डॉ. सुमन्त कुमार गुप्ता का कहना है कि स्वाइन फ्लू एक वायरस के संक्रमण के कारण फैलने वाली बीमारी है। इस संक्रमण की चपेट में आने पर मरीजों में सर्दी-जुकाम, तेज बुखार और पूरे शरीर में दर्द जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। इसके अलावा कुछ मामलों में बच्चों के भीतर डायरिया के लक्षण भी सामने आ सकते हैं, जिस पर अभिभावकों को विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है।
गंभीर स्थिति से बचाव और जरूरी सावधानियां
चिकित्सकों के अनुसार यदि समय रहते इस बीमारी का सही इलाज शुरू न किया जाए तो स्थिति काफी गंभीर हो सकती है। ऐसे में किसी भी प्रकार के लक्षण दिखते ही तुरंत किसी योग्य चिकित्सक के पास जाकर परामर्श लेना चाहिए और अपना इलाज शुरू करवाना बेहद आवश्यक है।
किन लोगों को बरतनी चाहिए अधिक सतर्कता
जो लोग पहले से डायबिटीज या हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं, उन्हें इस संक्रमण के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा कमजोर इम्युनिटी वाले व्यक्तियों को भी स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण नजर आते ही बिना देरी किए चिकित्सीय सहायता लेनी चाहिए।
संक्रमण से बचाव के प्रभावी उपाय
स्वाइन फ्लू के प्रसार को रोकने और खुद को सुरक्षित रखने के लिए मास्क का नियमित उपयोग करना चाहिए। इसके साथ ही समय-समय पर अपने हाथों को अच्छी तरह साफ करना और किसी भी संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से बचना चाहिए। डॉक्टरों ने इस बीमारी से सुरक्षा के लिए समय पर वैक्सीनेशन कराने की भी सलाह दी है।
खानपान और पोषण का रखें विशेष ध्यान
बीमारी की स्थिति में शरीर को ताकत देने के लिए ताजे फलों, हरी सब्जियों और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए। सही खानपान अपनाने से शरीर को आवश्यक पोषण मिलता है जो रिकवरी में मदद करता है। इस दौरान अधिक तले-भुने और तेल युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए। साथ ही बासी भोजन और बहुत पहले काटकर रखे गए फलों को खाने से भी परहेज करने की हिदायत दी गई है।


















