घर में बचा हुआ खाना फेंकने के बजाय ज़्यादातर लोग उसे दोबारा गर्म करके खा लेते हैं। कई बार तो थाली में परोसा खाना ठंडा होते ही माइक्रोवेव या गैस पर फिर से गर्म कर लिया जाता है। लेकिन कैंसर हीलर सेंटर के डायरेक्टर डॉक्टर तरंग कृष्णा के मुताबिक कुछ फूड्स ऐसे हैं जिन्हें दोबारा गर्म करने पर उनकी बनावट यानी मॉलिक्यूलर स्ट्रक्चर पूरी तरह बदल जाता है। जो चीज़ें पकते वक्त पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं, वही गर्म करने पर शरीर के लिए ज़हर जैसा असर दिखाने लगती हैं। आइए जानते हैं किन चार फूड्स को दोबारा गर्म करके खाने से परहेज करना चाहिए।
पालक और हरी पत्तेदार सब्जियां बन सकती हैं कार्सिनोजेन
पालक समेत तमाम हरी पत्तेदार सब्जियों में नाइट्रेट्स पाए जाते हैं, जो सामान्य तौर पर सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। दिक्कत तब शुरू होती है जब पकी हुई पालक की सब्जी को दोबारा गर्म किया जाता है। ऐसा करने पर यही नाइट्रेट्स हानिकारक नाइट्रोसामाइंस में बदल जाते हैं। मेडिकल साइंस में इन्हें कार्सिनोजेन यानी कैंसर पैदा करने वाला तत्व माना गया है। मतलब जो नाइट्रेट्स सामान्य हालत में शरीर को हील करने में मदद करते हैं, वही दोबारा गर्म होने पर शरीर के लिए ज़हर का काम करने लगते हैं। इसलिए पकी हुई पालक की सब्जी को एक बार में ही खत्म कर लेना बेहतर माना जाता है।
चावल को स्टोर करने का तरीका सबसे अहम
अक्सर कहा जाता है कि चावल को दोबारा गर्म करने से उसका जीआई यानी ग्लाइसेमिक इंडेक्स घट जाता है, लेकिन डॉक्टर तरंग कृष्णा के अनुसार असली मसला चावल पकाने के बाद उसे किस तरह स्टोर किया गया, उसी में छिपा है। अगर पका हुआ चावल कमरे के तापमान पर देर तक रखा रह जाए तो उसमें 'बैसिलस सेरियस' नाम का बैक्टीरिया पनपने लगता है, जो सेहत के लिए नुकसानदायक है। हालांकि अगर चावल को पकाने के तुरंत बाद सही समय पर फ्रिज में रख दिया जाए और बाद में उसे सिर्फ हल्का सा गर्म किया जाए, तो उसे खाना सुरक्षित रहता है। यानी खतरा चावल दोबारा गर्म करने में नहीं, बल्कि उसे गलत तरीके से स्टोर करने में छिपा है।
उबला अंडा दोबारा गर्म करना डाइजेशन के लिए नुकसानदायक
उबले हुए अंडे या ऑमलेट को दोबारा गर्म करके खाने से भी बचना चाहिए। बॉयल अंडे में नाइट्रोजन की मात्रा काफी ज़्यादा होती है। जब इसे दोबारा तेज़ आंच पर गर्म किया जाता है तो यही नाइट्रोजन ऑक्सीडाइज़ हो जाता है। ऑक्सीडाइज़ हुआ प्रोटीन पाचन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचाता है, जिससे ब्लोटिंग, एसिडिटी और पेट दर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। डॉक्टर तरंग कृष्णा की सलाह है कि हमेशा ताज़ा अंडा ही खाया जाए और अगर अंडा बच जाए तो उसे दोबारा गर्म करने के बजाय सलाद में इस्तेमाल कर लिया जाए। इस तरह अंडे को बर्बाद किए बिना भी पेट को नुकसान से बचाया जा सकता है।
मशरूम दोबारा गर्म करने से इम्यून सिस्टम पर असर
मशरूम प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है, लेकिन यह बेहद नाज़ुक भी होता है। इसमें मौजूद कॉम्प्लेक्स प्रोटीन पकाने के बाद जल्दी खराब होने लगते हैं, क्योंकि मशरूम में कई ऐसे एंजाइम होते हैं जो ऑक्सीजन और बैक्टीरिया के संपर्क में आते ही तुरंत रिएक्ट करने लगते हैं। जब मशरूम को दोबारा गर्म किया जाता है तो इसमें मौजूद प्रोटीन का ढांचा बदल यानी डीनेचर हो जाता है। इससे इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ सकता है और स्किन एलर्जी के साथ-साथ स्टमक इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है। यही वजह है कि मशरूम को काटने के तुरंत बाद ही पका कर खा लेना चाहिए और उसे दोबारा गर्म करने से बचना चाहिए।













