कच्चे तेल में भारी उथल-पुथल: मिडिल ईस्ट सप्लाई और ग्लोबल तनाव के बीच ऊर्जा बाजार में दबावबिस्किट का क्रंच बरकरार रखने के स्मार्ट किचन नुस्खे, नमी से बचाने के आसान नियमअमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में किया 0.25% का इजाफा, 2023 के बाद पहली बार सख्त हुआ रुखअमेरिकी ब्याज दरों पर फेड अधिकारी बार्किन ने दिया बयान, वैश्विक मुद्राओं और सोने में हलचलहैदराबाद के होटल में विशाखापत्तनम की युवती की संदिग्ध मौत, साथी युवक अस्पताल में छोड़कर फरारडीसीयू की क्लेफेस में मुख्य खलनायक का असली डरावना रूप केवल सिनेमाघरों में ही दिखेगावित्तीय संकट में घिरी एयर इंडिया, सालाना घाटा बढ़कर ₹22,238 करोड़ के पार पहुंचामध्य प्रदेश में गरबा प्रवेश और टिप्पणी पर विवाद के बाद रामेश्वर शर्मा और कैलाश विजयवर्गीय ने दी सफाईअयोध्या के संग्रहालय में सुरक्षित हुई वाल्मीकि रामायण की दुर्लभ पांडुलिपि, 1792 ईस्वी की विरासत का हुआ हस्तांतरणऋषि और नीतू कपूर की शादी में नुसरत ने छेड़ी थी जो तान, कैसे बना था कोयला का वह यादगार नगमा
डायबिटीज और दिल के मरीजों के लिए सही चावल का चुनाव कैसे करें, जानिए किस किस्म में क्या है खासस्वास्थ्य
22 सित॰ 2026, 11:37 pm (25 मिनट पहले)· 0

डायबिटीज और दिल के मरीजों के लिए सही चावल का चुनाव कैसे करें, जानिए किस किस्म में क्या है खास

भारतीय भोजन में चावल का अहम स्थान है, लेकिन सेहत की स्थिति के अनुसार सही किस्म चुनना बेहद जरूरी होता है। ग्लाइसेमिक इंडेक्स और पोषक तत्वों के आधार पर जानें कि बासमती, सेला, सोना मसूरी, ब्राउन और लाल चावल में से आपकी सेहत के लिए कौन सा विकल्प बेहतर है।

भारतीय भोजन की थाली चावल के बिना अधूरी मानी जाती है, और बहुत से लोग अपने नियमित आहार में इसके अलावा किसी अन्य विकल्प को प्राथमिकता नहीं देते हैं। हर घर में रोजाना परोसा जाने वाला चावल केवल पेट भरने का साधन नहीं है, बल्कि इसकी अलग-अलग किस्में मानव शरीर पर भिन्न प्रभाव डालती हैं। स्वास्थ्य समस्याओं और शारीरिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सही किस्म का चुनाव करना अत्यंत आवश्यक हो जाता है। सर्टिफाइड न्यूट्रिशनिस्ट और वेट लॉस स्पेशलिस्ट लीमा महाजन के अनुसार, ब्लड शुगर नियंत्रण से लेकर दिल की देखभाल तक हर स्थिति के लिए विशिष्ट चावल का चयन फायदेमंद साबित होता है।

डायबिटीज और प्री-डायबिटीज में बासमती का महत्व

डायबिटीज अथवा प्री-डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या वे सफेद चावल खा सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति सफेद चावल का सेवन जारी रखना चाहता है, तो बासमती चावल उसके लिए एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प बन सकता है। बासमती चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 50 से 58 के बीच आंका गया है, जिसे पोषण विज्ञान में मध्यम से कम की श्रेणी में रखा जाता है। सामान्य सफेद चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 70 से 90 तक दर्ज किया जाता है, जिसके मुकाबले बासमती रक्त शर्करा को तेजी से नहीं बढ़ाता है। हालांकि यह ध्यान रखना आवश्यक है कि चावल की किस्म, उसकी प्रोसेसिंग और पकाने की विधि के अनुसार ग्लाइसेमिक इंडेक्स में बदलाव आ सकता है, इसलिए यह मान अध्ययन पर आधारित एक अनुमानित पैमाना है।

ये भी पढ़ें

सेला अथवा पारबॉइल्ड चावल क्यों है सबसे सुरक्षित

रक्त शर्करा को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से पारबॉइल्ड अथवा सेला चावल को डायबिटीज रोगियों के लिए सबसे उत्तम श्रेणी में गिना जाता है। इस किस्म का ग्लाइसेमिक इंडेक्स मात्र 39 से 46 के आसपास बैठता है, जो सीधे तौर पर निम्न यानी कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स के दायरे में आता है। जब किसी खाद्य पदार्थ की यह दर इतनी धीमी होती है, तो शरीर में ग्लूकोज का अवशोषण अचानक नहीं होता है, जिससे डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट संतुलित रखने में सीधी मदद मिलती है।

पाचन के लिए सोना मसूरी के लाभ और सावधानियां

सोना मसूरी चावल को पेट के स्वास्थ्य और आसान पाचन के लिहाज से काफी अच्छा माना गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें स्टार्च की मात्रा अपेक्षाकृत कम पाई जाती है, जिससे यह पेट पर भारी नहीं पड़ता है। लेकिन इसके साथ एक बड़ा स्वास्थ्य संबंधी पहलू भी जुड़ा हुआ है। सोना मसूरी चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग 72 होता है, जो उच्च माना जाता है। इसी कारण डायबिटीज और पीसीओडी से पीड़ित मरीजों अथवा इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या का सामना कर रहे व्यक्तियों को इसके नियमित सेवन से बचने की सलाह दी जाती है।

कब्ज में ब्राउन राइस और आर्सेनिक से बचाव

पाचन तंत्र में गड़बड़ी और निरंतर कब्ज की शिकायत रहने पर सफेद चावल के स्थान पर ब्राउन राइस को दैनिक भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। सफेद चावल की तुलना में ब्राउन राइस के भीतर प्रचुर मात्रा में फाइबर मौजूद होता है, जो मल को नरम बनाकर पेट साफ करने की प्रक्रिया को आसान करता है। इसके अलावा ब्राउन राइस शरीर को मैग्नीशियम प्रदान करता है, जो कई शारीरिक कार्यों के संचालन के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है। इसके उपयोग के दौरान एक महत्वपूर्ण सावधानी बरतना जरूरी है, क्योंकि इसमें स्वाभाविक रूप से आर्सेनिक की मात्रा पाई जाती है। इसी कारण पकाने से पहले इस चावल को 2 से 3 बार अच्छी तरह धोना बेहद जरूरी माना गया है।

सूजन घटाने और दिल की सेहत के लिए लाल चावल

शरीर के भीतरी अंगों में होने वाली सूजन को शांत करने और कार्डियोवैस्कुलर यानी दिल की कार्यप्रणाली को मजबूत रखने के लिए लाल चावल एक बेहतरीन खाद्य पदार्थ है। लाल चावल के दानों में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं। यह एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को कई प्रकार के नुकसान से बचाते हैं और रक्त वाहिकाओं की सुरक्षा कर दिल की संपूर्ण सेहत को सहारा प्रदान करते हैं।

सवाल-जवाब

डायबिटीज के मरीजों के लिए सबसे सुरक्षित चावल कौन सा माना गया है?
डायबिटीज के मरीजों के लिए पारबॉइल्ड यानी सेला चावल सबसे बेस्ट माना गया है, क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स 39 से 46 के बीच होता है।
क्या डायबिटीज में बासमती चावल का सेवन किया जा सकता है?
हां, अगर डायबिटीज या प्री-डायबिटीज के मरीज सफेद चावल खाना चाहते हैं, तो बासमती एक अच्छा विकल्प है क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स 50 से 58 तक होता है।
सोना मसूरी चावल किन मरीजों को नहीं खाना चाहिए?
सोना मसूरी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग 72 होता है, इसलिए डायबिटीज, पीसीओडी और बढ़े हुए इंसुलिन रेजिस्टेंस वाले लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
कब्ज की समस्या में कौन सा चावल मददगार साबित होता है?
कब्ज रहने पर ब्राउन राइस खाना फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें मौजूद अधिक फाइबर और मैग्नीशियम मल को नरम करने में मदद करते हैं।
ब्राउन राइस पकाने से पहले 2 से 3 बार धोना क्यों जरूरी है?
ब्राउन राइस में प्राकृतिक रूप से आर्सेनिक की मात्रा पाई जाती है, इसलिए पकाने से पहले इसे 2 से 3 बार धोना आवश्यक बताया गया है।
हार्ट हेल्थ और शरीर की सूजन कम करने के लिए कौन सा चावल बेहतर है?
शरीर की सूजन कम करने और दिल की सेहत सुधारने के लिए लाल चावल बेहतर विकल्प है, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp