मौसम में ठंडक घुलते ही कई लोगों को जोड़ों में खिंचाव और घुटनों में तकलीफ का अहसास होने लगता है। तापमान गिरने के साथ ही शरीर के जोड़ों में भारीपन और चलने-फिरने में असुविधा महसूस होना एक आम शारीरिक समस्या बन जाती है। राजकीय आयुर्वेदिक के चिकित्सक डॉ. मोहम्मद इमरान के अनुसार, बढ़ती उम्र के साथ जोड़ों के भीतर मौजूद चिकनाई कम होने लगती है, जिसे आम बोलचाल में गठिया भी कहा जाता है। जब यह समस्या बिल्कुल शुरुआती चरण में हो, तो घर पर की जाने वाली साधारण देखभाल और पारंपरिक उपचारों की मदद से इसे काफी हद तक काबू में लाया जा सकता है। हालांकि, अगर परेशानी लगातार बनी रहे या दिनोंदिन बढ़ती जाए, तो बिना देर किए किसी योग्य चिकित्सक से संपर्क करके बाकायदा उपचार शुरू करना ही सही कदम होता है।
शुरुआती दर्द में मालिश और सिकाई की अहम भूमिका
जोड़ों की परेशानी जब नई हो, तब नियमित रूप से की जाने वाली देखभाल सबसे अधिक कारगर साबित होती है। डॉ. मोहम्मद इमरान बताते हैं कि दर्द की शुरुआत में सही तरीके से की गई मालिश अथवा सिकाई से मांसपेशियों का तनाव कम हो जाता है। अक्सर देखा जाता है कि प्रारंभिक स्टेज पर घरेलू नुस्खे अपनाने से ही जोड़ों की बेचैनी समाप्त हो जाती है। लेकिन यदि घरेलू कोशिशों के बावजूद आराम न मिले और दर्द कम न हो रहा हो, तो खुद से लंबा इंतजार करने के बजाय किसी प्रशिक्षित चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए ताकि जरूरी दवाओं से रोग को जड़ से ठीक किया जा सके।
लहसुन और सरसों के तेल से करें हल्की मालिश
घरेलू देखभाल में तेल से मालिश करना सबसे प्रभावशाली उपाय माना जाता है। इस विधि को तैयार करने के लिए शुद्ध सरसों का तेल लेकर उसमें लहसुन की कलियों के छोटे-छोटे टुकड़े काट कर डाल लें। इसके बाद तेल को धीमी आंच पर कुछ देर तक अच्छी तरह गर्म होने दें। जब तेल गुनगुना रह जाए, तो उससे घुटनों पर हल्के दबाव के साथ मालिश करें। लहसुन में सूजन कम करने वाले प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं, जो जोड़ों की अकड़न और भीतरी दर्द को शांत करने में विशेष रूप से सहायक होते हैं।
नींबू और तेल का मिश्रण भी है बेहद असरदार
यदि सरसों और लहसुन के अलावा कोई अन्य तरीका आजमाना हो, तो तेल में नींबू का रस मिलाकर उसे हल्का गर्म कर लें। इस गुनगुने मिश्रण को घुटनों और पैरों पर धीरे-धीरे मलने से मांसपेशियों की जकड़न खत्म होती है। पैरों में खिंचाव दूर होने से दर्द में तुरंत राहत मिलती है। घुटनों की कमजोरी और पीड़ा को कम करने के लिए नियमित मालिश को सबसे उत्तम घरेलू चिकित्सा माना गया है। घर पर ही आसानी से तैयार होने वाला यह नुस्खा पैरों के लचीलेपन को वापस लाने में मदद करता है।
गर्म पानी अथवा बर्फ से सही तरीके से करें सिकाई
जिन परिस्थितियों में तेल की मालिश करना संभव न हो, वहां सिकाई के जरिए भी दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है। सिकाई के मुख्य रूप से दो तरीके अपनाए जाते हैं, जिसमें एक गर्म पानी का उपयोग है और दूसरा बर्फ का ठंडा सेक। घुटने में सिर्फ सामान्य दर्द और अकड़न महसूस हो रही हो, तो गर्म पानी से सिकाई करनी चाहिए क्योंकि इससे प्रभावित हिस्से में रक्त संचार तेज होता है। वहीं दूसरी तरफ, यदि घुटने पर सूजन दिखाई दे रही हो, वह छूने में काफी गर्म लगे और हाथ लगाते ही तेज दर्द हो, तो उस स्थिति में बर्फ से 10 से 15 मिनट तक सिकाई करना फायदेमंद रहता है। इसके अतिरिक्त, रात को हल्के गर्म दूध में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर पीने से भी भीतरी दर्द में सुधार होता है। इन सभी घरेलू प्रयोगों से राहत मिल सकती है, पर पुराना और गहरा दर्द होने पर विशेषज्ञ की सलाह सर्वोपरि है।



















