व्यस्त जीवनशैली में फिटनेस बनाए रखना और कैलोरी बर्न करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन सही कसरत से इसे आसान बनाया जा सकता है। फिटनेस और वेट लॉस कोच मैकेंज़ी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक विशेष 20 मिनट का फुल-बॉडी वर्कआउट शेयर किया है। इस वर्कआउट रूटीन की मदद से न केवल मांसपेशियों को टोन किया जा सकता है, बल्कि महज 25 मिनट के भीतर 300 कैलोरी तक बर्न करने का दावा भी किया गया है। यदि आप नियमित वर्कआउट के साथ अपनी फिटनेस की यात्रा को गति देना चाहते हैं, तो यह कम समय वाला प्लान आपके लिए मददगार हो सकता है।
मैकेंज़ी के फिटनेस दृष्टिकोण के तीन मुख्य आधार
फिटनेस कोच मैकेंज़ी के अनुसार, वजन घटाने और शरीर को सही आकार देने में सफलता तभी मिलती है जब वर्कआउट के साथ आहार और अनुशासन का संतुलन बनाया जाए। उन्होंने अपने फिटनेस दृष्टिकोण को तीन मुख्य स्तंभों में विभाजित किया है। पहला आधार है सही और प्रभावी कसरत, जिसमें सप्ताह में 5 दिन कम से कम 30 मिनट का ऐसा वर्कआउट शामिल हो जो शरीर की चर्बी को बर्न करे और मांसपेशियों को टोन करे। दूसरा महत्वपूर्ण बिंदु एक सरल कैलोरी डेफिसिट बनाए रखना है, जिसके लिए साप्ताहिक मील प्लान का सहारा लिया जाता है ताकि भोजन का संतुलन बना रहे। तीसरा स्तंभ एक ऐसा रूटीन और अनुशासन बनाना है जो व्यक्ति को निरंतर प्रेरित रखे, जिससे वर्कआउट बीच में छोड़ने की संभावना खत्म हो जाती है। यदि अक्टूबर तक इस रूटीन को लगातार फॉलो किया जाए, तो खुद में अधिक मजबूती, फिटनेस और आत्मविश्वास महसूस किया जा सकता है।
20 मिनट बर्नर रूटीन में शामिल मुख्य एक्सरसाइज
इस फुल-बॉडी वर्कआउट रूटीन में विभिन्न प्रकार की कसरतों का संयोजन किया गया है जो शरीर के सभी हिस्सों पर एक साथ काम करती हैं। पहली एक्सरसाइज डंबल रेज़ के साथ स्क्वैट है। इसमें डंबल पकड़कर स्क्वैट किया जाता है और खड़े होते समय डंबल को ऊपर उठाया जाता है, जिससे पैरों के साथ-साथ ऊपरी शरीर भी एंगेज रहता है। दूसरी एक्सरसाइज हैमर कर्ल से प्रेस-अप है, जिसमें हथेलियों को अंदर की ओर रखते हुए डंबल पकड़कर हैमर कर्ल किया जाता है और फिर वजन को सिर के ऊपर प्रेस किया जाता है। तीसरी कसरत बाइसेप कर्ल के साथ साइड-टू-साइड स्क्वैट है, जो एक ही समय में निचले शरीर और हाथों की मांसपेशियों की ट्रेनिंग करती है।
कोर और पोस्टीरियर चेन के लिए विशेष मूवमेंट
शरीर के निचले हिस्से और कोर को मजबूत बनाने के लिए इस वर्कआउट में ग्लूट ब्रिज होल्ड ड्रॉप्स और वेट्स के साथ क्रंच शामिल हैं। ग्लूट ब्रिज होल्ड ड्रॉप्स में पीठ के बल लेटकर हिप्स को ऊपर उठाया जाता है और नियंत्रित तरीके से ड्रॉप्स किए जाते हैं, जो ग्लूट्स और पोस्टीरियर चेन पर काम करते हैं। इसके बाद वेट के साथ क्रंच और राइट-लेग एक्सटेंशन किया जाता है, जिसमें वजन के साथ क्रंच करते हुए दाहिने पैर को नियंत्रित रूप से आगे बढ़ाया जाता है। यही प्रक्रिया बाईं ओर यानी वेट के साथ क्रंच और लेफ्ट-लेग एक्सटेंशन के रूप में दोहराई जाती है, जिससे पेट और पैरों की मांसपेशियों को सही खिंचाव और मजबूती मिलती है।
शुरुआती लोगों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव और सावधानी
यदि आप स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या डंबल वर्कआउट की शुरुआत कर रहे हैं, तो कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। नए अभ्यासकर्ताओं को शुरुआत में हल्के वजन का चयन करना चाहिए जिसे वे आसानी से संभाल सकें। वर्कआउट के दौरान वजन उठाने से ज्यादा महत्वपूर्ण सही फॉर्म और तकनीक पर ध्यान देना होता है। जैसे-जैसे शरीर इस मूवमेंट का अभ्यस्त हो जाए और मजबूती बढ़े, वैसे-वैसे धीरे-धीरे रेजिस्टेंस या वजन बढ़ाया जा सकता है। लगातार अभ्यास और सही तकनीक ही लंबे समय में बेहतर फिटनेस परिणाम देने में सहायक होती है।



















