बारिश का मौसम अपने साथ ठंडक और राहत तो लाता है, लेकिन इसके साथ ही एक खतरा भी घर-घर तक पहुंच जाता है, सांप का काटना। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में प्रभागीय वनाधिकारी अपूर्व दीक्षित ने बताया है कि मानसून के दिनों में सांप के बिलों में पानी भर जाता है, जिसके चलते वे अपने ठिकाने छोड़कर इंसानी बस्तियों और घरों की ओर रुख कर लेते हैं। ऐसे में जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए बचाव के तरीके और सही इलाज जानना बेहद जरूरी है।
बारिश में सांप घरों की ओर क्यों बढ़ते हैं
जंगल, झाड़ियों, नालों और जमीन के अंदर बने बिलों में जैसे ही बारिश का पानी घुसता है, सांपों के लिए वहां रुकना मुश्किल हो जाता है। सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में ये सांप बाहर निकल आते हैं और आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं। अपूर्व दीक्षित के मुताबिक, घर में घुसने के बाद सांप अक्सर कबाड़ पड़ी जगहों में, बाहर रखे जूतों के भीतर, बेड और सोफे के नीचे या फिर घर के अंधेरे कोनों में छिपकर बैठ जाते हैं। लोग जब बिना देखे इन जगहों पर हाथ डालते हैं या पैर रखते हैं, तो सांप बचाव में काट लेता है। यही वजह है कि मानसून के महीनों में सांप के काटने की घटनाएं शहरों के मुकाबले गांवों और कस्बों में ज्यादा देखने को मिलती हैं, जहां घरों के आसपास खुली जगह और झाड़ियां ज्यादा होती हैं।
घर के आसपास सफाई सबसे पहला कदम
अधिकारी ने बताया कि बारिश के दिनों में पेड़-पौधे और झाड़ियां बहुत तेजी से बढ़ती हैं और जगह-जगह पानी भी जमा हो जाता है, यही हालात सांपों के लिए मुफीद बन जाते हैं। इसलिए घर के आसपास उगी झाड़ियों की समय रहते सफाई करा लेनी चाहिए और घर को भी हमेशा साफ-सुथरा रखना चाहिए। जिन सामानों का इस्तेमाल नहीं हो रहा, उन्हें इकट्ठा करके कबाड़ के ढेर के रूप में न रखें, क्योंकि यही ढेर सांपों की पसंदीदा छिपने की जगह बन जाते हैं। बाहर रखे जूतों को भी इधर-उधर बिखरा हुआ न छोड़ें और जूता पहनने से पहले उसे अच्छी तरह झाड़कर और अंदर झांककर ही पहनें। छोटी सी यह सावधानी कई बार बड़ी दुर्घटना से बचा सकती है, क्योंकि सांप अक्सर बिना किसी आहट के जूतों या कपड़ों के अंदर घुस जाते हैं।
निकासी और खिड़कियों पर जाली जरूर लगाएं
दीक्षित ने यह भी बताया कि सांप अक्सर घर में गंदे पानी की निकासी वाले रास्तों से ही अंदर घुस आते हैं, इसलिए ऐसी सभी जगहों पर जाली लगवाना जरूरी है। घर की खिड़कियों में भी जाली लगी होनी चाहिए, ताकि कोई भी सांप आसानी से अंदर न आ सके। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खास सलाह यह है कि रात के समय घर से बाहर निकलते वक्त जूते जरूर पहनें और हाथ में टॉर्च साथ रखना कभी न भूलें, क्योंकि अंधेरे में सांप पर पैर पड़ने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। खेतों या बाड़े की तरफ जाने वाले रास्तों पर भी बिना रोशनी के चलने से बचना चाहिए, क्योंकि बारिश के बाद ऐसे रास्तों पर सांप अक्सर निकल आते हैं।
सांप काट ले तो झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करें
डीएफओ ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सांप के काटने पर घबराने या इधर-उधर भागने की जरूरत नहीं है। ग्रामीण इलाकों के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) पर एंटी-वेनम इंजेक्शन की पर्याप्त मात्रा मौजूद है, करीब 350 एंटी-वेनम इंजेक्शन इन केंद्रों पर उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने साफ कहा कि झाड़-फूंक या घरेलू नुस्खों के भरोसे बिल्कुल न बैठें। कई बार गांवों में लोग झाड़-फूंक कराने में इतना समय गंवा देते हैं कि मरीज की जान तक चली जाती है, जबकि सांप के जहर का असर शरीर में लगातार बढ़ता रहता है और देरी से हालत और बिगड़ जाती है। अगर मरीज को समय रहते अस्पताल पहुंचा दिया जाए, तो ज्यादातर मामलों में एंटी-वेनम का सही समय पर इस्तेमाल होकर उसकी जान बचाई जा सकती है और उचित इलाज मिल जाता है।





















