बारिश के दिनों में खानपान को लेकर जितनी सतर्कता बरती जाए, उतना ही सेहत के लिए बेहतर रहता है, और मछली इस लिस्ट में सबसे ऊपर आती है। मछली एक पौष्टिक भोजन ज़रूर है, लेकिन बारिश के मौसम में नमी बढ़ने और तापमान में बार-बार उतार-चढ़ाव आने से बैक्टीरिया कहीं ज़्यादा तेज़ी से पनपते हैं। यही वजह है कि इस मौसम में सिर्फ ताज़ी, सही तरीके से स्टोर की गई और अच्छी तरह पकी हुई मछली ही खानी चाहिए, वरना फूड पॉइज़निंग होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। कुछ खास हालात में मछली खाना ज़्यादा जोखिम भरा हो सकता है, आइए एक-एक करके समझते हैं इन्हें।
नमी से बढ़ता है बैक्टीरिया का खतरा
बारिश के मौसम में हवा में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है, और यही नमी बैक्टीरिया के तेज़ी से बढ़ने के लिए एकदम मुफीद माहौल बना देती है। ऐसे में अगर मछली को सही तापमान पर न रखा जाए, तो कुछ ही घंटों में उसमें बैक्टीरिया की मात्रा खतरनाक स्तर तक पहुंच सकती है। यही वजह है कि बारिश में मछली को लेकर सामान्य दिनों से कहीं ज़्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
बिना बर्फ या ठंडक के घंटों रखी मछली से बचें
अगर मछली को खरीदने के बाद बर्फ या रेफ्रिजरेशन के बिना लंबे समय तक खुली जगह पर रखा जाए, तो उसमें बैक्टीरिया तेज़ी से पनपने लगते हैं। ऐसी मछली खाने से फूड पॉइज़निंग का खतरा सीधे तौर पर बढ़ जाता है। इसलिए मछली खरीदते ही उसे जल्द से जल्द ठंडक में रखना या पकाना ज़रूरी है।
गंध, रंग और बनावट से पहचानें ताज़गी
ताज़ी मछली से कभी तेज़ या सड़ी हुई गंध नहीं आती। अगर मछली से अजीब सी बदबू आ रही हो, उसका रंग सामान्य से अलग दिख रहा हो या छूने पर वह चिपचिपी महसूस हो, तो ऐसी मछली को न तो खरीदना चाहिए और न ही खाना चाहिए। यह पहचान बारिश के मौसम में और भी ज़्यादा ज़रूरी हो जाती है, क्योंकि इसी दौरान मछली सबसे जल्दी खराब होती है।
कच्ची या अधपकी मछली से बनाएं दूरी
बारिश के मौसम में कच्ची या अधपकी मछली खाने से इन्फेक्शन होने का खतरा और बढ़ जाता है। मछली में मौजूद किसी भी संभावित हानिकारक कीटाणु को पूरी तरह खत्म करने के लिए ज़रूरी है कि उसे अच्छी तरह और पूरी तरह पकाया जाए। जल्दबाज़ी में अधपकी मछली परोसना इस मौसम में सेहत के लिए भारी पड़ सकता है।
खरीदारी करते वक्त बरतें ये सावधानी
सड़क किनारे लगे ऐसे स्टॉल या विक्रेताओं से मछली खरीदने से बचना चाहिए जो साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखते या जिनके पास मछली को ठंडा रखने की सही सुविधा यानी कोल्ड चेन मौजूद नहीं है। मछली हमेशा भरोसेमंद और साफ-सुथरी दुकानों से ही खरीदनी चाहिए, ताकि उसकी गुणवत्ता को लेकर कोई शक न रहे।
फ्रीज़र में लंबे समय से रखी मछली भी खतरनाक
अगर मछली को लंबे समय तक गलत तरीके से रखा गया हो या उसे बार-बार पिघलाया और दोबारा जमाया गया हो, तो उसकी क्वालिटी काफी हद तक बिगड़ जाती है। ऐसी मछली सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है, इसलिए इससे परहेज़ करना ही समझदारी है।
हर मछली खतरनाक नहीं, बस बरतें सतर्कता
बारिश के दौरान सभी तरह की मछलियां नुकसानदायक नहीं होतीं। असली खतरा बासी, गलत तरीके से रखी गई या अधपकी मछली से होता है। इसलिए हमेशा ताज़ी मछली चुनें, साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें और यह पक्का करें कि मछली अच्छी तरह पकी हो।
ये लक्षण दिखें तो न करें देर
अगर मछली खाने के बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द या बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इन्हें नज़रअंदाज़ न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। समय पर इलाज मिलने से फूड पॉइज़निंग की स्थिति गंभीर होने से बचाई जा सकती है।











