आगामी त्योहारी सीजन, शादियों और पारिवारिक आयोजनों की तैयारियों के बीच पारंपरिक परिधानों की दुनिया में नए और आरामदायक फैशन ट्रेंड देखने को मिल रहे हैं। हाल के दिनों में पारंपरिक एथनिक वियर में बड़ा बदलाव आया है, जहां अत्यधिक भारी कपड़ों के बजाय ढीले-ढाले कुर्ते और उनके साथ फरशी सलवार का संयोजन सबसे अधिक चर्चा में बना हुआ है। इसके साथ ही शॉर्ट कुर्ती के साथ शरारा और गरारा की लोकप्रियता भी लगातार बनी हुई है। यदि आप दिवाली, दुर्गा पूजा या करवाचौथ जैसे पर्वों के लिए पारंपरिक पहनावे की तलाश में हैं, तो इन दिनों सामने आ रहे डिजाइन नए विकल्प पेश करते हैं।
फरशी सलवार सूट का लौटता आकर्षण
शरारा और गरारा के मुकाबले इन दिनों पारंपरिक 'फरशी' या 'फर्शी' सलवार का क्रेज तेजी से बढ़ा है। यह निचला परिधान न तो बहुत अधिक ढीला होता है और न ही साधारण सलवार की तरह सामान्य चौड़ाई वाला होता है। इसका कट बेहद संतुलित और नीचे की ओर बहता हुआ अहसास देता है। हाल ही में अभिनेत्री आलिया भट्ट ने हाउस ऑफ मसाबा का डिजाइन किया हुआ एक खास एसिमेट्रिकल फरशी सलवार-कुर्ता सेट पहनकर इस शैली को पेश किया। उनके कुर्ते पर गुलाबी रंग के तीन अलग-अलग खूबसूरत शेड्स में पैचवर्क कढ़ाई की गई थी। इस परिधान के साथ गोल्डन जरी की बारीक हाथ की कढ़ाई वाला टिश्यू दुपट्टा शामिल था, जिसने पूरे लुक को एक अनूठा निखार दिया।
चमकीले रंगों और पैचवर्क का खूबसूरत तालमेल
इस बार के उत्सवों में गहरे और ब्राइट रंगों की वापसी साफ दिखाई दे रही है। पेस्टल रंगों के लंबे दौर के बाद अब चटक रंग फैशन का मुख्य आकर्षण बन रहे हैं। इसी क्रम में गणेश उत्सव के दौरान आलिया भट्ट ने हाउस ऑफ मसाबा का एक अन्य डिजाइनर पीला कुर्ता पहना था, जो स्लीवलेस पैटर्न में तैयार किया गया था। इस पीले सूट के साथ आइस ब्लू और चमकीले पीले रंग के मिले-जुले शेड्स वाला पैचवर्क दुपट्टा शामिल था। इस दुपट्टे पर हाथ से की गई बारीक ज़र्दोज़ी कढ़ाई का सुंदर काम नजर आया, जो पारंपरिक भारतीय दस्तकारी का सटीक उदाहरण है।
फ्यूशिया पिंक और बिना लेयरिंग का सुगम अंदाज
गणपति विसर्जन के मौके पर आलिया भट्ट का एक और अनूठा अंदाज सामने आया, जहां उन्होंने स्मूथ कूप्रो साटन फैब्रिक से तैयार 'श्वी कुर्ता सेट' पहना था। गहरे फ्यूशिया रंग का यह डिजाइनर कुर्ता सेट अपनी बनावट और चमक के कारण बेहद आकर्षक दिखा। इस गहरे गुलाबी कुर्ते के साथ भी गोल्डन यलो रंग की फरशी सलवार का मेल किया गया था, जिसने इसे एक संतुलित और फ्लोई रूप दिया। इस तरह के परिधानों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनकी बेहतरीन फिनिशिंग और डिजाइन की वजह से किसी भारी दुपट्टे या अतिरिक्त लेयरिंग की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे त्योहारों, पार्टियों और छोटे-मोटे घरेलू समारोहों में इसे पहनना बेहद सहज हो जाता है।
पारंपरिक सिल्क और नक्काशीदार कढाई का महत्व
त्योहारी माहौल में सिल्क के सूट का आकर्षण आज भी पूरी तरह बरकरार है। अंबानी परिवार की छोटी बहू राधिका मर्चेंट ने गणपति आगमन के अवसर पर एक बेहद सुरुचिपूर्ण सिल्क कुर्ता सेट पहना। बेहतरीन सिल्क से तैयार इस कुर्ते की नेकलाइन, कलाई के कफ़ और हेमलाइन पर बारीक फूलों वाली नक्काशीदार कढ़ाई की गई थी, जबकि पूरे कपड़े पर भी आकर्षक डिजाइन उभरे हुए थे। इस कुर्ते के साथ मैचिंग कढ़ाई वाली सिल्क पैंट और हल्का ऑर्गेंज़ा दुपट्टा शामिल था।
इसके अलावा गणपति पूजा के दिन राधिका मर्चेंट ने डिजाइनर सोनम लुथरिया के 'मेड फ़ॉर महफ़िल' कलेक्शन से चुना गया एक बेहद शानदार कॉर्डसेट कुर्ता पहना। इस परिधान पर की गई बारीक दस्तकारी और कारीगरी किसी भी बड़े उत्सव के माहौल के लिहाज से सटीक बैठती है।
अन्य सितारों के परिधानों में दिखी विविधता
त्योहारी सीजन के इस दौर में अन्य प्रमुख अभिनेत्रियों ने भी पारंपरिक परिधानों में अपनी पसंद दिखाई है। उत्सव के दौरान करीना कपूर के पीले रंग के फुल स्लीव्स कुर्ते ने सबका ध्यान खींचा, जिस पर बारीक सिल्वर कढ़ाई की गई थी। दूसरी तरफ, दीपिका पादुकोण भी मयूर गिरोत्रा के डिजाइन किए गए कस्टम बैंगनी फरशी सलवार सूट में नजर आईं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस बार के पर्वों और वैवाहिक समारोहों में फरशी सलवार और पारंपरिक कढ़ाइयों का चलन सबसे आगे रहने वाला है।



















