सिंधुदुर्ग में दिल दहला देने वाली घटना, बहन को तालाब में डूबता देख भाई ने भी गंवाई जानमैकाय टेस्ट में चमके मिचेल स्टार्क और शोरफुल इस्लाम, 67 साल पुराने ऐतिहासिक रिकॉर्ड की हुई बराबरीबलिया में जिंदा बुजुर्ग को कागजों में मृत बताकर रोकी वृद्धावस्था पेंशन, BDO और प्रधान समेत तीन पर FIR दर्जबहराइच के कतर्नियाघाट जंगल में नजर आई विशालकाय मॉनिटर लिजर्ड, कैमरे में कैद हुई दुर्लभ तस्वीरशादी के दिन डॉक्टर दुल्हन ने रोकी रस्में, बीमार महिलाओं का इलाज कर पेश की इंसानियत की मिसालवैभव सूर्यवंशी के परिवार और अनोखे नामों का राज, जानें कितने भाई हैं युवा क्रिकेटरमास्को दौरे पर एस जयशंकर के 5 बड़े मास्टरस्ट्रोक, पुतिन की भारत यात्रा से पहले हिल जाएगी वैश्विक राजनीतिहरिद्वार यात्रा: सिर्फ हर की पौड़ी नहीं, एक दिन में ऐसे करें इन 6 पौराणिक स्थलों के दर्शनराजमा रेसिपी: रेस्टोरेंट जैसी गाढ़ी ग्रेवी और परफेक्ट स्वाद के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स, उंगलियां चाटते रह जाएंगेईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने अमेरिका के सामने रखी युद्ध समाप्ति की बात, डोनाल्ड ट्रंप को है नीयत पर संदेह
अंकुरित चने या भुने चने: जानिए बेहतर सेहत और वजन घटाने के लिए कौन सा विकल्प है सबसे बेस्टस्वास्थ्य
22 अग॰ 2026, 3:04 pm (2 घंटे पहले)· 2

अंकुरित चने या भुने चने: जानिए बेहतर सेहत और वजन घटाने के लिए कौन सा विकल्प है सबसे बेस्ट

भारतीय खानपान में भुने और अंकुरित चने दोनों ही काफी लोकप्रिय हैं, लेकिन पोषण और सेहत के लिहाज से दोनों में से कौन ज्यादा फायदेमंद है, यह आपकी स्वास्थ्य जरूरतों पर निर्भर करता है।

भारतीय खानपान में चने का स्थान हमेशा से खास रहा है, क्योंकि यह न केवल बजट के अनुकूल होता है बल्कि पोषण का भी एक बेहतरीन जरिया माना जाता है। रोजाना के नाश्ते और शाम की हल्की भूख के लिए भुने चने और अंकुरित चने दो सबसे प्रचलित विकल्प हैं। सेहत के प्रति सजग रहने वाले लोग अक्सर इस असमंजस में रहते हैं कि शरीर को अधिकतम पोषण देने के लिए अपनी दैनिक डाइट में भुने चने शामिल करने चाहिए या फिर अंकुरित चने। दोनों रूपों के अपने खास पोषक तत्व और शारीरिक लाभ हैं, इसलिए अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार सही चुनाव करना बेहद जरूरी है।

अंकुरित चने: पोषण का पावरहाउस और बेहतर पाचन

अंकुरित चने तैयार करने के लिए सबसे पहले साबुत चनों को कुछ घंटों तक साफ पानी में भिगोया जाता है और फिर कपड़े में बांधकर अंकुर निकलने के लिए रख दिया जाता है। इस अंकुरण प्रक्रिया के दौरान चने के भीतर मौजूद सुप्त पोषक तत्व सक्रिय हो जाते हैं। अंकुरित होने पर चने में विटामिन सी की मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को मजबूत बनाने में मदद करती है।

ये भी पढ़ें

इसके अतिरिक्त, अंकुरण प्रक्रिया चने में मौजूद आयरन, ज़िंक और कैल्शियम जैसे आवश्यक खनिजों के अवशोषण को शरीर के लिए काफी आसान बना देती है। अंकुरित चनों में प्राकृतिक एंजाइम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो भोजन के जटिल तत्वों को आसानी से तोड़ने में मदद करते हैं। इसी वजह से यह पचने में बेहद सुलभ होते हैं। प्रोटीन, फाइबर और एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर अंकुरित चने शरीर को लंबे समय तक ऊर्जावान बनाए रखते हैं, जिसके कारण एथलीट, फिटनेस प्रेमी और सुबह व्यायाम करने वाले लोग इसे अपने नाश्ते का हिस्सा बनाना पसंद करते हैं।

भुने चने: वजन नियंत्रण और चलते-फिरते स्नैकिंग का साधन

पोषण और सुविधा के मामले में भुने चने भी बेहद असरदार साबित होते हैं। भुने हुए चनों में प्रोटीन और डाइटरी फाइबर की प्रचुर मात्रा पाई जाती है, जो पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराती है। भुने चने खाने के बाद जल्दी भूख नहीं लगती, जिससे असमय कैलोरी लेने की आदत पर अंकुश लगता है। यही कारण है कि वजन घटाने या वजन नियंत्रित रखने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह एक आदर्श स्नैक माना जाता है।

भुने चनों का सबसे बड़ा व्यावहारिक फायदा इनकी आसानी से उपलब्धता और सहनशीलता है। इन्हें किसी भी तरह की पूर्व तैयारी के बिना तुरंत खाया जा सकता है और यात्रा या दफ्तर के दौरान साथ ले जाना बेहद आसान है। व्यस्त जीवनशैली जीने वाले लोगों के लिए यह एक पौष्टिक विकल्प है। इसके साथ ही भुने चने में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र की कार्यप्रणाली को दुरुस्त रखता है और कब्ज जैसी पेट की समस्याओं से राहत दिलाने में अहम भूमिका निभाता है।

मधुमेह रोगियों के लिए दोनों ही हैं लाभदायक

ब्लड शुगर के स्तर को संतुलित रखने के मामले में भुने और अंकुरित दोनों ही प्रकार के चने समान रूप से गुणकारी हैं। चने में पर्याप्त मात्रा में फाइबर मौजूद होता है, जो रक्त प्रवाह में ग्लूकोज के अवशोषण की गति को धीमा कर देता है। इसके परिणामस्वरूप शरीर में ब्लड शुगर का स्तर एकदम से नहीं बढ़ता, जिससे मधुमेह के रोगियों को अपनी शर्करा नियंत्रित रखने में बहुत मदद मिलती है।

अपने लिए सही चने का चुनाव कैसे करें?

स्वास्थ्य लक्ष्यों के आधार पर दोनों में से किसी एक का चयन किया जा सकता है। यदि आपका मुख्य उद्देश्य शरीर को अधिक से अधिक विटामिन, खनिज, एंटी-ऑक्सीडेंट प्रदान करना और पाचन तंत्र को मजबूत बनाना है, तो अंकुरित चने आपके लिए बेहतर विकल्प हैं। वहीं, यदि आपको एक ऐसा पौष्टिक स्नैक चाहिए जो बिना किसी तैयारी के तुरंत खाया जा सके, लंबे समय तक भूख को रोके रखे और वजन प्रबंधन में मददगार हो, तो भुने चने आपके लिए ज्यादा उपयोगी साबित होंगे।

सवाल-जवाब

वजन घटाने के लिए भुने चने और अंकुरित चने में से कौन बेहतर है?
वजन घटाने के लिए भुने चने ज्यादा मददगार माने जाते हैं क्योंकि इनमें प्रोटीन और फाइबर भरपूर होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और ज्यादा खाने की इच्छा नियंत्रित होती है।
अंकुरित चने पचने में आसान क्यों होते हैं?
अंकुरण की प्रक्रिया के दौरान चने में प्राकृतिक एंजाइम सक्रिय हो जाते हैं, जो भोजन के जटिल तत्वों को आसानी से तोड़ने और पचाने में मदद करते हैं।
क्या मधुमेह के रोगी भुने और अंकुरित दोनों चने खा सकते हैं?
हां, दोनों तरह के चने मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद हैं क्योंकि इनमें मौजूद फाइबर खून में शुगर के अवशोषण को धीमा करके ब्लड शुगर को नियंत्रित रखता है।
चने को अंकुरित करने से कौन से पोषक तत्व बढ़ते हैं?
अंकुरण से चने में विटामिन सी की मात्रा बढ़ जाती है और आयरन, ज़िंक तथा कैल्शियम जैसे खनिजों का अवशोषण शरीर में बेहतर तरीके से होता है।
व्यस्त दिनचर्या वाले लोगों के लिए भुने चने क्यों बेहतर हैं?
भुने चने बिना किसी तैयारी के तुरंत खाए जा सकते हैं और इन्हें कहीं भी आसानी से साथ ले जाया जा सकता है, जिससे यह व्यस्त शेड्यूल के लिए एक सुविधाजनक स्नैक हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR