वर्तमान समय में लड़के और लड़कियां दोनों ही साफ-सुथरी और बेदाग त्वचा बनाए रखने को लेकर काफी सजग रहते हैं। शरीर के अनचाहे बालों को हटाने के लिए लोग अपनी सुविधा के अनुसार कई अलग-अलग तकनीक आजमाते हैं। आमतौर पर ज्यादातर लोग शेविंग, वैक्सिंग या लेजर हेयर रिडक्शन में से किसी एक माध्यम का चयन करते हैं। हालांकि, त्वचा की बनावट और जरूरतों के आधार पर कौन सा विकल्प सबसे उपयुक्त रहेगा, यह तय कर पाना कई बार असमंजस भरा हो जाता है। बहुत से लोग इनके संभावित दुष्प्रभावों और त्वचा पर होने वाली प्रतिक्रियाओं को लेकर भी संशय में रहते हैं। ऐसे में त्वचा की देखभाल और जरूरतों को समझते हुए ही सही फैसला लेना समझदारी माना जाता है।
डीआईओएसए हेल्थकेयर की संस्थापक और निदेशक डॉक्टर मधु गोयल के अनुसार, बालों को साफ करने के किसी भी विकल्प का चुनाव व्यक्ति की व्यक्तिगत दिनचर्या, जीवनशैली और साफ-सफाई की प्राथमिकताओं पर टिका होता है। इसके साथ ही आपके पास ग्रूमिंग के लिए कितना समय उपलब्ध है, आप किसी प्रक्रिया को कितनी बार दोहरा सकते हैं, आपकी त्वचा किस तरह की है, आपका बजट क्या है और आपकी वास्तविक आवश्यकता क्या है, ये सभी बातें अंतिम निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
शेविंग के फायदे और सावधानियां
शरीर के अनचाहे बालों को तुरंत हटाने के लिए शेविंग सबसे सरल और सुलभ घरेलू उपाय माना जाता है। इसके लिए किसी पार्लर या सैलून के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है और घर बैठे कुछ ही मिनटों में ग्रूमिंग पूरी हो जाती है। जो लोग सैलून जाए बिना खुद से त्वरित देखभाल पसंद करते हैं, उनके लिए यह बेहद सुविधाजनक माध्यम है। हालांकि शेविंग का एक बड़ा पहलू यह है कि इसमें बाल त्वचा की ऊपरी सतह से कटते हैं, जिससे वे बहुत जल्द दोबारा उग आते हैं और व्यक्ति को बार-बार रेजर का उपयोग करना पड़ता है।
इसके अलावा शेविंग के बाद कई लोगों को त्वचा में जलन, रूखापन या लाल रैश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इन दिक्कतों से बचाव के लिए शेविंग क्रीम या शेविंग जेल लगाना एक कारगर उपाय साबित होता है। रेजर का इस्तेमाल करते समय त्वचा को बहुत जोर से दबाने या रगड़ने से बचना चाहिए, ताकि कटने या छिलने का जोखिम न रहे।
वैक्सिंग की प्रक्रिया और राहत
वैक्सिंग की कार्यप्रणाली शेविंग से बिल्कुल अलग होती है, क्योंकि यह बालों को सतह से काटने के बजाय सीधे जड़ से उखाड़ती है। जड़ से बाल निकलने की वजह से त्वचा लंबे समय तक चिकनी बनी रहती है और लोगों को कई दिनों तक दोबारा बाल हटाने की चिंता नहीं सताती। यह विकल्प उन व्यक्तियों के लिए बेहद राहत भरा है जो हर दूसरे-तीसरे दिन रेजर चलाने के झंझट से दूर रहना चाहते हैं। नियमित रूप से सैलून जाने वाले लोगों के बीच वैक्सिंग एक काफी लोकप्रिय माध्यम है।
वैक्सिंग कराते समय कुछ पूर्व तैयारियों की आवश्यकता होती है और पहली बार कराने वालों को थोड़ा दर्द भी सहन करना पड़ सकता है। प्रक्रिया के तुरंत बाद त्वचा पर हल्की लालिमा या संवेदनशीलता उभरना सामान्य बात है। जिन लोगों की त्वचा अत्यधिक संवेदनशील है, उन्हें वैक्सिंग कराते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए ताकि किसी तरह की एलर्जी या परेशानी न बढ़े।
लेजर हेयर रिडक्शन का दीर्घकालिक असर
जो लोग बार-बार शेविंग करने या हर महीने वैक्सिंग के दर्द से पूरी तरह तंग आ चुके हैं, उनके लिए लेजर हेयर रिडक्शन एक बेहतरीन और आधुनिक विकल्प साबित होता है। शेविंग या वैक्सिंग की तरह इसमें हर बार नए बाल उगने पर तुरंत प्रक्रिया दोहराने की मजबूरी नहीं होती। लेजर हेयर रिडक्शन को कई चरणों वाले एक तय कोर्स के रूप में व्यवस्थित किया जाता है, जिसके दो सत्रों के बीच कुछ हफ्तों का अंतर रखा जाता है।
यह तकनीक लंबे समय तक बालों के विकास को धीमा और कम करने में सक्षम होती है। हालांकि, शेविंग और वैक्सिंग की तुलना में लेजर तकनीक काफी महंगी पड़ती है, इसलिए इसमें बजट का ध्यान रखना आवश्यक है।
अपनी जरूरत के मुताबिक सही चुनाव
डॉक्टर गोयल का कहना है कि व्यक्ति के बालों का रंग, उनकी त्वचा का रंग और शरीर के जिस हिस्से का उपचार किया जा रहा है, उसका असर भी प्रक्रिया के परिणामों पर पड़ता है। यदि किसी को तुरंत और आपातकालीन स्थिति में बाल हटाने हैं तो शेविंग सबसे आसान साधन है। यदि आप बिना ज्यादा पैसे खर्च किए कुछ हफ्तों तक बालों से मुक्ति चाहते हैं तो वैक्सिंग बेहतर रास्ता है। वहीं अगर आपका बजट मजबूत है और आप लंबे समय के लिए बालों की ग्रोथ कम करना चाहते हैं, तो लेजर हेयर रिडक्शन का रुख किया जा सकता है।



















