दांत में दर्द होने पर कई बार खाना और पीना तक दूभर हो जाता है। खासकर रात के वक्त अगर अचानक दर्द उठ जाए, तो रातों की नींद भी गायब हो जाती है। ऐसी स्थिति में लोग फौरन राहत पाने के लिए घरेलू नुस्खों की तलाश करने लगते हैं। भारतीय घरों में पीढ़ियों से एक ऐसा नुस्खा आजमाया जाता रहा है जो लगभग हर रसोईघर में आसानी से मिल जाता है।
लौंग क्यों है दांत दर्द में फायदेमंद
इस घरेलू उपाय के तौर पर सबसे पहले लौंग का नाम आता है। लौंग सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के काम नहीं आती, बल्कि प्राचीन काल से ही इसका उपयोग दांत के दर्द को दूर करने के लिए किया जाता रहा है। इसमें यूजेनॉल नामक खास तत्व मौजूद होता है, जिसमें एनाल्जेसिक यानी दर्द निवारक और एंटी-इंफ्लेमेटरी यानी सूजन घटाने वाले गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यही वजह है कि डेंटिस्ट्री में भी लौंग के तेल को दर्द कम करने के लिए उपयोगी माना गया है।
लौंग के इस्तेमाल का सही तरीका
जब भी दांत में तेज दर्द हो, तो एक साबुत लौंग को सीधे प्रभावित दांत के पास दबाकर रखा जा सकता है। इसे धीरे-धीरे चबाने या दबाए रखने से इसका रस सीधे उस जगह पर असर करता है। इसके अलावा, लौंग के तेल का इस्तेमाल भी काफी कारगर साबित होता है। इसके लिए कॉटन बॉल यानी रुई पर लौंग के तेल की कुछ बूंदें लेकर दर्द वाली जगह पर बहुत सावधानी से रखना चाहिए। हालांकि, इस बात का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है कि लौंग के तेल को सीधे मसूड़ों पर बहुत ज्यादा मात्रा में न लगाएं, क्योंकि इससे जलन हो सकती है।
दांतों की खराब सफाई है दर्द की मुख्य वजह
आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल के अनुसार, दांतों में दर्द होने की एक सबसे बड़ी और मुख्य वजह उनकी सही तरीके से साफ-सफाई न होना है। अक्सर लोग रात के वक्त बिना ब्रश किए ही बिस्तर पर सो जाते हैं। इस तरह की लापरवाही के कारण भोजन के सूक्ष्म कण दांतों के बीच फंसे रह जाते हैं, जो समय के साथ कैविटी की गंभीर समस्या को जन्म देते हैं। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि रात में सोने से पहले दांतों की अच्छी तरह सफाई की जाए।
नीम का दातुन और मीठे के बाद कुल्ला
डॉक्टर इकबाल ने सुझाव दिया कि यदि आसपास नीम की टहनी आसानी से मिल जाए, तो नीम का दातुन करना बहुत फायदेमंद होता है। इसके साथ ही लौंग का इस्तेमाल भी जारी रखा जा सकता है। इसके अलावा, कुछ भी मीठा खाने के तुरंत बाद मुंह की सफाई करना अनिवार्य रूप से जरूरी है। मीठी चीजें अक्सर दांतों की सतह पर चिपकी रह जाती हैं, जिससे हानिकारक बैक्टीरिया को पनपने के लिए अनुकूल माहौल मिल जाता है। इसलिए किसी भी प्रकार की मीठी चीज का सेवन करने के बाद पानी से मुंह की अच्छी तरह कुल्ला जरूर करना चाहिए।
बैक्टीरिया और प्लाक से लड़ने में नीम की भूमिका
नियमित रूप से नीम का दातुन करने से दांतों के साथ-साथ मसूड़ों की भी गहरी सफाई हो जाती है। नीम के भीतर प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो मुंह के अंदर पल रहे बैक्टीरिया की संख्या को कम करने और मसूड़ों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। इसके नियमित अभ्यास से मुंह की बदबू यानी हेलिटोसिस और प्लाक जमने की समस्या से भी बचाव हो सकता है। इस प्रकार, रसोई में मौजूद लौंग और प्राकृतिक रूप से मिलने वाले नीम जैसे घरेलू उपायों को अपनाकर आप अपने दांतों की सेहत का ख्याल रख सकते हैं और असहज दर्द से राहत पा सकते हैं।



















