मौसम में बदलाव आते ही बालों की नमी छिन जाती है और वे बेजान तथा रूखे नजर आने लगते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए रसोई और घर में मौजूद सामान्य सामग्री से एक बेहतरीन हेयर वॉटर तैयार किया जा सकता है। इस प्रक्रिया की शुरुआत मेथी दाने से होती है। एक साफ बाउल में थोड़ी सी मेथी निकाल ली जाती है, जिसका उपयोग पारंपरिक रूप से बालों की सेहत सुधारने के लिए किया जाता रहा है।
ग्लिसरीन और पानी की सही मात्रा
अब एक अलग बाउल में थोड़ी मात्रा में ग्लिसरीन निकाली जाती है। ग्लिसरीन का मुख्य गुण वातावरण से नमी को आकर्षित करना और उसे बांधकर रखना है। यही कारण है कि स्किन और हेयर केयर के तमाम प्रोडक्ट्स में इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। हालांकि, इसकी मात्रा बहुत ज्यादा होने पर बाल चिपचिपे लग सकते हैं, इसलिए इसका उपयोग हमेशा सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। इसके बाद एक कप साफ पानी लेकर उसमें मेथी दाने डालकर कुछ देर उबाला जाता है। पानी उबलने के बाद उसे छानकर अलग कर लिया जाता है और इस तरह मेथी का अर्क तैयार हो जाता है। इस पानी को अन्य सामग्री के साथ मिलाने से पहले पूरी तरह ठंडा करना अनिवार्य है, क्योंकि गर्म पानी को सीधे स्प्रे बोतल में भरने से नुकसान हो सकता है।
नीम की पत्तियों का इस्तेमाल
अगले चरण में एक साफ बाउल में ताजी नीम की पत्तियां ली जाती हैं। इन पत्तियों को पानी में उबालकर उनका अर्क निकाला जाता है। तैयार पानी को बारीक तरीके से छान लिया जाता है ताकि पत्तियों का कोई भी टुकड़ा उसमें न बचे। उपयोग में लाने से पहले इसे भी पूरी तरह ठंडा करना जरूरी होता है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि नीम का पानी हर किसी की त्वचा के अनुकूल नहीं होता, इसलिए जिन लोगों की स्कैल्प संवेदनशील होती है, उन्हें इसके इस्तेमाल में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.
स्प्रे बोतल की तैयारी और मिश्रण
इस पूरे हेयर वॉटर को सुरक्षित रखने के लिए एक साफ स्प्रे बोतल की आवश्यकता पड़ती है। बोतल को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखाना बेहद आवश्यक है। यदि उस बोतल में पहले से किसी अन्य उत्पाद का अंश मौजूद है, तो उसके अवशेषों को पूरी तरह साफ करना जरूरी होता है ताकि मिश्रण में किसी प्रकार की गंदगी न जाए। जब मेथी और नीम का पानी अच्छी तरह ठंडा हो जाए, तब दोनों को आपस में मिला लिया जाता है। इसके बाद इसमें तय मात्रा में ग्लिसरीन मिलाई जाती है और पूरे मिश्रण को अच्छी तरह हिलाकर एकसार किया जाता है। तैयार तरल को स्प्रे बोतल में भर लिया जाता है, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि इसमें कोई कण न बचा हो अन्यथा बोतल का स्प्रे नोजल ब्लॉक हो सकता है.
बालों की देखभाल से जुड़े अन्य उपाय
केवल घरेलू नुस्खों और इस हेयर वॉटर पर ही पूरी तरह निर्भर रहना बालों की चमक और कोमलता बनाए रखने के लिए काफी नहीं है। इसके साथ ही बालों की समय पर सफाई करना, आवश्यकतानुसार सही कंडीशनर का उपयोग करना और अत्यधिक गर्मी पैदा करने वाले हेयर स्टाइलिंग टूल्स के इस्तेमाल से बचना भी बेहद जरूरी है। बालों की सही जीवनशैली और देखभाल से रूखेपन को काफी हद तक कम किया जा सकता है और उन्हें बेहतर स्थिति में रखा जा सकता है।
इस्तेमाल करने के जरूरी दिशा-निर्देश
तैयार किए गए इस हेयर वॉटर को बालों पर हमेशा सीमित मात्रा में ही स्प्रे करना चाहिए। पहली बार उपयोग करने से पहले त्वचा के किसी छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर कर लें ताकि किसी एलर्जी का पता चल सके। इसे आंखों के संपर्क में आने से बचाएं और यदि किसी प्रकार की खुजली या जलन महसूस हो तो तुरंत पानी से धो लें। चूंकि इस घरेलू मिश्रण में किसी प्रकार के प्रिजर्वेटिव्स नहीं मिलाए जाते हैं, इसलिए इसे हमेशा कम मात्रा में ही तैयार करें, फ्रिज के अंदर स्टोर करें और 24 से 48 घंटे के भीतर इसका पूरा इस्तेमाल कर लें। यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह मिश्रण बालों को उगाने का कोई प्रमाणित चिकित्सीय उपचार नहीं है।























