनी जीवनशैली में सुधार करने की सलाह दी है। ओपीडी में ऐसे कई मरीज आ रहे हैं जो दर्द के कारण ठीक से बैठ भी नहीं पा रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि तली-भुनी, मसालेदार और जंक फूड जैसी चीजों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। इसके बजाय अपने दैनिक आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल, दूध और दही जैसी पौष्टिक चीजों को शामिल करना बेहद जरूरी है ताकि शरीर को पर्याप्त विटामिन और मिनरल्स मिल सकें।























